चिल्हिया थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष पर एक दुकानदार ने गाली-गलौज करने, पैसे मांगने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि वह शराब की दुकान ke bagal apni dukaan चलाता है और थानाध्यक्ष ने उससे तीन हजार रुपये की मांग की थी।
दुकानदार के मुताबिक, जब उसने पैसे देने से मना किया और इसकी शिकायत की, तो थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ उसकी दुकान पर पहुंचे और उसके साथ बदसलूकी करते हुए गालियां दीं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इलाके के अन्य दुकानदारों से अवैध रूप से पैसे लिए जाते हैं, लेकिन वह गरीब होने के कारण पैसा नहीं दे सका, इसलिए उसे निशाना बनाया गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामला पिरहवा गांव का बताया जा रहा है।
वहीं, इस मामले में थानाध्यक्ष ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि 2 फरवरी 2026 को करौंदा नानकार गांव में बाजार के दिन वह पुलिस बल के साथ पैदल गश्त पर थे। गश्त के दौरान देखा गया कि देसी शराब की दुकान के आसपास दुकानदार अपनी दुकानों पर लोगों को बैठाकर शराब पिला रहे थे। पुलिस को देखते ही सभी लोग मौके से भाग गए।
थानाध्यक्ष के अनुसार, दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि दुकान पर बैठाकर शराब न पिलाएं। इसी कार्रवाई से नाराज होकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैसे मांगने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है और मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है।

