ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में लगातार सामने आ रही तेंदुओं की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही उन्हें सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप केज लगाए गए हैं और तेंदुओं की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।इसी अभियान के तहत रविवार को ग्राम मलकपुर सेमली में एक और तेंदुए का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ट्रैप केज के माध्यम से सुरक्षित पकड़ लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इसके साथ ही क्षेत्र में रेस्क्यू किए गए तेंदुओं की कुल संख्या 14 हो गई है।वन विभाग का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। जहां से भी तेंदुए की गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां टीमों द्वारा निगरानी बढ़ाई जा रही है और जरूरत के अनुसार रेस्क्यू की कार्रवाई की जा रही है।
मलकपुर सेमली में ट्रैप केज से पकड़ा गया तेंदुआ
रविवार को वन विभाग की टीम को मलकपुर सेमली गांव में तेंदुए की गतिविधि की सूचना मिली। इसके बाद क्षेत्र में निगरानी और रेस्क्यू की कार्रवाई की गई। टीम ने तेंदुए को ट्रैप केज के जरिए सुरक्षित पकड़ लिया।रेस्क्यू अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने सावधानी बरतते हुए तेंदुए को सुरक्षित तरीके से केज में कैद किया। तेंदुए के रेस्क्यू के बाद आसपास के ग्रामीणों में राहत का माहौल रहा।वन विभाग की ओर से लगातार इस तरह की कार्रवाई किए जाने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
अब तक 14 तेंदुओं का रेस्क्यू
ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में तेंदुओं की सक्रियता को देखते हुए चलाए जा रहे अभियान के दौरान अब तक कुल 14 तेंदुओं का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है।वन विभाग ने अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैप केज लगाए हैं। टीमों द्वारा संभावित स्थानों पर निगरानी की जा रही है। तेंदुए की गतिविधि की पुष्टि होने के बाद संबंधित स्थान पर रेस्क्यू की कार्रवाई की जाती है।एक के बाद एक तेंदुओं के रेस्क्यू से यह भी स्पष्ट है कि वन विभाग क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर लगातार निगरानी कर रहा है। हालांकि अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और टीमें लगातार सक्रिय हैं।

ग्रामीण इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
तेंदुओं की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए दिखाई देने या उनकी गतिविधियों के संकेत मिलने पर टीमों को सूचना दी जा रही है।वन विभाग का प्रयास है कि तेंदुओं को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए। इसके लिए संभावित क्षेत्रों में ट्रैप केज लगाए जा रहे हैं।ग्रामीणों को भी सलाह दी जा रही है कि वे तेंदुए को देखने पर उसके करीब जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें। वन्यजीव की गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को देना अधिक सुरक्षित है।
ग्रामीणों की सुरक्षा वन विभाग की प्राथमिकता
वन विभाग के अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल बन सकता है। ऐसे में समय पर निगरानी और रेस्क्यू अभियान जरूरी हो जाता है।विभाग की टीमें संभावित इलाकों में लगातार नजर रख रही हैं। तेंदुए के संबंध में सूचना मिलने के बाद मौके की स्थिति का आकलन किया जाता है और जरूरत पड़ने पर ट्रैप केज के माध्यम से रेस्क्यू की कार्रवाई की जाती है।वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों को सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। इसी वजह से रेस्क्यू की कार्रवाई सावधानी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।
तेंदुआ दिखे तो क्या करें ग्रामीण?
वन विभाग की ओर से तेंदुओं की सक्रियता वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों से कहा गया है कि यदि उन्हें तेंदुआ दिखाई देता है तो घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।तेंदुए के पीछे जाने, उसे घेरने या भीड़ लगाकर देखने से बचना चाहिए। किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी में दूरी बनाए रखना लोगों के साथ-साथ वन्यजीव की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अकेले सुनसान स्थानों पर जाने के दौरान सावधानी बरतने और बच्चों को भी ऐसे क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी जा रही है।
अभियान अभी भी जारी
मलकपुर सेमली में एक और तेंदुए के रेस्क्यू के बाद अब तक पकड़े गए तेंदुओं की संख्या 14 हो गई है। हालांकि वन विभाग ने अभियान को अभी समाप्त नहीं किया है।तहसील ठाकुरद्वारा के जिन क्षेत्रों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचनाएं सामने आ रही हैं, वहां निगरानी जारी रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार नए स्थानों पर ट्रैप केज लगाए जा सकते हैं।वन विभाग की टीमें संभावित क्षेत्रों में गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रयास है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले तेंदुओं की गतिविधियों का पता लगाया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।
वन्यजीव और इंसान के बीच संतुलन जरूरी
ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी वन्यजीव और मानव आबादी के बीच बढ़ते संपर्क की ओर भी संकेत करती है। ऐसे में केवल तेंदुओं को पकड़ना ही समाधान नहीं है, बल्कि उनके सुरक्षित प्राकृतिक आवास और ग्रामीणों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।वन विभाग इसी उद्देश्य से रेस्क्यू अभियान चला रहा है। सुरक्षित तरीके से तेंदुओं को पकड़ना और उनकी आगे की व्यवस्था निर्धारित प्रक्रिया के तहत करना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।फिलहाल मलकपुर सेमली में तेंदुए के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं 14 तेंदुओं के रेस्क्यू के बावजूद वन विभाग की निगरानी और अभियान लगातार जारी है। आने वाले दिनों में तेंदुओं की गतिविधियों पर विभाग की नजर बनी रहेगी।
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