सोशल मीडिया पर इन दिनों एक टीचर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह क्लासरूम के अंदर बच्चों को गिनती सिखाने के लिए नाच और गाने का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। यह अनोखा और मजेदार पढ़ाने का तरीका इंटरनेट यूजर्स को काफी पसंद आ रहा है। वीडियो में बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ टीचर का साथ देते हुए गिनती सीखते दिखाई दे रहे हैं।
- बच्चों की भागीदारी ने बनाया माहौल खास
- यूजर्स ने कहा- ऐसी होनी चाहिए पढ़ाईवीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने टीचर की जमकर तारीफ की है। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर हर स्कूल में इसी तरह पढ़ाया जाए तो बच्चों को पढ़ाई से डर नहीं लगेगा। कुछ लोगों ने इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक और प्रभावी तरीका बताया।
शिक्षा के इस रचनात्मक अंदाज ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कई यूजर्स इसे “फन लर्निंग” का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं और टीचर की जमकर सराहना कर रहे हैं।
बच्चों की भागीदारी ने बनाया माहौल खास
वीडियो में देखा जा सकता है कि टीचर गिनती को गाने और स्टेप्स के साथ समझा रहे हैं। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ती है, बच्चे भी उसी लय में हाथ और शरीर की गतिविधियों के साथ सीखते जाते हैं। इससे क्लासरूम का माहौल न सिर्फ मनोरंजक बन जाता है, बल्कि बच्चों की सीखने में रुचि भी बढ़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के एक्टिव लर्निंग मेथड से छोटे बच्चों की याददाश्त बेहतर होती है और वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि खेल की तरह लेते हैं। उत्तर प्रदेश सहित देश के कई स्कूलों में अब ऐसे नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
यूजर्स ने कहा- ऐसी होनी चाहिए पढ़ाईवीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने टीचर की जमकर तारीफ की है। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर हर स्कूल में इसी तरह पढ़ाया जाए तो बच्चों को पढ़ाई से डर नहीं लगेगा। कुछ लोगों ने इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक और प्रभावी तरीका बताया।
शिक्षकों के लिए प्रेरणा बना वीडियो
यह वीडियो न सिर्फ अभिभावकों बल्कि अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बन गया है। कई शिक्षकों ने कमेंट कर कहा कि वे भी अपनी कक्षाओं में ऐसे रचनात्मक तरीकों को अपनाने की कोशिश करेंगे, ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया और बेहतर हो सके।
छोटे बच्चों के लिए पारंपरिक पढ़ाई के तरीके कई बार उबाऊ हो सकते हैं। ऐसे में नाच, गाना, एक्टिविटी और खेल के माध्यम से पढ़ाना उन्हें ज्यादा प्रभावी ढंग से समझने में मदद करता है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक्टिव और इंटरैक्टिव लर्निंग से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है और उनकी क्रिएटिविटी भी विकसित होती है।
उत्तर प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में भी अब “लर्निंग बाय डूइंग” और “एक्टिव क्लासरूम” जैसे मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। वायरल हो रहा यह वीडियो इसी बदलाव की एक सकारात्मक झलक माना जा रहा है।
वीडियो को हजारों लोग शेयर कर चुके हैं और लाखों व्यूज मिल चुके हैं। लोग इसे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बता रहे हैं। हालांकि, वीडियो किस राज्य या स्कूल का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
इस तरह के वायरल वीडियो यह दिखाते हैं कि अगर पढ़ाई को रोचक बनाया जाए तो बच्चे आसानी से सीख सकते हैं और शिक्षा का स्तर भी बेहतर हो सकता है।
read more:https://news7hindi.com/pcb-surrounded-on-t20-world-cup-boycott-u-turn/
for advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016


