नई दिल्ली: मंगलवार, 3 मार्च 2026 को Delhi Airport पर करीब 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गईं, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए। यह व्यापक रद्दीकरण मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और एयरस्पेस बंद होने के प्रभाव के चलते हुआ है, जिसका असर भारत समेत पूरे विश्व की विमान सेवाओं पर दिख रहा है।
औपचारिक जानकारी के मुताबिक, उड़ानों पर यह असर मुख्य रूप से मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने की वजह से आया है जहाँ कई देशों ने अपना एयरस्पेस या तो अस्थायी रूप से बंद कर दिया है या संचालन सीमित कर दिया है। एयरलाइनों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े, यात्रियों को रिअरेंज करना पड़ा और कई फ्लाइट्स को चालू शेड्यूल से हटाया गया।
मिडिल ईस्ट तनाव का एयर ट्रैफिक पर प्रभाव
क्यों हुई बड़ी संख्या में उड़ानों की रद्दीकरण
मिडिल ईस्ट में इजरायल, यूएस और ईरान के बीच बढ़ते विवाद और सैन्य तनाव के कारण बहुत से खाड़ी देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसका सीधा प्रभाव उन रूट्स पर हुआ है जो भारत से यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व को जोड़ते हैं। इसी वजह से Air India, IndiGo, SpiceJet समेत कई एयरलाइनों ने अपने संचालन को प्रभावित क्षेत्र में सीमित या स्थगित कर दिया है।
उदाहरण के तौर पर Air India ने UAE, सऊदी अरब, कतर और अन्य मध्य पूर्व मार्गों पर अपनी उड़ानों को रोक दिया है और IndiGo ने यात्रियों के लिए मुफ्त रिफंड या रीस्ड्यूलिंग विकल्प दिए हैं।
यात्रियों के हालात और सलाह
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंतजार
रद्दीकरण के चलते दिल्ली एयरपोर्ट पर कई यात्री अब तक फंसे हुए हैं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी मुश्किलें साझा कीं—कुछ के अनुसार होटल से चेक-आउट कर चुके हैं पर उड़ान न होने से फिर से रुकना पड़ रहा है।
सरकार और एयरलाइंस सलाह
उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे AirSewa पोर्टल, एयरलाइन के कस्टमर केयर या हॉटलाइन के माध्यम से सहायता लें और अपनी उड़ान की स्थिति पहले से चेक करें। एयरलाइंस ने प्रतिबद्धता जताई है कि प्रभावित यात्रियों को रिफंड या नई तिथियों पर रिज़र्वेशन का विकल्प मिलेगा।
दुबई में फंसे यात्रियों की मदद की अपील
महिला यात्री ने सरकार से सहायता मांगी
दुबई में फंसी एक महिला यात्री ने सार्वजनिक रूप से भारत सरकार से मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा स्थिति और उड़ानों की रद्दीकरण के कारण वे घर लौटने में असमर्थ हैं और सरकार से तत्काल सहायता की उम्मीद कर रही हैं। इस तरह की अपील उन हजारों भारतीयों में से एक जैसी है जो फिलहाल Gulf देशों में स्थिति के बीच फंसे हैं।
स्पेशल फ़्लाइट और रेस्क्यू प्रयास
सरकार विभिन्न देशों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित लौटाने के लिए विशेष उड़ानों की योजना बना रही है। इसी कड़ी में दिल्ली एयरपोर्ट पर आज दो स्पेशल flights भी उतरीं, जिनमें 600 से अधिक भारतीय नागरिक वापस आए।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह प्रभाव तब तक जारी रह सकता है जब तक मध्य पूर्व में स्थिति स्थिर नहीं होती। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि:
यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले २४–४८ घंटे पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करना चाहिए।
एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइटें और AirSewa पोर्टल से अपडेट लेना बेहतर होगा।
भविष्य की यात्रा के लिए वैकल्पिक योजना और रिफंड नीति को ध्यान में रखना चाहिए।
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