7.5 किलो का ‘मौत का ट्यूमर’ निकाल AIIMS रायबरेली ने रचा इतिहास, 3 घंटे की जंग के बाद महिला को मिली नई जिंदगी

Editorial
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 रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने चिकित्सा जगत में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और हाई-रिस्क ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 46 वर्षीय महिला के शरीर से करीब 7.5 किलोग्राम वज़न का विशाल गर्भाशय ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचा ली। यह ट्यूमर इतना बड़ा था कि उसने महिला के पेट के लगभग पूरे हिस्से को घेर लिया था और लगातार बढ़ने के कारण उसकी सामान्य जिंदगी भी मुश्किल होती जा रही थी।करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी में डॉक्टरों की बहु-विभागीय टीम ने अद्भुत समन्वय और विशेषज्ञता का परिचय दिया। ऑपरेशन की सफलता के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों ने इसे संस्थान की बड़ी चिकित्सा उपलब्धियों में शामिल किया है।

लगातार बढ़ रही थी पेट की सूजन, जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच

जानकारी के अनुसार, 46 वर्षीय महिला पिछले कुछ समय से पेट में असामान्य सूजन और भारीपन की समस्या से परेशान थीं। शुरुआत में इसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या समझा गया, लेकिन जब सूजन लगातार बढ़ती गई और दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने लगीं, तब उन्हें AIIMS रायबरेली में भर्ती कराया गया।अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा विस्तृत जांच, अल्ट्रासाउंड और अन्य मेडिकल परीक्षण किए गए। जांच रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। महिला के गर्भाशय में लगभग 30 × 30 × 20 सेंटीमीटर आकार का विशाल ट्यूमर विकसित हो चुका था, जिसने पेट के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इतनी बड़ी गांठ शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर भी दबाव बना रही थी, जिससे भविष्य में गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता था।

डॉक्टरों के सामने थी बड़ी चुनौती

इतने बड़े आकार के ट्यूमर को निकालना किसी भी सर्जिकल टीम के लिए आसान नहीं था। ट्यूमर के आकार, उसके आसपास मौजूद रक्त वाहिकाओं और अन्य अंगों की स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन बेहद जोखिमभरा माना जा रहा था।

विशेषज्ञों ने महिला की पूरी मेडिकल हिस्ट्री का अध्ययन किया और फिर बहु-विभागीय टीम बनाकर ऑपरेशन की विस्तृत योजना तैयार की। हर चरण की रणनीति पहले से तय की गई ताकि सर्जरी के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

महिला डॉक्टरों की अगुवाई में हुआ सफल ऑपरेशन

इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल सिन्हा और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अपाला प्रियदर्शिनी ने किया। दोनों विशेषज्ञों ने पूरी सर्जिकल प्रक्रिया का नेतृत्व करते हुए टीम के साथ मिलकर ट्यूमर को सुरक्षित तरीके से शरीर से बाहर निकाला।ऑपरेशन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि महिला के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। डॉक्टरों की सूझबूझ और अनुभव के कारण पूरा ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

जनरल सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग ने निभाई अहम भूमिका

सर्जरी केवल स्त्री रोग विभाग तक सीमित नहीं रही। महिला को अम्बिलिकल हर्निया की भी समस्या थी, जिसके इलाज के लिए जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. शिरीष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ऑपरेशन के दौरान हर्निया का भी सफल उपचार किया।वहीं पूरे ऑपरेशन के दौरान मरीज को सुरक्षित एनेस्थीसिया देने और उसकी जीवन रक्षक निगरानी की जिम्मेदारी एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. कालीचरण दास ने संभाली। उनकी विशेषज्ञता की वजह से पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से पूरी हो सकी।

तीन घंटे तक चला ऑपरेशन, आखिरकार मिली सफलता

करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस हाई-रिस्क सर्जरी में डॉक्टरों ने न केवल पूरे ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला, बल्कि उससे जुड़ी अन्य चिकित्सीय जटिलताओं का भी समाधान किया।ऑपरेशन के बाद महिला को विशेष निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की स्थिति अब स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलता तो भविष्य में यह ट्यूमर जानलेवा साबित हो सकता था।

AIIMS रायबरेली की टीम ने पेश की मिसाल

इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि AIIMS रायबरेली में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और अनुभवी विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। बहु-विभागीय समन्वय, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मिलकर एक ऐसे ऑपरेशन को सफल बनाया जिसे चिकित्सा की दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।अस्पताल प्रशासन ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। भविष्य में भी AIIMS रायबरेली गंभीर और जटिल मामलों के इलाज में इसी तरह उत्कृष्ट सेवाएं देता रहेगा।

महिलाओं के लिए बड़ा संदेश

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने महिलाओं से अपील की है कि यदि पेट में लगातार सूजन, असामान्य दर्द, भारीपन, मासिक धर्म में अनियमितता या पेट का आकार लगातार बढ़ने जैसी समस्याएं दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों का सफल इलाज संभव है।यह मामला इस बात का भी उदाहरण है कि आधुनिक चिकित्सा, अनुभवी डॉक्टरों की टीम और सही समय पर उपचार किसी भी बड़ी चुनौती को मात दे सकते हैं। AIIMS रायबरेली के डॉक्टरों की इस सफलता ने न केवल एक महिला को नई जिंदगी दी है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में संस्थान की विशेषज्ञता और भरोसे को भी नई ऊंचाई प्रदान की है।

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