मेरठ का ‘स्नेक मर्डर’ बना सनसनी! जेल में बेटे को याद कर फूट-फूटकर रोई दामिनी, लेकिन परिवार ने मिलने से किया इनकार

Editorial
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मेरठ के बहुचर्चित ‘स्नेक मर्डर केस’ में हर दिन नए मोड़ सामने आ रहे हैं। पति की कथित तौर पर सांप से डसवाकर हत्या कराने की आरोपी दामिनी भड़ाना अब सलाखों के पीछे है। जेल की पहली रात उसके लिए बेहद भारी साबित हुई। बताया जा रहा है कि पूरी रात वह अपने छह वर्षीय बेटे मानिक को याद कर रोती रही और जेल प्रशासन से उससे मिलने की इच्छा जताई। लेकिन दूसरी ओर मृतक अतुल पंवार के परिवार ने साफ शब्दों में कह दिया है कि अब दामिनी का बच्चे से कोई संबंध नहीं रहेगा।यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार के टूटने की कहानी बन गया है, जहां एक मासूम बच्चे ने कुछ ही दिनों में पिता को खो दिया और मां जेल पहुंच गई।

जेल में बेटे को याद कर भावुक हुई दामिनी

शनिवार रात जेल में बंद दामिनी लगातार बेचैन रही। जेल सूत्रों के अनुसार उसने अपने बेटे मानिक से मिलने की इच्छा जताई। उसने जेल अधिकारियों से कहा कि वह अपने बेटे का चेहरा एक बार देखना चाहती है।हालांकि मानिक के दादा अजब सिंह ने साफ कर दिया कि उन्होंने दामिनी से सभी रिश्ते खत्म कर लिए हैं। उनका कहना है कि अब मानिक की पूरी जिम्मेदारी परिवार उठाएगा और उसे दामिनी से नहीं मिलाया जाएगा।परिवार का कहना है कि जिस महिला पर बेटे के पिता की हत्या कराने का आरोप है, उसका अब बच्चे के जीवन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

दादा-दादी की छांव में पलेगा मासूम मानिक

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर छह वर्षीय मानिक पर पड़ा है।एक तरफ उसके पिता की मौत हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ उसकी मां हत्या के आरोप में जेल में बंद है।अब मानिक अपने पैतृक गांव भंडोरा में दादा अजब सिंह और दादी संतोष देवी के साथ रहेगा।दादा ने कहा कि वे अपने पोते की पढ़ाई, परवरिश और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चे को किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी जाएगी।परिवार के अन्य सदस्यों ने भी बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग देने की बात कही है।

परिवार ने तोड़े सभी रिश्ते

मृतक अतुल के भाई और उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल कुलदीप ने कहा कि दामिनी का अब मानिक से कोई संबंध नहीं रहेगा।वहीं दामिनी के मायके पक्ष ने भी उससे दूरी बना ली है। उसके भाई ने कहा कि परिवार ने दामिनी से सभी रिश्ते खत्म कर दिए हैं।दूसरी ओर अतुल के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कठोरतम सजा की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

पुलिस की जांच तेज, जल्द दाखिल होगा आरोप पत्र

मेरठ पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है।पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिजीत कुमार ने बताया कि जांच अंतिम चरण में है और निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि फोरेंसिक और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें भी केस डायरी में शामिल किया जाएगा। पुलिस का प्रयास है कि मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़े।

कैसे रची गई कथित हत्या की साजिश?

पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि दामिनी और स्कूल की बस चलाने वाले तुषार के बीच कथित प्रेम संबंध थे।आरोप है कि दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि योजना के तहत पहले अतुल को नींद की गोलियां दी गईं ताकि वह गहरी नींद में चला जाए।इसके बाद कथित रूप से अन्य आरोपियों की मदद से उसे सांप से डसवाया गया, जिससे घटना प्राकृतिक सर्पदंश जैसी दिखाई दे।पुलिस का कहना है कि घटना के बाद सांप को वहीं छोड़ दिया गया ताकि किसी को हत्या का संदेह न हो।

पहले हादसा लगा, फिर खुल गई साजिश

शुरुआत में जब अतुल का शव मिला तो मामला सामान्य सर्पदंश का प्रतीत हुआ।बिस्तर पर सांप भी मौजूद था और शरीर पर डसने के निशान मिले थे। लेकिन मृतक के पिता ने शुरुआत से ही बहू पर हत्या का शक जताया।इसी शिकायत के बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की। कॉल डिटेल, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दामिनी, तुषार तथा अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।

2019 में हुई थी प्रेम विवाह

अतुल और दामिनी ने वर्ष 2019 में प्रेम विवाह किया था।दोनों पिछले कुछ महीनों से अपने छह वर्षीय बेटे मानिक के साथ मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे।करीब तीन महीने पहले उन्होंने मिलकर एक प्ले स्कूल भी शुरू किया था। देखने वालों को उनका परिवार सामान्य और खुशहाल दिखाई देता था, लेकिन पुलिस का दावा है कि पर्दे के पीछे रिश्तों में तनाव और कथित प्रेम प्रसंग ने इस घटना को जन्म दिया।

बीमे की रकम भी जांच के दायरे में

पुलिस का यह भी दावा है कि जांच में यह पहलू सामने आया है कि अतुल के बीमा की रकम भी कथित साजिश का एक संभावित उद्देश्य हो सकती थी। इस संबंध में वित्तीय पहलुओं की भी जांच की जा रही है।हालांकि  इन सभी आरोपों का अंतिम निर्णय अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

गांव में शोक, बच्चे के भविष्य की चिंता

भंडोरा गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक पीड़ा उस मासूम बच्चे को हुई है, जिसने एक साथ अपने पिता को खो दिया और मां से भी दूर हो गया।लोगों की इच्छा है कि बच्चे को सुरक्षित वातावरण, अच्छी शिक्षा और सामान्य जीवन मिले ताकि वह इस दर्दनाक घटना से उबरकर अपना भविष्य संवार सके।यह मामला अब केवल एक चर्चित हत्या का नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों, एक मासूम बच्चे के भविष्य और न्यायिक प्रक्रिया का भी केंद्र बन गया है। पुलिस जांच पूरी करने में जुटी है, जबकि पूरे प्रदेश की नजर अब अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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