लखनऊ लुलु मॉल में Tea Board का खास आयोजन, VIP मेहमानों ने चखी भारतीय चाय

Editorial
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लखनऊ। चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि भारत की रोजमर्रा की जिंदगी और सामाजिक संस्कृति का अहम हिस्सा है। सुबह की पहली चुस्की से लेकर दोस्तों और परिवार के साथ होने वाली बातचीत तक, चाय भारतीय जीवनशैली में अपनी खास जगह रखती है। इसी चाय की विविधता, स्वाद और भारतीय पहचान को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लखनऊ के लुलु मॉल में एक अनोखा आयोजन किया गया।Tea Board of India (टी बोर्ड ऑफ इंडिया) की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पहली बार किसी मॉल में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी विभिन्न प्रकार की चाय को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही यहां पहुंचे लोगों को अलग-अलग तरह की भारतीय चाय का स्वाद लेने यानी टी टेस्टिंग का अवसर भी मिला।कार्यक्रम में लखनऊ के कई गणमान्य लोगों, VIP और VVIP मेहमानों ने हिस्सा लिया। मेहमानों ने विभिन्न प्रकार की चाय का स्वाद लिया और भारतीय चाय की विविधता तथा उसकी खासियतों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

लुलु मॉल में पहली बार हुआ अनोखा टी डिस्प्ले

लखनऊ के लुलु मॉल में आयोजित यह कार्यक्रम इसलिए खास रहा क्योंकि आमतौर पर शॉपिंग मॉल में खरीदारी, मनोरंजन और खान-पान से जुड़े आयोजन देखने को मिलते हैं। लेकिन Tea Board of India की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को भारत की चाय संस्कृति से सीधे जोड़ने का प्रयास किया।टी डिस्प्ले के दौरान विभिन्न प्रकार की भारतीय चाय को लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य सिर्फ चाय का स्वाद चखाना नहीं, बल्कि लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में उत्पादित होने वाली चाय की विविधता से परिचित कराना भी रहा।कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों और आगंतुकों को चाय के अलग-अलग स्वाद और विशेषताओं को समझने का मौका मिला। इस दौरान चाय को लेकर लोगों की दिलचस्पी भी देखने को मिली।

लखनऊ लुलु मॉल में Tea Board का खास आयोजन,
लखनऊ लुलु मॉल में Tea Board का खास आयोजन

VIP और VVIP मेहमानों ने लिया चाय का स्वाद

कार्यक्रम में लखनऊ के कई खास मेहमानों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। VIP और VVIP मेहमानों ने कार्यक्रम में मौजूद अलग-अलग प्रकार की चाय का स्वाद लिया।चाय की टेस्टिंग के दौरान मेहमानों को भारतीय चाय की विविधता को करीब से समझने का अवसर मिला। अलग-अलग स्वाद और खुशबू वाली चाय ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।आयोजन में चाय को केवल एक पेय के तौर पर पेश करने के बजाय उससे जुड़ी भारतीय परंपरा, स्वाद और अनुभव को सामने लाने की कोशिश की गई। यही वजह रही कि कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के लिए यह एक अलग तरह का अनुभव रहा।

लुलु ग्रुप के डायरेक्टर ने क्या कहा?

इस खास अवसर पर लुलु ग्रुप के डायरेक्टर श्री जया कुमार गंगोदरण ने कार्यक्रम को लेकर अपनी खुशी जाहिर की।उन्होंने कहा कि लुलु मॉल हमेशा लखनऊ के लोगों को कुछ नया और अनोखा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक चाय हर किसी के जीवन का अहम हिस्सा है और देश में बड़ी संख्या में लोग अपने दिन की शुरुआत चाय की एक चुस्की के साथ करते हैं।उन्होंने Tea Board of India का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस विशेष आयोजन के लिए लुलु मॉल लखनऊ को चुना गया। उनके बयान से साफ है कि मॉल प्रबंधन ऐसे आयोजनों के जरिए लोगों को नए अनुभव देने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों और उत्पादों से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है।

