बीजेपी ने आतिशी के खिलाफ नया पोस्टर जारी किया

Digital Desk
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दिल्ली की सत्ताधारी बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ एक नया पोस्टर जारी किया है। पार्टी ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए आरोप लगाया कि आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया। पोस्टर में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की तस्वीर भी शामिल की गई है।

बीजेपी का कहना है कि आम आदमी पार्टी आतिशी के कुकृत्यों को छिपा रही है और उनकी पार्टी से बर्खास्तगी नहीं कर रही है। दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने इसे राजनीतिक और धार्मिक संवेदनाओं के लिए गंभीर मामला बताया।

बीजेपी के पोस्टर में लिखा गया है कि “सिख गुरुओं का अपमान करने के बाद फरार हुई आतिशी के बचाव में आई ‘आप-दा’।”

पोस्टर में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की तस्वीर भी शामिल की गई है। दिल्ली बीजेपी के अनुसार, AAP नेताओं ने आतिशी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और उनका बचाव कर रहे हैं।

बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया

एनडीएमसी के उपाध्यक्ष और दिल्ली बीजेपी नेता कुलदीप चहल ने कहा कि आतिशी ने विधानसभा में ऐसे शब्द बोले जो किसी के लिए स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और उनकी नेता प्रतिपक्ष आतिशी डरी और लापता हैं।

कुलदीप चहल ने यह भी चेतावनी दी कि इसका खामियाजा AAP को आने वाले पंजाब चुनावों और अन्य स्थानों पर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने साफ तौर पर मांग की कि आतिशी को पार्टी से बर्खास्त किया जाए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

कपिल मिश्रा का पूर्व पोस्टर

इससे पहले दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी को ‘लापता’ घोषित करते हुए एक पोस्टर जारी किया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 6 जनवरी को विधानसभा में एक ऐसा पाप हुआ, जो संसद के किसी भी सदन में कभी नहीं हुआ।

कपिल मिश्रा ने कहा कि जिसने यह अपराध किया है, वह फरार है और इसकी जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी पर भी आती है।

राजनीतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य

आतिशी के बयान और उसके खिलाफ बीजेपी की कार्रवाई ने दिल्ली की राजनीतिक चर्चा को गर्म कर दिया है। बीजेपी इसे AAP की कमजोर जवाबदेही और धार्मिक संवेदनाओं के उल्लंघन के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

AAP नेताओं का कहना है कि पार्टी ने हमेशा संवेदनशील मुद्दों पर उचित कार्रवाई की है, लेकिन बीजेपी के इस कदम को राजनीतिक प्रचार माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद पंजाब और दिल्ली चुनावों पर असर डाल सकता है। बीजेपी इसे AAP की छवि पर धब्बा लगाने का अवसर मान रही है।

साथ ही, आम जनता और राजनीतिक विश्लेषक दोनों इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं। सार्वजनिक माफी और पार्टी से बर्खास्तगी की मांग राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनी हुई है।

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