रिपोर्ट :मो अरशद
मुरादाबाद तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) में चल रहे दशलक्षण महापर्व के तहत धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ किया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित जिनालय और रिद्धि-सिद्धि भवन में उत्तम आर्जव और उत्तम मार्दव धर्म के अवसर पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पूजन-अर्चन, अभिषेक, शांतिधारा, आरती, तत्त्वार्थ सूत्र वाचन और दशलक्षण पूजा के साथ पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में नजर आया।कार्यक्रम के दौरान आयोजित ‘झुके अभिमान, जागे आत्मज्ञान’ सांस्कृतिक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रस्तुति के माध्यम से अहंकार त्याग, आत्मबोध और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
विधि-विधान से हुआ अभिषेक और पूजन
उत्तम आर्जव धर्म के अवसर पर जिनालय एवं रिद्धि-सिद्धि भवन परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत विधि-विधान से हुई। भगवान का अभिषेक डॉ. विपिन जैन, चीफ हॉस्टल वार्डन आदित्य, अक्षत एवं डॉ. विपिन, डीन मैनेजमेंट ने स्वर्ण कलश से इंद्रों के रूप में किया।इसके बाद रजत झारी से शांतिधारा प्रिंस, हर्ष, नमन, हर्षल, शुभ एवं अध्यतन जैन ने की। वहीं स्वर्ण झारी से अक्षत, प्रिंस, जीवांश, विशेष, सौम्य, लक्ष्य एवं अगम जैन ने शांतिधारा संपन्न की।अंशी, अनन्या, सुबिधि, दीक्षा, पलक, प्रिन्सी, राखी एवं कीर्ति जैन ने अष्टकुमारी बनकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन कृति जैन ने किया। पंडित ऋषभशास्त्री के मुखारविंद से विधि-विधानपूर्वक पूजा संपन्न कराई गई।पूजन के दौरान लोकेश जैन एंड पार्टी की ओर से प्रस्तुत भक्तिमय भजनों ने माहौल को भक्तिरस से भर दिया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान महावीर, पंच परमेष्ठी एवं शांतिनाथ भगवान की आरती की गई।

ढोल-नगाड़ों के साथ रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंची आरती
संध्या समय कार्यक्रम में भक्ति और उत्साह का रंग और गहरा हो गया। डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं फैकल्टी सदस्यों की ओर से दिव्य घोष और ढोल-नगाड़ों के साथ जिनालय से श्रीजी की आरती को रिद्धि-सिद्धि भवन तक ले जाया गया।रिद्धि-सिद्धि भवन में भगवान महावीर, पंच परमेष्ठी एवं शांतिनाथ भगवान की आरती संपन्न हुई। इसके बाद भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। भजनों की प्रस्तुति के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।‘मेरी तो पतंग उड़ गई रे…’, ‘जब मन न लगे कहीं टीएमयू चले आना…’ और ‘भगति में होकर मगन नाचूं मैं आज छम-छम-छम’ जैसे भजनों ने माहौल को उत्साह और भक्ति से भर दिया। विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

उत्तम मार्दव ने दिया अहंकार त्याग का संदेश
दशलक्षण महापर्व के उत्तम मार्दव धर्म के अवसर पर पंडित ऋषभ शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अहंकार त्याग और विनम्रता का संदेश दिया। उन्होंने धन, पद, ज्ञान और उपलब्धियों को लेकर मन में अहंकार न रखने की सीख दी।प्रवचन के दौरान उन्होंने आत्मिक उन्नति के लिए ‘मैं’ और ‘मेरा’ के भाव से ऊपर उठने तथा आत्मबोध और संयम की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि वास्तविक आध्यात्मिक विकास केवल बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अपने भीतर के भावों को समझने और उन्हें संयमित करने से होता है।उनके प्रवचन ने दशलक्षण महापर्व के मूल संदेश को विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का काम किया।
‘झुके अभिमान, जागे आत्मज्ञान’ ने खींचा ध्यान
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद टीएमयू ऑडिटोरियम में डेंटल कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘झुके अभिमान, जागे आत्मज्ञान’ विषय पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में सम्राट भरत और बाहुबली के प्रसंग को आधार बनाकर भौतिक विजय से आध्यात्मिक विजय की यात्रा को दर्शाया गया।विद्यार्थियों ने मंचन के माध्यम से बताया कि सांसारिक वैभव, सत्ता और उपलब्धियां व्यक्ति को वास्तविक आत्मिक शांति नहीं दे सकतीं। प्रस्तुति में बाहुबली के सांसारिक वैभव और राजपाट का त्याग कर तप एवं साधना के मार्ग को अपनाने के प्रसंग को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने अहंकार से आत्मबोध और भौतिक विजय से आध्यात्मिक विजय की ओर बढ़ने का संदेश दिया। प्रस्तुति के बाद उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना की।
फाइनल ईयर विद्यार्थियों को दी गई फेयरवेल
कार्यक्रम के दौरान टीएमयू के माननीय कुलपति प्रो. वी.के. जैन की उपस्थिति में डेंटल कॉलेज, फिजिकल एजुकेशन कॉलेज, फाइन आर्ट कॉलेज एवं फैकल्टी ऑफ एजुकेशन कॉलेज के फाइनल ईयर विद्यार्थियों को फेयरवेल दी गई।इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय परिवार रहा मौजूद
कार्यक्रम में टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन एवं ऋचा जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन एवं जाह्नवी जैन तथा सुश्री नंदनी सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य मौजूद रहे।इसके अलावा प्रो. विपिन जैन, डॉ. विपिन जैन, प्रो. एसके जैन, मनोज जैन, डॉ. विनोद कुमार जैन, डॉ. आदित्य जैन, डॉ. रवि जैन, डॉ. अक्षय जैन, अंकित जैन, वैभव जैन, डॉ. कल्पना जैन, डॉ. नीलिमा जैन, अहिंसा जैन, निकिता जैन, स्वाति जैन, आरजू जैन, डॉ. अर्चना जैन, आरती जैन, सुनिधि जैन एवं डॉ. चारुल जैन सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।टीएमयू में आयोजित दशलक्षण महापर्व के इन कार्यक्रमों ने धार्मिक आस्था के साथ विद्यार्थियों को विनम्रता, आत्मबोध, संयम और अहंकार त्याग का संदेश भी दिया। धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के संगम ने विश्वविद्यालय परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बनाए रखा।
Read onhttp://गर अली बने बाराबंकी पीडीए पंचायत प्रभारी, सपा छात्र सभा ने दी जिम्मेदारी
Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

