CM योगी ने 26 पुलिसकर्मियों को दिए वीरता पदक

Editorial
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लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को पुलिस सम्मान और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले 26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक तकनीक से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस बल की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी उसकी अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने आधुनिक तकनीक और संसाधनों के माध्यम से पुलिसिंग को और मजबूत करने पर जोर दिया।

CM योगी ने 26 पुलिसकर्मियों को दिए वीरता पदक
CM योगी ने 26 पुलिसकर्मियों को दिए वीरता पदक

26 पुलिसकर्मियों को मिला वीरता पदक

लोकभवन में आयोजित पदक अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुल 26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इनमें अलग-अलग अवसरों पर बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए चयनित पुलिसकर्मी शामिल रहे।इन पुलिसकर्मियों को पदक के साथ प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने उनके साहस को पुलिस बल के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के योगदान को रेखांकित करते हुए कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की गई।मुख्यमंत्री ने सम्मानित पुलिसकर्मियों के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि की घोषणा भी की। इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने और उत्कृष्ट सेवा को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।

शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी सम्मानित

कार्यक्रम का एक भावुक पक्ष शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिवार का सम्मान रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी पत्नी मुनेश देवी को सम्मानित किया। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें नकद राशि और अंगवस्त्र प्रदान किया गया।इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने जनवरी 2025 में शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस का प्रदर्शन किया था। ड्यूटी के दौरान वह शहीद हो गए थे। रिपोर्टों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर सरकार ने उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र देने की घोषणा भी की थी।शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के योगदान को याद किया। कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है।

87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी

पुलिसकर्मियों के सम्मान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों का इस्तेमाल यातायात नियमों के प्रभावी पालन, सड़क सुरक्षा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।इंटरसेप्टर वाहनों में आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की निगरानी और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इन वाहनों के जरिए पुलिस की फील्ड में पहुंच और प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।सरकार की ओर से आधुनिक संसाधनों को पुलिसिंग से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। नए वाहनों को इसी दिशा में एक कदम बताया गया है।

सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर फोकस

87 इंटरसेप्टर वाहनों को रवाना करने के दौरान सड़क सुरक्षा भी प्रमुख विषय रहा। इंटरसेप्टर वाहनों का इस्तेमाल विशेष रूप से यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी और सड़क सुरक्षा से जुड़े अभियानों में किया जा सकता है।आधुनिक उपकरणों से लैस वाहनों के जरिए पुलिस को अधिक तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में भी इन संसाधनों का उपयोग किया जा सकेगा।कार्यक्रम में आधुनिक पुलिसिंग के साथ तकनीक के इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में पुलिस व्यवस्था को भी आधुनिक संसाधनों के साथ आगे बढ़ना होगा।

‘सुरक्षा के बिना विकास संभव नहीं’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सुरक्षा व्यवस्था के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण होना जरूरी है। सुरक्षित माहौल में ही लोग अपने कार्य, व्यवसाय और विकास से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं।उन्होंने पुलिस की भूमिका को केवल अपराध नियंत्रण से जोड़कर देखने के बजाय व्यापक सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में रखने की बात कही। उनके मुताबिक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लोगों के अंदर भरोसा पैदा करती है और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है।

पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन

कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का भी विमोचन किया गया। यह पुस्तक पुलिस सुधारों और लेखक के विभिन्न राज्यों में पुलिस सेवा के अनुभवों पर आधारित बताई गई है।प्रकाश सिंह ने उत्तर प्रदेश के अलावा असम, नागालैंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी पुलिस सेवा की है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों और पुलिस सुधार से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया।पुस्तक के विमोचन को पुलिस व्यवस्था, सुधार और अधिकारियों के अनुभवों से जुड़े विमर्श के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना गया।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर गिनाए बदलाव

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार के कार्यकाल और वर्ष 2017 से पहले की स्थिति के बीच तुलना भी की। उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदेश में माफिया का प्रभाव था और पुलिस के सामने कई तरह की चुनौतियां थीं।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय पुलिस और प्रशासन पर दबाव रहता था। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक वक्तव्य और उनके द्वारा किया गया आकलन है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के साथ उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रखने की बात कही। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कर्तव्यनिष्ठा और पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने और नए इंटरसेप्टर वाहनों को रवाना करने के साथ सरकार ने एक ओर बहादुर पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान दिया, वहीं दूसरी ओर पुलिसिंग में तकनीक और आधुनिक संसाधनों के इस्तेमाल का संदेश भी दिया।लखनऊ के लोकभवन में आयोजित यह कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के सम्मान, शहीद परिवार के प्रति संवेदना और आधुनिक पुलिसिंग के विस्तार—तीनों पहलुओं के कारण चर्चा में रहा। 26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक और 87 इंटरसेप्टर वाहनों की शुरुआत को पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कदम के तौर पर पेश किया गया।

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