उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले ने शिकायत निस्तारण व्यवस्था में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जनवरी 2026 की आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की मूल्यांकन रिपोर्ट में जिले को 135 में से 135 अंक प्राप्त हुए हैं। इस उपलब्धि के साथ प्रतापगढ़ प्रदेश में शिकायत समाधान प्रणाली का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला बन गया है।
यह सफलता प्रशासन की सक्रियता, त्वरित कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था का परिणाम मानी जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की समन्वित कार्यशैली ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर की निगरानी में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतों की मार्किंग और संबंधित विभागों को अग्रसारित करने का औसत समय मात्र 0.01 दिन रहा, जो प्रदेश में सबसे बेहतर माना जा रहा है।
समीक्षा अवधि के दौरान जिले में एक भी डिफाल्टर संदर्भ लंबित नहीं पाया गया। यह दर्शाता है कि सभी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया गया। प्रशासन ने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर इस व्यवस्था को प्रभावी बनाया।
त्वरित कार्रवाई से बढ़ा भरोसा
अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और नियमित मॉनिटरिंग के कारण लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है। प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए थे, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।
आवेदकों से मिला सकारात्मक फीडबैक
शिकायत निस्तारण के बाद आवेदकों से प्राप्त फीडबैक में भी प्रतापगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 97.72 प्रतिशत आवेदकों ने समाधान को संतोषजनक बताया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि केवल शिकायतों का निपटारा ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता पूर्ण समाधान भी सुनिश्चित किया गया।
प्रशासन द्वारा समाधान के बाद आवेदकों से संपर्क कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करने की प्रक्रिया अपनाई गई। इससे फीडबैक प्रणाली मजबूत हुई और शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार आया।
मुख्यमंत्री कार्यालय और उच्चाधिकारियों की भी रही नजर
आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है। प्रतापगढ़ के प्रदर्शन पर उच्च स्तर पर भी संतोष जताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान को शासन की प्राथमिकता में रखा गया है।
जिले में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें लंबित मामलों और समाधान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। विभागवार जिम्मेदारी तय करने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई।
शिकायत निस्तारण प्रणाली में तकनीक का बेहतर उपयोग
प्रतापगढ़ प्रशासन ने आईजीआरएस पोर्टल और डिजिटल मॉनिटरिंग का प्रभावी उपयोग किया। ऑनलाइन ट्रैकिंग, समयबद्ध कार्रवाई और विभागीय समन्वय के कारण शिकायतों का तेजी से निस्तारण संभव हो पाया।
इसके अलावा, अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश दिए गए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। तकनीक के उपयोग से जवाबदेही बढ़ी और कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनी।
प्रदेश के अन्य जिलों के लिए बना उदाहरण
प्रतापगढ़ का यह प्रदर्शन प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और जनसुनवाई की मजबूत व्यवस्था से शिकायत निस्तारण प्रणाली को और बेहतर बनाया जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर भी इस उपलब्धि को लेकर सकारात्मक माहौल है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की सक्रियता से उनकी समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में तेजी से हो रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि आगे भी शिकायत निस्तारण की इसी गति और गुणवत्ता को बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर शिकायत को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक तंत्र जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करे, तो जनसेवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
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