मैक्स अस्पताल लखनऊ में चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर शुरू, बच्चों को मिलेगी विशेषज्ञ देखभाल

Editorial
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लखनऊ बच्चों के विकास, व्यवहार और न्यूरोलॉजी से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार को आसान बनाने के लिए मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, लखनऊ ने समर्पित चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की है। इस सेंटर का उद्देश्य बच्चों में विकास संबंधी किसी भी परेशानी की जल्द पहचान, सही जांच और जरूरत के अनुसार उपचार एवं थेरेपी उपलब्ध कराना हैअस्पताल के मुताबिक, चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में बच्चों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग विशेषज्ञ मिलकर काम करेंगे। इसके तहत बच्चों के विकास, व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजी से जुड़ी समस्याओं को एक समग्र दृष्टिकोण के साथ देखने का प्रयास किया जाएगा। सेंटर का नेतृत्व डॉ. एम.यू. हसन, डायरेक्टर एवं एचओडी, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी; डॉ. अंकिता गर्ग, कंसल्टेंट, चाइल्ड एंड एडोलसेंट साइकियाट्री; और डॉ. देविना सिंह, कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी करेंगी।

1 से 18 साल तक के बच्चों को मिलेगी सुविधा

मैक्स अस्पताल लखनऊ के नए चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में 1 से 18 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल और उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल के अनुसार, यहां बच्चों के विकास और व्यवहार से जुड़ी विभिन्न परेशानियों के लिए विशेषज्ञों की मदद उपलब्ध कराई जाएगी।सेंटर में ऑटिज्म, एडीएचडी, बोलने में देरी, चलने या अन्य गतिविधियां सीखने में देरी, पढ़ाई से जुड़ी परेशानियां, चीजों को महसूस करने और समझने में दिक्कत, सेरेब्रल पाल्सी, डाउन सिंड्रोम, बौद्धिक विकास से जुड़ी समस्याएं, सामाजिक बातचीत में परेशानी, मिर्गी और व्यवहार संबंधी समस्याओं के लिए सहायता उपलब्ध होगी।अस्पताल का कहना है कि प्रत्येक बच्चे की जरूरत अलग हो सकती है। इसलिए उसकी स्थिति के अनुसार विशेषज्ञों की टीम मूल्यांकन कर उपचार और थेरेपी की योजना तैयार करेगी।

मैक्स अस्पताल लखनऊ में चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर शुरू
मैक्स अस्पताल लखनऊ में चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर शुरू

बच्चे के विकास में देरी को नजरअंदाज न करने की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शुरुआती वर्षों में विकास से जुड़े संकेतों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। खासतौर पर 2 से 4 वर्ष की उम्र में अगर बच्चा देर से बोल रहा है या भाषा सीखने में परेशानी हो रही है तो माता-पिता को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।देर से बोलने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ मामलों में ऑटिज्म, सुनने में परेशानी या विकास से जुड़ी अन्य समस्या इसकी वजह हो सकती है। इसलिए बच्चे के विकास में देरी दिखाई देने पर समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर बच्चे का मूल्यांकन होने से उसकी जरूरतों को समझने और आवश्यक सहायता की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

मैक्स अस्पताल लखनऊ में चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर शुरू
मैक्स अस्पताल लखनऊ में चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर शुरू

अलग-अलग विशेषज्ञ एक साथ करेंगे काम

चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर की खासियत यह होगी कि यहां बच्चों की अलग-अलग जरूरतों के लिए कई विशेषज्ञ एक साथ काम करेंगे। विकास संबंधी समस्याएं कई बार बच्चे के बोलने, सीखने, व्यवहार, चलने-फिरने और सामाजिक संपर्क जैसे अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित कर सकती हैं।ऐसे में केवल एक क्षेत्र पर ध्यान देने के बजाय बच्चे की समग्र स्थिति को समझने की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से सेंटर में पीडियाट्रिक्स, चाइल्ड एंड एडोलसेंट साइकियाट्री और पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे।अस्पताल के मुताबिक, विशेषज्ञों की टीम बच्चे की क्षमताओं, चुनौतियों और जरूरतों को समझकर व्यक्तिगत स्तर पर थेरेपी और उपचार की योजना तैयार करेगी।

