सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘भूत बंगला’ ने वीकेंड पर जबरदस्त शुरुआत कर दर्शकों का ध्यान खींचा था। पहले तीन दिनों में फिल्म की कमाई और दर्शकों की भीड़ ने इसे एक मजबूत ओपनिंग दिलाई थी। लेकिन जैसे ही वीकेंड खत्म हुआ, सोमवार आते-आते फिल्म की कमाई में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसे फिल्म इंडस्ट्री में ‘खूनी मंडे’ कहा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में दर्शकों की संख्या में कमी दर्ज की गई। खासकर वीकडेज की शुरुआत ने फिल्म की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।
वीकेंड पब्लिक हाइप का असर खत्म
फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर शुरुआती दिनों में काफी बज़ बना हुआ था। ट्रेलर और प्रमोशन के कारण दर्शकों में उत्सुकता बढ़ी थी। यही वजह रही कि वीकेंड पर टिकट खिड़की पर भीड़ उमड़ी।
लेकिन सोमवार आते ही यह हाइप कम होता नजर आया। वर्किंग डे होने के कारण दर्शकों की संख्या में गिरावट आई और फिल्म की कमाई पर सीधा असर पड़ा।
कंटेंट वर्ड-ऑफ-माउथ की परीक्षा
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार, किसी भी फिल्म की असली परीक्षा वीकेंड के बाद शुरू होती है। अगर वर्ड-ऑफ-माउथ मजबूत होता है, तो फिल्म लंबे समय तक टिकती है।
‘भूत बंगला’ के मामले में शुरुआती रिएक्शन ठीक-ठाक रहे, लेकिन दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया ने इसकी रफ्तार धीमी कर दी। कई दर्शकों ने फिल्म को एंटरटेनिंग बताया, जबकि कुछ ने इसे औसत करार दिया।
अक्षय कुमार की अगली फिल्म को लेकर बढ़ी उम्मीदें
फिल्म इंडस्ट्री में अब चर्चा का फोकस ‘भूत बंगला’ से हटकर Akshay Kumar की आने वाली फिल्मों पर शिफ्ट हो गया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्में बॉक्स ऑफिस पर मजबूत वापसी कर सकती हैं।
उनकी पिछली कुछ फिल्मों के प्रदर्शन को देखते हुए मेकर्स अब कंटेंट और स्क्रिप्ट पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि इंडस्ट्री में यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी अगली रिलीज हिट साबित हो सकती है।
स्टार पावर और कंटेंट का संतुलन जरूरी
बॉलीवुड में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि सिर्फ स्टार पावर काफी नहीं है। दर्शक अब कंटेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं। अक्षय कुमार जैसे बड़े स्टार के लिए भी अब यह जरूरी हो गया है कि फिल्म की कहानी मजबूत हो।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर स्क्रिप्ट और डायरेक्शन मजबूत रहे, तो उनकी अगली फिल्में आसानी से हिट का दर्जा हासिल कर सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में दर्शकों का रुझान
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में ‘भूत बंगला’ को लेकर शुरुआती दिनों में अच्छी भीड़ देखी गई थी। खासकर युवाओं ने फिल्म को देखने में रुचि दिखाई।
लेकिन सोमवार से थिएटर्स में ऑक्यूपेंसी कम हो गई। कई शो में सीटें खाली नजर आईं, जिससे साफ संकेत मिला कि फिल्म की पकड़ कमजोर पड़ रही है।
स्थानीय सिनेमा हॉल मालिकों का कहना है कि वीकेंड पर जहां 70-80% तक सीटें भरी थीं, वहीं सोमवार को यह आंकड़ा काफी नीचे चला गया।
बॉक्स ऑफिस ट्रेंड क्या कहता है?
शुरुआती कलेक्शन बनाम लंबी रेस
बॉक्स ऑफिस विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी फिल्म का असली प्रदर्शन उसके पहले सप्ताह के बाद ही तय होता है। ‘भूत बंगला’ ने शुरुआती दिनों में अच्छा कलेक्शन किया, लेकिन अब इसकी असली परीक्षा शुरू हो चुकी है।
अगर आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई स्थिर नहीं रहती, तो इसका कुल कलेक्शन प्रभावित हो सकता है।
हॉरर-कॉमेडी का बदलता ट्रेंड
‘भूत बंगला’ हॉरर-कॉमेडी जॉनर की फिल्म है, जो भारतीय दर्शकों के बीच हमेशा लोकप्रिय रहा है। लेकिन अब दर्शक इस जॉनर में भी नएपन की उम्मीद कर रहे हैं।
पुरानी फॉर्मूला बेस्ड कहानियों को अब पहले जैसी सफलता नहीं मिल रही है, जिससे फिल्म की परफॉर्मेंस पर असर पड़ रहा है।
अब सभी की नजरें अगले वीकडेज और दूसरे वीकेंड पर टिकी हैं। अगर फिल्म ‘भूत बंगला’ अपनी पकड़ बनाए रखती है, तो यह औसत से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
हालांकि ‘खूनी मंडे’ के बाद यह साफ हो गया है कि फिल्म को लंबी रेस में टिकने के लिए मजबूत कंटेंट और लगातार दर्शक समर्थन की जरूरत होगी।
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