देश की जानी-मानी फूड ब्रांड Haldiram एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला एक्सपायर्ड मिठाई बेचने का सामने आया है, जिसमें उपभोक्ता को खराब उत्पाद देने के आरोप में कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी को हर्जाना देने का आदेश दिया है।
यह मामला खासतौर पर उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य में Haldiram के कई आउटलेट्स मौजूद हैं और यहां बड़ी संख्या में लोग इस ब्रांड पर भरोसा करते हैं।
उपभोक्ता की शिकायत और जांच
मिली जानकारी के अनुसार, एक ग्राहक ने Haldiram से मिठाई खरीदी थी, जो एक्सपायरी डेट पार कर चुकी थी। मिठाई खाने के बाद ग्राहक को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई, जिसके बाद उसने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर जांच की गई, जिसमें यह साबित हुआ कि कंपनी ने एक्सपायर्ड प्रोडक्ट बेचकर उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन किया है।
फोरम का फैसला और जुर्माना
उपभोक्ता फोरम ने मामले की सुनवाई के बाद Haldiram को दोषी पाया। इसके बाद कंपनी को उपभोक्ता को मुआवजा देने और मानसिक उत्पीड़न के लिए अतिरिक्त हर्जाना देने का आदेश दिया गया।
फोरम ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, खासकर जब बात बड़े ब्रांड की हो।
उपभोक्ता अधिकारों पर बड़ा संदेश
यह मामला सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे फूड इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी है। एक्सपायर्ड फूड बेचना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह लोगों की सेहत के लिए भी खतरनाक है।
उत्तर प्रदेश में भी समय-समय पर फूड सेफ्टी विभाग ऐसे मामलों पर कार्रवाई करता रहा है। इस घटना के बाद आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचनी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा नियम और कंपनियों की जिम्मेदारी
FSSAI के नियम क्या कहते हैं?
भारत में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने साफ दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी कंपनी एक्सपायर्ड या खराब खाद्य सामग्री नहीं बेच सकती। हर पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से लिखी होना जरूरी है।
यदि कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने तक की सजा शामिल है।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
अगर किसी उपभोक्ता को एक्सपायर्ड या खराब खाद्य पदार्थ मिलता है, तो वह उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा, फूड सेफ्टी विभाग में भी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध है।
यह जरूरी है कि लोग अपने अधिकारों को समझें और किसी भी तरह की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाएं।
उत्तर प्रदेश में बढ़ रही फूड सेफ्टी जांच
हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई की दुकानों और बड़े ब्रांड्स पर निगरानी बढ़ा दी है। त्योहारों के समय विशेष अभियान चलाकर सैंपलिंग की जाती है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
इस घटना के बाद उम्मीद की जा रही है कि विभाग और अधिक सतर्कता बरतेगा, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके
Haldiram से जुड़ा यह मामला एक बड़ा संदेश देता है कि ब्रांड चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।
उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे जागरूक रहें, खरीदारी करते समय सतर्कता बरतें और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत शिकायत करें।
इस तरह के मामलों से न सिर्फ कंपनियों की जवाबदेही तय होती है, बल्कि बाजार में पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होती है।
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