श में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेल कंपनियों ने प्रति लीटर पेट्रोल में करीब 3.14 रुपये और डीजल में 3.11 रुपये तक की बढ़ोतरी की है।
इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.91 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.78 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस फैसले के बाद आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक संकट का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आया है।
क्रूड ऑयल की कीमत, जो कुछ समय पहले 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, अब बढ़कर 120 डॉलर से भी ऊपर पहुंच गई है। इसी वजह से भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।

तेल कंपनियों को भारी नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को कीमतों में असंतुलन के कारण रोजाना लगभग 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा था। यह नुकसान महीने में करीब 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इसी घाटे को संतुलित करने के लिए कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में संशोधन किया है।
अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम में अंतर
टैक्स स्ट्रक्चर के कारण कीमतों में फर्क
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण टैक्स संरचना है। पेट्रोल की कीमत में लगभग 55% और डीजल में करीब 50% हिस्सा टैक्स का होता है। इसमें केंद्र का एक्साइज ड्यूटी, राज्य का वैट और डीलर कमीशन शामिल होता है।
इसी वजह से हर राज्य में ईंधन की कीमत अलग-अलग होती है।
सबसे महंगा और सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल
आज की बढ़ोतरी के बाद देश में सबसे महंगा पेट्रोल हैदराबाद में 110.85 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। वहीं तिरुवनंतपुरम में डीजल की कीमत 99.63 रुपये तक पहुंच गई है, जो सबसे अधिक है।
वहीं सबसे सस्ता पेट्रोल देहरादून में 96.25 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.35 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 97.55 रुपये और डीजल 90.82 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
महंगाई बढ़ने की आशंका, आम जनता पर दबाव
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रांसपोर्ट, सब्जी, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।
यूपी समेत पूरे देश में ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से आम जनता की दैनिक जरूरतें भी महंगी हो सकती हैं।
सरकार और तेल कंपनियों पर नजर
इस स्थिति में सरकार और ऑयल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है कि वे ईंधन की कीमतों को स्थिर करने के लिए कोई समाधान निकालें। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत को अपनी ऊर्जा नीति और रणनीति को और मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है।
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