दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal दिल्ली एक्साइज घोटाला मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करने जाएंगे। अदालत द्वारा आरोप मुक्त किए जाने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे एक अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल राजधानी के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे और विशेष पूजा करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं में इसको लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
कोर्ट से मिली राहत
दिल्ली की कथित नई आबकारी नीति को लेकर चल रहे मामले में अदालत ने केजरीवाल को आरोपों से मुक्त कर दिया था। जांच एजेंसियों ने इस नीति में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें राहत दी।
यह मामला लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ था। विपक्षी दल लगातार मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहे थे, जबकि आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बताती रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे “सच की जीत” बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि न्यायपालिका पर उनका भरोसा पहले भी था और आगे भी रहेगा। वहीं विपक्ष ने फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर दिल्ली की राजनीति पर पड़ सकता है, खासकर आगामी चुनावी समीकरणों में।
हनुमान मंदिर में पूजा का क्या है महत्व?
धार्मिक और राजनीतिक संकेत
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। चुनावी या राजनीतिक संकट के बाद यहां नेताओं के दर्शन करने की परंपरा रही है। केजरीवाल का यहां जाना एक धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री पहले भी कई मौकों पर मंदिरों में दर्शन करते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि वे व्यक्तिगत रूप से आस्था रखते हैं और समय-समय पर पूजा-अर्चना करते हैं।
समर्थकों में उत्साह
आरोप मुक्त होने के बाद पार्टी समर्थकों में खुशी का माहौल है। मंदिर दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम
मुख्यमंत्री के मंदिर दौरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। ट्रैफिक व्यवस्था को भी अस्थायी रूप से बदला जा सकता है।
आगे की राजनीतिक रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि अदालत से मिली राहत के बाद केजरीवाल अपनी राजनीतिक रणनीति को और आक्रामक बना सकते हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
दिल्ली एक्साइज मामले ने बीते महीनों में राजधानी की राजनीति को काफी प्रभावित किया है। अब अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक परिदृश्य में नए समीकरण बनने की संभावना है।
दिल्ली एक्साइज घोटाला मामले में आरोप मुक्त होने के बाद अरविंद केजरीवाल का हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करना राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। यह कदम उनके समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संदेश हो सकता है, जबकि विपक्ष की नजरें भी आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी रहेंगी।
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