श्रावण से पहले SSP का एक्शन मोड, अपराधियों की अब खैर नहीं!

Editorial
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सिद्धार्थनगर आगामी श्रावण मास, शिवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सिद्धार्थनगर पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अभिषेक महाजन ने पुलिस लाइन सभागार में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों के साथ विस्तृत अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। करीब कई घंटों तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, लंबित मुकदमों, ऑपरेशन कन्विक्शन और कम्युनिटी पुलिसिंग सहित कई अहम बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई।एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता, सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी और तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और पुलिस की मौजूदगी हर समय जनता को महसूस होनी चाहिए।

श्रावण और शिवरात्रि पर रहेगा सुरक्षा का विशेष पहरा

बैठक में सबसे अधिक जोर आगामी श्रावण मास और शिवरात्रि को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर दिया गया। एसएसपी ने निर्देश दिए कि मंदिरों, प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नियमित पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और रात्रि भ्रमण बढ़ाने के निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिस की सक्रियता ही आमजन में सुरक्षा का भरोसा पैदा करती है, इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाए।

महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति अभियान की हुई समीक्षा

गोष्ठी के दौरान मिशन शक्ति अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने मिशन शक्ति केंद्र प्रभारियों से महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के लिए आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन, चौपाल और जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी ली।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में नियमित रूप से चौपाल लगाकर महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों, महिला हेल्पलाइन, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और अन्य अपराधों से बचाव के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

साइबर अपराध पर विशेष फोकस

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए एसएसपी ने साइबर जागरूकता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई धोखाधड़ी और सोशल मीडिया अपराधों के प्रति जागरूक करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने आईजीआरएस और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर प्राप्त साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत दोषियों को सजा दिलाने पर जोर

एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने न्यायालय में विचाराधीन मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी न्यायालय पैरवीकारों के साथ बैठक कर प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए 12 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि केवल मुकदमा दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत विवेचना और प्रभावी पैरवी के जरिए अपराधियों को अदालत से सजा दिलाना पुलिस की सबसे बड़ी सफलता होती है।

लंबित मुकदमों और वांछित अपराधियों पर सख्ती

बैठक में लंबित विवेचनाओं, संपत्ति संबंधी अपराधों, महिला उत्पीड़न, गुमशुदा बच्चों और लंबित बरामदगी मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। एसएसपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विवेचक उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लंबित मुकदमों का जल्द से जल्द निस्तारण करें।उन्होंने कहा कि वांछित अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और अन्य निरोधात्मक कानूनों के तहत अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि अपराधियों में पुलिस का भय कायम रहे।

कम्युनिटी पुलिसिंग को मिलेगा और बढ़ावा

अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन द्वारा संचालित कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जाए।उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग को मजबूत बनाया जाए और बीट अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई सूचनाओं की नियमित समीक्षा हो, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके और बड़े विवादों को रोका जा सके।

IGRS, CCTNS और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी समीक्षा

बैठक में मुख्यालय द्वारा जारी IGRS और CCTNS की रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए, जिससे आम जनता को तेज, पारदर्शी और प्रभावी पुलिस सेवा मिल सके।

बैठक में मौजूद रहे सभी वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक, सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, प्रभारी प्रतिसार निरीक्षक, निरीक्षक प्रज्ञान शाखा, निरीक्षक रेडियो शाखा, सभी प्रभारी निरीक्षक एवं थानाध्यक्ष, यूपी-112 प्रभारी, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी, कम्युनिटी पुलिसिंग टीम, न्यायालय पैरवीकार, विभिन्न शाखाओं के प्रभारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

अपराधियों के लिए साफ संदेश

इस समीक्षा बैठक के जरिए एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सिद्धार्थनगर में अपराध, महिला उत्पीड़न, साइबर ठगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्त कार्रवाई होगी। वहीं आम जनता के लिए यह भरोसा भी दिया गया कि श्रावण मास और आने वाले त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी और पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

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