असम सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने राज्य में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत की है। इस सुविधा का उद्देश्य है एयरक्राफ्ट की आपात स्थिति में तत्काल लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराना, जिससे यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राज्य के प्रमुख एयरपोर्ट्स में अब आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात होंगे, जो किसी भी इमरजेंसी में त्वरित प्रतिक्रिया दे सकें। यह पहल नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में असम के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विमान ने असम में इस नई सुविधा का पहली बार ऐतिहासिक उपयोग किया। इस लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सभी सुरक्षा और तकनीकी प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक पालन किया।
इस ऐतिहासिक लैंडिंग से यह साबित हुआ कि असम में नागरिक उड्डयन सुरक्षा और आपात स्थितियों के प्रबंधन में पर्याप्त तैयारियां की गई हैं।
सुरक्षा और तकनीकी तैयारियां
लैंडिंग के समय एयरपोर्ट पर विशेष रनवे लाइटिंग, कंट्रोल रूम और आपातकालीन मेडिकल टीम तैनात की गई थी। इसके अलावा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने उच्च तकनीकी यंत्रों का उपयोग किया, जिससे पायलट और एयरक्राफ्ट क्रू को मार्गदर्शन मिल सके।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुविधा न केवल प्रधानमंत्री के लिए, बल्कि पूरे राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय साबित होगी।
पूर्वोत्तर में हवाई यातायात की बढ़ती भूमिका
पूर्वोत्तर भारत में हवाई यातायात तेजी से बढ़ रहा है। असम जैसे राज्य में आपात लैंडिंग सुविधा का होना यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों के लिए राहत की बात है।
राज्य में यह सुविधा टूरिस्ट, व्यवसायिक यात्रियों और सरकारी उड़ानों की सुरक्षा को मजबूत करेगी। इसके अलावा, यह आपातकालीन सेवाओं और राहत कार्यों में भी मददगार साबित होगी।
भविष्य की योजनाएं
असम सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में सभी प्रमुख एयरपोर्ट्स पर आपात लैंडिंग और एयरक्राफ्ट सुरक्षा मानक लागू किए जाएं। तकनीकी अपग्रेड और कर्मचारियों का प्रशिक्षण लगातार बढ़ाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य का नागरिक उड्डयन क्षेत्र और मजबूत होगा और असम को देश के हवाई यातायात मानचित्र में एक सुरक्षित हब के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक लैंडिंग और नई सुविधा की शुरुआत पर स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
एयरपोर्ट स्टाफ और पायलटों ने इस सुविधा की सफलता पर संतोष जताया।
राज्य सरकार ने इसे नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
नागरिकों ने भी सोशल मीडिया पर इस पहल की सराहना की, खासकर पर्यटन और यात्रा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए।
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