सिद्धार्थनगर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा! 53 वाहनों पर ₹84,500 का जुर्माना, स्टंटबाजों को सख्त संदेश

Editorial
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सिद्धार्थनगर सड़क पर तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, मॉडिफाइड साइलेंसर से शोर मचाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ने लगी है। सिद्धार्थनगर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। जिले के विभिन्न प्रमुख चौराहों और मार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान के दौरान 53 वाहनों का चालान कर कुल ₹84,500 का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही पुलिस ने सिर्फ कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि आम लोगों को जागरूक करने के लिए पी.ए. सिस्टम से लगातार सड़क सुरक्षा का संदेश भी दिया।यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सिद्धार्थनगर के निर्देश पर ZFD (Zero Fatality District) योजना और सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चलाया गया। अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों को जिम्मेदार यातायात व्यवहार के लिए प्रेरित करना था।अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने की, जबकि क्षेत्राधिकारी यातायात राजकुमार सिंह के निर्देशन में प्रभारी यातायात अजय कुमार सिंह यादव के नेतृत्व में यातायात पुलिस और देवेंद्र कुमार पाण्डेय की टीम ने जिले के कई प्रमुख स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।

इन इलाकों में चला विशेष अभियान

यातायात पुलिस की टीम ने लोहरौली बॉर्डर (शिवनगर डिड़ई), बांसी कस्बा, पुलिस बूथ तिराहा, साड़ी तिराहा, सनई चौराहा, शहर क्षेत्र सहित अन्य व्यस्त मार्गों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। सुबह से लेकर देर तक चली इस कार्रवाई के दौरान हर आने-जाने वाले वाहन की गहन जांच की गई।पुलिस की नजर विशेष रूप से उन वाहनों पर रही जो—

  • तेज रफ्तार से दौड़ रहे थे।
  • गलत दिशा में वाहन चला रहे थे।
  • सड़क किनारे अवैध रूप से पार्क किए गए थे।
  • मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैला रहे थे।
  • प्रेशर हॉर्न का प्रयोग कर रहे थे।
  • बिना आवश्यक दस्तावेज या सुरक्षा मानकों का पालन किए वाहन चला रहे थे।

इन सभी मामलों में मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए 53 वाहनों का चालान किया गया और ₹84,500 का जुर्माना लगाया गया।

केवल चालान नहीं, जागरूकता पर भी दिया गया जोर

सिद्धार्थनगर पुलिस ने इस अभियान को केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा। “जानकारी ही बचाव है” की सोच के साथ पुलिस ने पी.ए. सिस्टम के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया।चेकिंग के दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि ट्रैफिक नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए करें।

लोगों को बताए गए ये महत्वपूर्ण नियम

जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने नागरिकों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं—

  • हेलमेट और सीट बेल्ट का हर हाल में प्रयोग करें।
  • निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
  • कभी भी शराब पीकर वाहन न चलाएं।
  • मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग न करें।
  • गलत दिशा में वाहन चलाना जानलेवा साबित हो सकता है।
  • सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी करना अपराध है।
  • मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ कानूनी अपराध भी हैं।
  • नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए न दें।

गुड सेमेरिटन योजना की भी दी जानकारी

अभियान के दौरान पुलिस ने गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि यदि सड़क दुर्घटना में कोई व्यक्ति घायल हो जाए तो उसकी मदद करने वाले नागरिक को कानूनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।पुलिस ने कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचाने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसलिए दुर्घटना देखकर मुंह मोड़ने के बजाय आगे बढ़कर मदद करें।

नाबालिग वाहन चालकों पर भी रहेगी सख्ती

पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने के लिए बिल्कुल न दें। ऐसा करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। यदि नाबालिग वाहन चलाते पाए जाते हैं तो वाहन मालिक और अभिभावक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्टंटबाजी और मॉडिफाइड साइलेंसर पर कड़ा संदेश

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने या दिखावा करने के लिए सड़क पर स्टंट करना बेहद खतरनाक है। ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इसी तरह मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाने वाले वाहन चालकों को भी चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

पंपलेट बांटकर भी किया जागरूक

अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में वाहन चालकों, दुकानदारों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े पंपलेट वितरित किए। इनमें यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग, दुर्घटना से बचाव, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, आपातकालीन सहायता और गुड सेमेरिटन योजना की जानकारी दी गई।

पुलिस का संदेश—”सुरक्षित यात्रा ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी”

यातायात पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि सभी लोग ट्रैफिक नियमों का ईमानदारी से पालन करें तो अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में ZFD (Zero Fatality District) योजना के तहत ऐसे विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाएगी।सिद्धार्थनगर पुलिस का स्पष्ट संदेश है—”चालान से बचने के लिए नहीं, अपनी और अपनों की जिंदगी बचाने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करें। सुरक्षित सड़क, सुरक्षित परिवार और सुरक्षित समाज की शुरुआत हर जिम्मेदार चालक से होती है।”

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