स्पीच से लेकर फिजियोथेरेपी तक की सुविधा

चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में बच्चों के लिए कई प्रकार की थेरेपी की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, एप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस (ABA) थेरेपी, स्पेशल एजुकेशन, बिहेवियरल थेरेपी, अर्ली इंटरवेंशन, फिजियोथेरेपी और सेंसेरी इंटीग्रेशन थेरेपी शामिल हैं।इन सेवाओं का उद्देश्य बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग कौशल विकसित करने में सहायता देना है। अस्पताल के अनुसार, थेरेपी की योजना बच्चे की व्यक्तिगत जरूरत और मूल्यांकन के आधार पर तैयार की जाएगी।

परिवार की भूमिका को भी दिया जाएगा महत्व

चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत पर डॉ. एम.यू. हसन ने कहा कि हर बच्चा अलग तरीके से सीखता है और समय पर सही मदद मिलने से उसके विकास में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायता मिल सकती है।उन्होंने कहा कि बच्चे की देखभाल केवल थेरेपी सेशन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसमें परिवार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेषज्ञों की टीम माता-पिता के साथ मिलकर बच्चे की खूबियों, चुनौतियों और जरूरतों को समझने का प्रयास करेगी।अस्पताल के मुताबिक, परिवार को बच्चे की जरूरतों को समझने और उसकी देखभाल में सहयोग करने के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

शुरुआती संकेतों पर ध्यान देने की जरूरत

डॉ. अंकिता गर्ग ने कहा कि बच्चे के शुरुआती वर्ष उसके विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं। यदि बच्चा देर से बोल रहा है, आंखों में देखकर बातचीत नहीं करता, नाम पुकारने पर ध्यान नहीं देता या व्यवहार और ध्यान से जुड़ी परेशानी दिखाई देती है तो माता-पिता को विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सहायता मिलने से बच्चे की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है। एक ही सेंटर पर अलग-अलग विशेषज्ञों की उपलब्धता से परिवारों के लिए उपचार और जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है।

न्यूरोलॉजी से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान

पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. देविना सिंह के अनुसार, बच्चे का विकास केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होता। इसका संबंध बोलने, सीखने, चलने, व्यवहार और दूसरों के साथ बातचीत जैसे कई पहलुओं से हो सकता है।उन्होंने कहा कि कुछ बच्चों को न्यूरोलॉजी की जांच और उपचार के साथ स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, व्यवहार संबंधी थेरेपी, फिजियोथेरेपी और पोषण पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।उनके मुताबिक, अलग-अलग विशेषज्ञों का मिलकर काम करना बच्चे की जरूरतों को समझने और उसके लिए उचित उपचार योजना तैयार करने में मदद कर सकता है।

बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

मैक्स अस्पताल लखनऊ के अनुसार, चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर ध्यान देना नहीं, बल्कि बच्चों को उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों में अधिक सक्षम बनाने में मदद करना भी है।थेरेपी और शुरुआती हस्तक्षेप के माध्यम से बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार सीखने, संवाद करने और रोजमर्रा के काम करने में सहायता देने पर जोर रहेगा। इसके साथ ही माता-पिता को भी बच्चे की देखभाल और उसकी जरूरतों को समझने के लिए सहयोग दिया जाएगा।

लखनऊ में बच्चों की समग्र देखभाल की दिशा में नई सुविधा

चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत से बच्चों के विकास, व्यवहार और न्यूरोलॉजी से जुड़ी समस्याओं के लिए एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।अस्पताल का कहना है कि सेंटर में बच्चे की जरूरत के अनुसार मूल्यांकन, उपचार और थेरेपी की योजना बनाई जाएगी। साथ ही परिवार को भी उपचार प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, लखनऊ की ओर से शुरू की गई यह सुविधा उन माता-पिता के लिए उपयोगी हो सकती है जो अपने बच्चों के विकास, व्यवहार, सीखने, बोलने या न्यूरोलॉजी से जुड़े संकेतों को लेकर विशेषज्ञ सलाह चाहते हैं।अस्पताल ने जोर दिया है कि बच्चे के विकास में किसी भी तरह की देरी या असामान्य बदलाव दिखाई देने पर माता-पिता को इसे नजरअंदाज करने के बजाय बाल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। समय पर मूल्यांकन और जरूरत के अनुसार सहायता बच्चे की विकास यात्रा को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

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