रिपोर्ट :मो अरशद
मुरादाबाद में पुलिस विभाग ने थानों में लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद के निर्देशन में जिले के थानों की कार्यप्रणाली और लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में 17 सितंबर 2026 को क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन्स ने थाना मझोला पहुंचकर निरीक्षक और उपनिरीक्षकगण का ओआर यानी अर्दली रूम लिया। इस दौरान थाने में लंबित विवेचनाओं, गैर-जमानती वारंट (NBW) और प्रार्थना पत्रों की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई।पुलिस अधिकारियों ने लंबित मामलों को लेकर संबंधित विवेचकों से जानकारी ली और निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले का नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए। अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और फरियादियों को अपनी शिकायत या मामले की सुनवाई के लिए बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।
थाना मझोला में लंबित मामलों की समीक्षा
अर्दली रूम के दौरान क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन्स ने थाना मझोला में चल रही पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा गया। संबंधित अधिकारियों से मामलों की प्रगति के बारे में जानकारी ली गई और जहां भी प्रकरण लंबित पाए गए, वहां समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।पुलिस विभाग में विवेचना को किसी भी आपराधिक मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। किसी मामले में साक्ष्य जुटाने, संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करने में विवेचना की अहम भूमिका होती है। ऐसे में विवेचनाओं के अनावश्यक रूप से लंबित रहने से फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।इसी को देखते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लंबित विवेचनाओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

NBW मामलों पर भी अधिकारियों की नजर
समीक्षा के दौरान गैर-जमानती वारंट (NBW) से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।पुलिस अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि ऐसे मामलों की लगातार निगरानी हो और संबंधित प्रकरणों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। लंबित NBW को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय से संबंधित मामलों में पुलिस की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। इससे लंबित मामलों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी और संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जा सकेगी।

प्रार्थना पत्रों के निस्तारण पर भी जोर
अर्दली रूम में थाने पर प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि शिकायत लेकर आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।पुलिस व्यवस्था में शिकायत लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों के लिए समयबद्ध कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है। किसी शिकायत के लंबे समय तक लंबित रहने से शिकायतकर्ता को परेशानी हो सकती है। ऐसे में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रार्थना पत्रों का अनावश्यक रूप से लंबित रहना स्वीकार नहीं किया जाएगा।पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों की जांच करते समय तथ्यों को प्राथमिकता दी जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस अभिलेखों के रखरखाव पर भी निर्देश
समीक्षा के दौरान केवल लंबित मामलों पर ही नहीं, बल्कि पुलिस अभिलेखों के उचित रखरखाव को लेकर भी अधिकारियों ने दिशा-निर्देश दिए। संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने तथा आवश्यक प्रविष्टियों को समय से पूरा करने के लिए कहा गया।पुलिस विभाग में विभिन्न मामलों से जुड़े अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे किसी मामले की पुरानी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।अधिकारियों ने कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और पुलिसिंग से जुड़े अन्य आवश्यक बिंदुओं पर भी संबंधित कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए।
लापरवाही पर होगी सख्ती
अधिकारियों ने साफ किया कि लंबित मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस अधिकारियों की ओर से थानों की लगातार समीक्षा का उद्देश्य लंबित मामलों की संख्या को नियंत्रित करना और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है। इसके साथ ही फरियादियों को समय पर राहत दिलाने और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
फरियादियों को राहत पहुंचाना प्राथमिकता
मुरादाबाद पुलिस की ओर से की जा रही इस समीक्षा का सीधा उद्देश्य थानों में लंबित मामलों की निगरानी मजबूत करना है। लंबित विवेचनाओं, NBW और प्रार्थना पत्रों की नियमित समीक्षा से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किस मामले में कार्रवाई लंबित है और उसे पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जाने जरूरी हैं।थाना मझोला में हुए अर्दली रूम के दौरान अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मामलों को लंबित रखने के बजाय निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई की जाए।पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि थानों की कार्यप्रणाली, लंबित विवेचनाओं और शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने सभी संबंधित पुलिसकर्मियों से कानून के दायरे में रहते हुए प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
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