किनजल दवे ने परिवार संग मनाई उत्तरायण 2026, अहमदाबाद में उत्सव

Digital Desk
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लोकप्रिय गुजराती लोकगायिका किंजल दवे ने उत्तरायण 2026 का त्योहार अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में पारंपरिक और सादगी भरे अंदाज में मनाया। मकर संक्रांति के अवसर पर गुजरात में मनाया जाने वाला उत्तरायण न केवल पतंगबाजी का पर्व है, बल्कि यह पारिवारिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और खुशियों का प्रतीक भी माना जाता है। किंजल दवे की उत्तरायण सेलिब्रेशन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला।

अहमदाबाद में अपने घर की छत पर परिवार के साथ पतंग उड़ाते हुए किंजल दवे ने त्योहार का भरपूर आनंद लिया। पारंपरिक गुजराती परिधान में सजी किंजल दवे ने उत्तरायण की रंगीन और जीवंत झलक पेश की। उन्होंने न केवल पतंगबाजी की, बल्कि परिवार के साथ तिल-गुड़ से बने पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद लिया, जो उत्तरायण का अहम हिस्सा होते हैं।

उत्तरायण गुजरात का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस दिन लोग सुबह से ही छतों पर इकट्ठा होकर पतंग उड़ाते हैं और पूरे आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें नजर आती हैं। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे शहरों में उत्तरायण का उत्साह देखते ही बनता है। किंजल दवे ने भी इसी परंपरा को निभाते हुए अपने परिवार के साथ समय बिताया और त्योहार की खुशियां साझा कीं।

सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में किंजल दवे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मुस्कुराती नजर आईं। उनके प्रशंसकों ने इन तस्वीरों पर खूब प्यार लुटाया और उत्तरायण की शुभकामनाएं दीं। कई फैंस ने कमेंट कर कहा कि किंजल दवे अपनी जड़ों से जुड़ी हुई कलाकार हैं और हर त्योहार को पारंपरिक तरीके से मनाती हैं।

किंजल दवे गुजरात की सबसे लोकप्रिय लोकगायिकाओं में से एक हैं। उन्होंने कम उम्र में ही लोकसंगीत की दुनिया में पहचान बना ली थी। उनके गाने न केवल गुजरात बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी काफी पसंद किए जाते हैं। व्यस्त कार्यक्रम और स्टेज शोज़ के बावजूद, वह हर बड़े त्योहार पर अपने परिवार के साथ समय बिताना नहीं भूलतीं। उत्तरायण 2026 का यह सेलिब्रेशन भी इसी का उदाहरण है।

उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत में भी मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। यूपी में इसे खिचड़ी पर्व के रूप में मनाने की परंपरा है, जहां गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। हालांकि, गुजरात की उत्तरायण अपनी भव्य पतंगबाजी और सामूहिक उत्सव के कारण पूरे देश में अलग पहचान रखती है। किंजल दवे जैसी लोकप्रिय हस्तियां जब इस पर्व को मनाती हैं, तो यह त्योहार और भी चर्चा में आ जाता है।

उत्तरायण 2026 के मौके पर अहमदाबाद में सुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से भी विशेष इंतजाम किए गए थे। चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध, सुरक्षित पतंगबाजी को लेकर जागरूकता अभियान और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी। किंजल दवे ने भी अपने पोस्ट्स के जरिए सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से त्योहार मनाने का संदेश दिया।

कुल मिलाकर, किंजल दवे का उत्तरायण 2026 सेलिब्रेशन एक पारंपरिक, पारिवारिक और सांस्कृतिक उत्सव की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है। यह न केवल उनके प्रशंसकों के लिए खास रहा, बल्कि गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को भी उजागर करता है। ऐसे आयोजन यह दिखाते हैं कि लोकप्रिय कलाकार भी अपनी व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर त्योहारों की असली खुशियों को कैसे जीते हैं।

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