फर्रुखाबाद में राशन कालाबाजारी के आरोप में कोटेदार की दुकान निरस्त, पति समेत FIR

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण में अनियमितता और खाद्यान्न की कथित कालाबाजारी के मामले में पूर्ति विभाग ने कार्रवाई की है। नवाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत पिलखना में उचित दर विक्रेता रूपा देवी की राशन दुकान का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। वहीं, मामले में उनके पति विजय सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के राशन विक्रेताओं को नियमानुसार खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई है।जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राशन दुकान से संबंधित मामले में 50.46 क्विंटल चावल, 14 क्विंटल बाजरा और 33 किलोग्राम चीनी की कथित कालाबाजारी तथा वितरण में अनियमितता के आरोप सामने आए थे। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित उचित दर विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक स्पष्टीकरण और पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद दुकान के अनुबंध को निरस्त करने की कार्रवाई की गई।

फर्रुखाबाद में राशन कालाबाजारी के आरोप में कोटेदार की दुकान निरस्त
फर्रुखाबाद में राशन कालाबाजारी के आरोप में कोटेदार की दुकान निरस्त

चावल, बाजरा और चीनी की कालाबाजारी के आरोप

पूर्ति विभाग के मुताबिक, पिलखना ग्राम पंचायत की उचित दर विक्रेता रूपा देवी पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित खाद्यान्न के वितरण में अनियमितता बरतने और बड़ी मात्रा में राशन की कालाबाजारी करने के आरोप लगे थे। मामले में 50.46 क्विंटल चावल, 14 क्विंटल बाजरा और 33 किलोग्राम चीनी का उल्लेख किया गया है।सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य पात्र राशन कार्डधारकों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाना है। इसके लिए उचित दर की दुकानों के माध्यम से राशन वितरण किया जाता है। व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूर्ति विभाग समय-समय पर दुकानों के अभिलेखों, खाद्यान्न के स्टॉक और वितरण संबंधी शिकायतों की जांच करता है।ऐसे में राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की जाती है। पिलखना की राशन दुकान से जुड़े मामले में भी विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है।

फर्रुखाबाद में राशन कालाबाजारी के आरोप में कोटेदार की दुकान निरस्त
फर्रुखाबाद में राशन कालाबाजारी के आरोप में कोटेदार की दुकान निरस्त

स्पष्टीकरण मांगा, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई

जिला पूर्ति अधिकारी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस मामले में एक जुलाई 2026 को लगाए गए आरोपों के संबंध में संबंधित उचित दर विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, विभाग के अनुसार पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए।इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी के 18 अक्टूबर 2026 के अनुमोदन के बाद राशन दुकान का अनुबंध निरस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत की गई है।विभागीय कार्रवाई के साथ ही मामले में कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई। पूर्ति विभाग की ओर से कोतवाली मेरापुर में रूपा देवी और उनके पति विजय सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई गई है।मुकदमा दर्ज होना आरोपों के अंतिम रूप से साबित होने के समान नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई

राशन वितरण व्यवस्था में खाद्यान्न की उपलब्धता और उसके निर्धारित तरीके से वितरण को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधान लागू होते हैं। इस मामले में विभाग ने अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है।पूर्ति विभाग का कहना है कि राशन वितरण में अनियमितता या कालाबाजारी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है। उचित दर विक्रेताओं की जिम्मेदारी है कि वे पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराएं और वितरण से संबंधित रिकॉर्ड दुरुस्त रखें।यदि किसी दुकान पर राशन वितरण में गड़बड़ी पाई जाती है, तो जांच के बाद संबंधित विक्रेता के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पिलखना की दुकान का अनुबंध निरस्त किया जाना इसी कार्रवाई का हिस्सा है।

सभी कोटेदारों को जिला पूर्ति अधिकारी की चेतावनी

इस मामले के बाद जिला पूर्ति अधिकारी ने जिले के सभी उचित दर विक्रेताओं को नियमानुसार राशन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाद्यान्न वितरण में अनियमितता, गड़बड़ी या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। निर्धारित मात्रा में राशन नहीं मिलने या वितरण में अनियमितता होने से लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।ऐसे में उचित दर विक्रेताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और वितरण प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न होने दें।

राशन वितरण व्यवस्था पर विभाग की नजर

फर्रुखाबाद में पिलखना की राशन दुकान के मामले में अनुबंध निरस्त करने और मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई के बाद पूर्ति विभाग ने अन्य उचित दर विक्रेताओं को भी सतर्क रहने का संदेश दिया है। विभागीय निर्देशों के अनुसार, राशन वितरण में नियमों का पालन करना सभी विक्रेताओं की जिम्मेदारी है।, रूपा देवी की दुकान का अनुबंध निरस्त किए जाने और रूपा देवी तथा उनके पति विजय सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट होंगे।फर्रुखाबाद के नवाबगंज विकासखंड स्थित पिलखना गांव में राशन की कथित कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता के मामले में पूर्ति विभाग ने कार्रवाई की है। 50.46 क्विंटल चावल, 14 क्विंटल बाजरा और 33 किलोग्राम चीनी से जुड़े आरोपों के बाद राशन दुकान का अनुबंध निरस्त किया गया है। साथ ही, कोतवाली मेरापुर में उचित दर विक्रेता रूपा देवी और उनके पति विजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी कोटेदारों को नियमों के अनुसार राशन वितरण करने की चेतावनी दी है।

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