वैलेंटाइन वीक के बीच रिलीज हुई रोमांटिक फिल्मों की टक्कर में ‘ओ रोमियो’ ने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर बढ़त बना ली है। वहीं दूसरी ओर रिलीज हुई फिल्म ‘तू या मैं’ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कमजोर साबित हुई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, ‘ओ रोमियो’ ने पहले दिन बेहतर ओपनिंग हासिल की, जबकि ‘तू या मैं’ की कमाई उम्मीद से कम रही।
ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘ओ रोमियो’ ने पहले दिन करीब 6-7 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। फिल्म को मल्टीप्लेक्स के साथ-साथ टियर-2 शहरों और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी अच्छी ऑक्यूपेंसी मिली। वहीं ‘तू या मैं’ लगभग 2-3 करोड़ रुपये के आसपास सिमट गई, जो इसकी स्टारकास्ट और प्रमोशन को देखते हुए निराशाजनक माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में ‘ओ रोमियो’ को युवाओं और कपल्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जिससे इसके वीकेंड कलेक्शन में और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
‘ओ रोमियो’ की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसकी इमोशनल लव स्टोरी और म्यूजिक को माना जा रहा है। फिल्म में रोमांस, ड्रामा और मॉडर्न रिलेशनशिप की कहानी को दर्शकों ने पसंद किया है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म के गाने और कुछ भावनात्मक सीन ट्रेंड कर रहे हैं।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और लोकेशन भी दर्शकों को आकर्षित कर रही है। उत्तर प्रदेश के दर्शकों ने खास तौर पर फिल्म के म्यूजिक और एक्टिंग की तारीफ की है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के कारण फिल्म की कमाई वीकेंड में बढ़ सकती है।
युवा दर्शकों का मिला भरपूर सपोर्ट
वैलेंटाइन सीजन के दौरान रिलीज होने का फायदा ‘ओ रोमियो’ को मिला है। कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा दर्शकों के बीच फिल्म की डिमांड ज्यादा देखी गई। लखनऊ और नोएडा के मल्टीप्लेक्स में शाम और रात के शो में अच्छी सीट बुकिंग दर्ज की गई।
फिल्म का ट्रेलर पहले से ही सोशल मीडिया पर लोकप्रिय था, जिससे ओपनिंग डे पर अच्छा फुटफॉल देखने को मिला। अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो फिल्म पहले वीकेंड में 20 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है।
‘तू या मैं’ की धीमी शुरुआत से ट्रेड चिंतित
दूसरी ओर ‘तू या मैं’ को उम्मीद के मुताबिक दर्शक नहीं मिल पाए। ट्रेड एनालिस्ट्स का कहना है कि फिल्म का प्रमोशन सीमित रहा और कहानी दर्शकों को खास आकर्षित नहीं कर सकी। पहले दिन सिनेमाघरों में इसकी ऑक्यूपेंसी 15-20 प्रतिशत के बीच रही, जो किसी भी नई फिल्म के लिए कम मानी जाती है।
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में फिल्म के शो खाली दिखाई दिए। खासकर सिंगल स्क्रीन थिएटर में फिल्म को बहुत कम दर्शक मिले।
वीकेंड पर निर्भर भविष्य
अब ‘तू या मैं’ का भविष्य पूरी तरह वीकेंड और वर्ड ऑफ माउथ पर निर्भर करेगा। अगर शनिवार और रविवार को दर्शकों की संख्या नहीं बढ़ी तो फिल्म के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
ट्रेड सर्कल में यह भी चर्चा है कि रोमांटिक फिल्मों के बीच प्रतिस्पर्धा और मजबूत कंटेंट की कमी ‘तू या मैं’ के कमजोर प्रदर्शन का कारण बनी है।
उत्तर प्रदेश में बॉक्स ऑफिस ट्रेंड
उत्तर प्रदेश हिंदी फिल्मों के लिए एक बड़ा मार्केट माना जाता है। यहां के दर्शकों की पसंद का असर अक्सर राष्ट्रीय कलेक्शन पर भी पड़ता है। इस बार भी यूपी के शहरों में ‘ओ रोमियो’ को ‘तू या मैं’ की तुलना में बेहतर रिस्पॉन्स मिला है।
लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ और वाराणसी में मल्टीप्लेक्स ऑक्यूपेंसी रिपोर्ट के अनुसार, ‘ओ रोमियो’ के शो 35-45 प्रतिशत तक भरे रहे, जबकि ‘तू या मैं’ 20 प्रतिशत से ऊपर नहीं जा सकी। स्थानीय थिएटर मालिकों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो अगले सप्ताह ‘ओ रोमियो’ को ज्यादा स्क्रीन मिल सकती हैं।
फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि शुरुआती रुझानों से साफ है कि दर्शक अब कंटेंट और म्यूजिक को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। ‘ओ रोमियो’ को पॉजिटिव रिव्यू और सोशल मीडिया ट्रेंड का फायदा मिल रहा है, जबकि ‘तू या मैं’ को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ की जरूरत है।
अगर ‘ओ रोमियो’ वीकेंड पर 18-22 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है तो यह फिल्म के लिए मजबूत शुरुआत मानी जाएगी। वहीं ‘तू या मैं’ को बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने के लिए शनिवार और रविवार को कम से कम दोगुनी कमाई करनी होगी।
फिलहाल पहले दिन के आंकड़े यही संकेत दे रहे हैं कि वैलेंटाइन वीक की इस बॉक्स ऑफिस रेस में ‘ओ रोमियो’ ने बढ़त बना ली है और ‘तू या मैं’ को आगे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
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