उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में रेल सेवाएं संचालित करने वाले उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने ‘ऑपरेशन मालामाल’ के जरिए आय बढ़ाने का एक नया उदाहरण पेश किया है। इस अभियान के तहत रेलवे ने न केवल अपने बेकार पड़े संसाधनों को आय में बदला, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती दिखाते हुए रिकॉर्ड राजस्व भी जुटाया।
रेलवे के मुताबिक, यह पहल वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का हिस्सा है। NCR जोन, जिसमें प्रयागराज, कानपुर और झांसी जैसे महत्वपूर्ण मंडल शामिल हैं, ने इस अभियान के जरिए देशभर में एक मिसाल कायम की है।
कबाड़ से कमाई: ₹317 करोड़ का बड़ा आंकड़ा
अनुपयोगी संपत्ति का स्मार्ट उपयोग
‘ऑपरेशन मालामाल’ के तहत रेलवे ने अपने परिसरों, यार्ड और वर्कशॉप में पड़े कबाड़ की पहचान की। इसमें पुराने रेल ट्रैक, लोहे के उपकरण, मशीनों के पार्ट्स और अन्य निष्प्रयोज्य सामग्री शामिल रही।
इन सभी वस्तुओं को ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचा गया, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रही और प्रतिस्पर्धात्मक बोली के कारण बेहतर कीमत मिली। इस रणनीति के चलते NCR ने ₹317 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई की, जो पिछले वर्षों के मुकाबले काफी अधिक है।
सफाई और सुरक्षा में भी सुधार
कबाड़ हटाने से रेलवे परिसरों में साफ-सफाई बेहतर हुई है। पहले जहां इन सामग्रियों के कारण अव्यवस्था और सुरक्षा जोखिम बने रहते थे, अब वहां खुले स्थान और बेहतर प्रबंधन देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से रेलवे न केवल कमाई बढ़ा सकता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकता है।
बिना टिकट यात्रियों पर सख्ती, ₹148 करोड़ की वसूली
टिकट चेकिंग अभियान में तेजी
NCR ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। ट्रेनों और स्टेशनों पर टिकट चेकिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाई गई और नियमित जांच सुनिश्चित की गई।
इस सख्ती के चलते बड़ी संख्या में बिना टिकट यात्री पकड़े गए, जिनसे जुर्माने के रूप में ₹148 करोड़ की वसूली की गई। यह आंकड़ा रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नियमों के पालन की बढ़ी प्रवृत्ति
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का असर यात्रियों के व्यवहार पर भी पड़ा है। अब लोग अधिक जिम्मेदारी के साथ टिकट लेकर यात्रा कर रहे हैं।
इससे न केवल राजस्व बढ़ा है, बल्कि रेलवे सेवाओं में अनुशासन भी मजबूत हुआ है। भविष्य में इस तरह के अभियानों को और तेज करने की योजना बनाई जा रही है।
रिकॉर्ड बनाने के पीछे क्या रही रणनीति?
NCR की इस सफलता के पीछे सुनियोजित रणनीति और तकनीक का बड़ा योगदान रहा है। कबाड़ बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग, नियमित मॉनिटरिंग और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना इस अभियान की प्रमुख विशेषताएं रहीं।
रेलवे ने हर स्तर पर डेटा आधारित निर्णय लिए और समय-समय पर समीक्षा कर रणनीति में सुधार किया। यही कारण है कि यह अभियान इतने बड़े स्तर पर सफल हो पाया।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज जैसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को बेहतर सफाई, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलने की संभावना है।
साथ ही, टिकट चेकिंग की सख्ती से यात्रा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे आम यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।
भारतीय रेलवे के लिए मिसाल बना NCR
उत्तर मध्य रेलवे का ‘ऑपरेशन मालामाल’ अब अन्य रेलवे जोनों के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। इस अभियान ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना, पारदर्शिता और सख्ती के साथ रेलवे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकता है।
रेलवे बोर्ड भी इस मॉडल को अन्य जोनों में लागू करने पर विचार कर सकता है, जिससे पूरे देश में राजस्व बढ़ाने और व्यवस्था सुधारने में मदद मिलेगी।
NCR का ‘ऑपरेशन मालामाल’ एक ऐसी पहल है, जिसने यह दिखाया है कि संसाधनों का सही उपयोग और नियमों का कड़ाई से पालन किस तरह बड़े आर्थिक परिणाम दे सकता है।
₹317 करोड़ की कबाड़ बिक्री और ₹148 करोड़ की टिकट वसूली के साथ NCR ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह उपलब्धि न केवल रेलवे के लिए बल्कि पूरे सार्वजनिक क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।
आने वाले समय में यदि इस मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू किया जाता है, तो भारतीय रेलवे की आर्थिक स्थिति और सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
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