लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती, दिल्ली में दहशत

Digital Desk
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पूर्वी दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर इलाके में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र कुमार गुप्ता और उनके परिवार को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगते हुए जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए दी जा रही इन धमकियों से पूरा परिवार दहशत में है। बदमाश खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बता रहे हैं और लगातार दबाव बना रहे हैं।

इस सनसनीखेज मामले ने न केवल दिल्ली बल्कि आसपास के इलाकों में भी चिंता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश से जुड़े व्यापारियों और प्रॉपर्टी कारोबारियों में भी इस खबर के बाद डर का माहौल देखा जा रहा है।

फोन कॉल और व्हाट्सऐप से मिल रही जान से मारने की धमकी

पीड़ित परिवार के अनुसार, धमकी देने वाले लोग लगातार फोन और व्हाट्सऐप कॉल कर रहे हैं। कॉल करने वाले साफ शब्दों में कह रहे हैं कि अगर पांच करोड़ रुपये की फिरौती नहीं दी गई, तो पूरे परिवार को गोली मार दी जाएगी। धमकियों में जितेंद्र कुमार गुप्ता, उनके दोनों बेटों और उनके भाई सतेंद्र कुमार गुप्ता को सीधे निशाना बनाया जा रहा है।

परिवार का कहना है कि कॉल करने वालों को उनके रोजमर्रा के कामकाज और परिवार की गतिविधियों की जानकारी है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

दहशत में परिवार, ऑफिस बंद और बच्चों को भेजा सुरक्षित स्थान पर

धमकियों के बाद जितेंद्र कुमार गुप्ता ने एहतियातन अपना प्रॉपर्टी ऑफिस बंद कर दिया है। परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उनके दोनों बेटों को किसी अनजान और सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे हर वक्त डर के साए में जी रहे हैं और किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।

जितेंद्र के मुताबिक, यह फैसला उन्होंने केवल परिवार की जान की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया है। कारोबार ठप होने के बावजूद उनकी प्राथमिकता फिलहाल सुरक्षा है।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी, फिर भी नहीं थमी धमकियां

नाबालिग समेत दो आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पहले भी पुलिस ने कार्रवाई की थी। कुछ समय पहले पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर इसी फिरौती मामले से जुड़े थे। उस समय परिवार को उम्मीद थी कि गिरफ्तारी के बाद धमकियों का सिलसिला खत्म हो जाएगा।

हालांकि, इसके बावजूद कॉल और मैसेज आने बंद नहीं हुए। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या अलग गिरोह भी सक्रिय हो सकता है।

गिरोह के नाम का दुरुपयोग या संगठित साजिश?

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या धमकी देने वाले वास्तव में किसी बड़े गैंग से जुड़े हैं या फिर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर डर फैलाया जा रहा है। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में इस तरह के मामलों में गैंग के नाम का दुरुपयोग सामने आया है।

भाई के परिवार को भी बनाया गया निशाना

सतेंद्र कुमार गुप्ता को भी मिली धमकी

सोमवार को मामला और गंभीर हो गया जब जितेंद्र के भाई सतेंद्र कुमार गुप्ता और उनके परिवार को भी मोबाइल और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए धमकियां दी गईं। कॉल करने वालों ने उनसे जितेंद्र और उनके परिवार से जुड़ी जानकारियां मांगीं।

इस घटना के बाद पूरे परिवार में डर का माहौल और गहरा गया। परिजनों को आशंका है कि बदमाश लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।

112 नंबर पर की गई शिकायत

लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई। परिवार ने पुलिस से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा पर फोकस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। कॉल डिटेल्स, व्हाट्सऐप नंबर और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकियां देश के अंदर से दी जा रही हैं या किसी अन्य स्थान से।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

बढ़ते फिरौती मामलों से व्यापारियों में चिंता

उत्तर प्रदेश के कारोबारियों में भी डर

दिल्ली में सामने आए इस मामले का असर उत्तर प्रदेश के व्यापारिक समुदाय पर भी पड़ता दिख रहा है। खासकर प्रॉपर्टी डीलर और बड़े कारोबारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यूपी के कई जिलों में पहले भी फिरौती और धमकी के मामले सामने आ चुके हैं।

कारोबारियों का कहना है कि गैंग के नाम पर धमकी देना अपराधियों के लिए आसान तरीका बनता जा रहा है, जिससे आम लोग डर जाते हैं।

सख्त कार्रवाई की मांग

व्यापारी संगठनों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस और प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते ऐसे अपराधों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह प्रवृत्ति और बढ़ सकती है।

साइबर और संगठित अपराध की चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार, फोन कॉल और सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए दी जाने वाली धमकियां साइबर अपराध और संगठित अपराध का मिश्रित रूप बनती जा रही हैं। अपराधी आसानी से फर्जी नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों को डराते हैं।

इस तरह के मामलों में तकनीकी जांच के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी मजबूत कार्रवाई की जरूरत बताई जा रही है।

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