भारतीय चाय की विविधता को समझने का मिला मौका

भारत दुनिया के प्रमुख चाय उत्पादक देशों में शामिल है। देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों और जलवायु परिस्थितियों के कारण यहां चाय की कई अलग-अलग किस्में और स्वाद देखने को मिलते हैं।कहीं चाय अपने खास स्वाद के लिए पहचानी जाती है तो कहीं उसकी खुशबू और गुणवत्ता उसे अलग पहचान देती है। चाय उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों में किसानों, श्रमिकों और कारोबारियों की बड़ी भूमिका होती है।ऐसे में Tea Board of India का इस तरह का आयोजन उपभोक्ताओं को चाय के उत्पादन और उसकी विविधता के बारे में जानकारी देने का माध्यम भी बन सकता है।लखनऊ जैसे बड़े शहर में मॉल के माध्यम से आम लोगों तक चाय की विभिन्न किस्मों को पहुंचाना एक अलग तरह की पहल रही। इससे उन लोगों को भी अलग-अलग चाय के स्वाद को समझने का मौका मिला, जो आमतौर पर एक ही तरह की चाय पीने के आदी होते हैं।

चाय सिर्फ स्वाद नहीं, भारतीय संस्कृति का हिस्सा

भारत में चाय का संबंध सिर्फ स्वाद और पेय से नहीं है। मेहमानों के स्वागत से लेकर परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत तक चाय का इस्तेमाल सामाजिक जुड़ाव के रूप में भी होता है।’एक कप चाय’ के साथ होने वाली बातचीत भारतीय समाज की आम तस्वीर है। यही वजह है कि चाय से जुड़े किसी भी आयोजन में लोगों की दिलचस्पी स्वाभाविक रूप से दिखाई देती है।लखनऊ में आयोजित Tea Display और Testing कार्यक्रम ने भी चाय के इसी सामाजिक और सांस्कृतिक पक्ष को सामने लाने का अवसर दिया।

लोगों के लिए रहा नया अनुभव

कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने भारतीय चाय के बारे में नई जानकारी हासिल की और अलग-अलग प्रकार की चाय का स्वाद लिया। चाय की टेस्टिंग के दौरान लोगों ने इसके स्वाद और अनुभव को लेकर रुचि दिखाई।आयोजकों का उद्देश्य लोगों को भारतीय चाय की दुनिया से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि भारत में चाय केवल रोजाना पी जाने वाला पेय नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा कृषि, व्यापार और सांस्कृतिक तंत्र भी मौजूद है।

लखनऊ में ऐसे आयोजनों की बढ़ रही भूमिका

लखनऊ में बड़े मॉल और सार्वजनिक स्थान अब केवल खरीदारी के केंद्र नहीं रह गए हैं। यहां समय-समय पर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए लोगों को नई चीजों का अनुभव करने का अवसर मिलता है।Tea Board of India का यह आयोजन भी इसी दिशा में एक खास पहल के रूप में देखा जा सकता है। मॉल में आने वाले लोगों को देश की चाय की विविधता से परिचित कराने के साथ-साथ भारतीय चाय की संस्कृति को नए दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

आयोजन रहा सफल

लुलु मॉल लखनऊ में आयोजित Tea Display और Testing कार्यक्रम को सफल आयोजन के रूप में देखा गया। कार्यक्रम में पहुंचे खास मेहमानों और आम आगंतुकों ने भारतीय चाय की अलग-अलग किस्मों का स्वाद लिया और इसके बारे में जानकारी हासिल की।इस आयोजन ने एक बार फिर यह दिखाया कि भारत में चाय सिर्फ सुबह की शुरुआत करने वाला पेय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और संस्कृति का हिस्सा है।लखनऊ के लुलु मॉल में Tea Board of India की यह पहल चाय प्रेमियों के लिए एक अलग अनुभव लेकर आई। आने वाले समय में अगर इस तरह के आयोजन देश के अन्य शहरों में भी किए जाते हैं, तो भारतीय चाय की विविधता, गुणवत्ता और उससे जुड़े उद्योग को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

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