क्यों क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 फिर बना चर्चा का विषय

Digital Desk
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आइकॉनिक टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ एक बार फिर दर्शकों को अपने जबरदस्त ड्रामे और भावनात्मक मोड़ों से बांधे रखने के लिए तैयार है। तुलसी की दमदार वापसी के बाद कहानी ने नया रफ्तार पकड़ा है। जहां एक ओर मिहिर की जिंदगी धीरे-धीरे संभलती नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर नॉयना अपने चालाक दांव-पेच से हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। आने वाले एपिसोड में पारिवारिक तनाव, बिजनेस की जंग और सच-झूठ की लड़ाई खुलकर सामने आने वाली है।

उत्तर प्रदेश समेत हिंदी बेल्ट के दर्शकों के बीच इस शो को खास पसंद किया जा रहा है, क्योंकि कहानी रिश्तों, संस्कारों और साजिशों का ऐसा मेल दिखाती है, जिससे आम दर्शक खुद को जोड़ पाता है।

तुलसी ने बचाया मिहिर का घर, लेकिन शर्तों में फंसी

कहानी के ताजा ट्रैक में तुलसी ने समय पर पहुंचकर मिहिर का घर बिकने से बचा लिया। बापजी का कर्ज इस परिवार पर भारी पड़ रहा था, लेकिन तुलसी ने हिम्मत नहीं हारी। उसने बापजी से कर्ज चुकाने के लिए समय मांगा। हालांकि बापजी ने इसके बदले एक शर्त रख दी, उन्होंने अपनी पोती की शादी विरानी खानदान में कराने की बात कही।

यहीं से कहानी में नॉयना की एंट्री होती है। नॉयना इस मौके का फायदा उठाते हुए चालाकी से रिश्ता तय करवा देती है। यह फैसला मिहिर को बिल्कुल मंजूर नहीं होता और वह नॉयना को जमकर सुनाता है। इस टकराव से साफ हो जाता है कि आगे की कहानी में तुलसी और नॉयना आमने-सामने खड़ी नजर आएंगी।

परी की सच्चाई ने तुलसी को झकझोरा

घरेलू हिंसा का सच आया सामने

कहानी में एक भावनात्मक मोड़ तब आता है जब परी शांति निकेतन पहुंचती है और तुलसी के सामने अपनी दर्दभरी सच्चाई रखती है। परी बताती है कि वह घरेलू हिंसा की शिकार है और उसका पति रणविजय उसके साथ मारपीट करता है। यह सच जानकर तुलसी को गहरा झटका लगता है।

तुलसी न सिर्फ एक बहू या बिजनेसवुमन के रूप में, बल्कि एक मजबूत महिला के तौर पर सामने आती है। वह परी की मदद करने का फैसला करती है और तय करती है कि रणविजय की सच्चाई सबके सामने लाई जाएगी।

तीन महीनों में पूरा कर्ज उतारने का फैसला

परी की हालत देखने के बाद तुलसी और ज्यादा मजबूत हो जाती है। वह तय करती है कि अपने छोटे से बिजनेस को आगे बढ़ाकर तीन महीनों के अंदर बापजी का पूरा कर्ज चुका देगी। यह फैसला आसान नहीं है, क्योंकि कंपनी में सिर्फ चार लोग हैं और संसाधन भी सीमित हैं।

नॉयना इस बात का मजाक उड़ाती है और कहती है कि इतनी छोटी कंपनी से कोई बड़ा टेंडर नहीं मिल सकता। नॉयना को पूरा भरोसा है कि तुलसी असफल होगी और उसे नीचा दिखाने का यही सही मौका है।

इसके बाद तुलसी और नॉयना के बीच सीधी टक्कर शुरू हो जाती है। नॉयना तुलसी को खुला चैलेंज देती है कि वह नया टेंडर हासिल नहीं कर पाएगी। लेकिन तुलसी पीछे हटने वालों में से नहीं है।

गुस्से में तुलसी नॉयना को खरी-खोटी सुनाती है और उसका चैलेंज स्वीकार कर लेती है। इस बार मिहिर पूरी तरह तुलसी के साथ खड़ा नजर आता है। उसे भरोसा है कि तुलसी हर हाल में बापजी का पैसा समय पर लौटा देगी और परिवार की इज्जत बचाएगी।

सच्चाई के सबूत जुटाने में लगी तुलसी

कर्ज और बिजनेस की लड़ाई के साथ-साथ तुलसी अब रणविजय की जासूसी भी शुरू कर देती है। वह उसके गलत कामों के सबूत जुटाने लगती है। धीरे-धीरे तुलसी को रणविजय की सच्चाई हाथ लग जाती है।

आने वाले एपिसोड में दर्शक देखेंगे कि कैसे तुलसी रणविजय को बेनकाब करने का मन बना लेती है। यह ट्रैक न सिर्फ कहानी में रोमांच बढ़ाएगा, बल्कि घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दे को भी मजबूती से उठाएगा।

आगे क्या होगा, दर्शकों की बढ़ी उत्सुकता

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ का आने वाला ट्रैक भावनाओं, संघर्ष और इंसाफ की कहानी को और गहराई देगा। तुलसी बनाम नॉयना की जंग, मिहिर का साथ और रणविजय की सच्चाई, ये सभी पहलू दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखने वाले हैं।

उत्तर प्रदेश के दर्शकों के बीच यह सीरियल एक बार फिर चर्चा में है और सोशल मीडिया पर भी इसके अपकमिंग एपिसोड को लेकर खूब बातें हो रही हैं।

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