Union Budget 2026: वित्तीय घाटा 4.3%, MSME और मिनरल राज्यों पर बड़ा फोकस

Digital Desk
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026-27 पेश करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को संतुलन और विकास की राह पर ले जाने का स्पष्ट संकेत दिया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने ऐलान किया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Fiscal Deficit को GDP के 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। सरकार का मानना है कि नियंत्रित वित्तीय घाटा न केवल भारत की आर्थिक विश्वसनीयता बढ़ाएगा, बल्कि विदेशी निवेश और घरेलू बाजार दोनों को मजबूती देगा। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों के लिए यह बजट संकेत देता है कि केंद्र सरकार विकास और अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही

MSME सेक्टर पर सरकार का विशेष फोकस

Union Budget 2026 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को मजबूती देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि FY27 में Self Reliance India Fund में ₹4,000 करोड़ का अतिरिक्त टॉप-अप किया जाएगा।

इस फंड का उद्देश्य MSMEs को इक्विटी सपोर्ट देना है, ताकि वे विस्तार कर सकें, नई तकनीक अपनाएं और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें। उत्तर प्रदेश में लाखों MSMEs कार्यरत हैं, जिनमें काशी का हथकरघा, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, आगरा का चमड़ा उद्योग और नोएडा-गाजियाबाद का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर शामिल है। यह घोषणा इन सभी क्षेत्रों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।

रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

सरकार का मानना है कि MSME सेक्टर देश में रोजगार सृजन की रीढ़ है। बजट में किए गए प्रावधानों से छोटे उद्योगों को सस्ती पूंजी उपलब्ध होगी, जिससे वे नए कर्मचारियों की भर्ती कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में इससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम युवाओं के पलायन को रोकने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को तेज करने में मदद करेगा।

मिनरल-समृद्ध राज्यों को बड़ी सौगात

 क्रिटिकल मिनरल फैसिलिटी की स्थापना का प्रस्ताव

Union Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे मिनरल-समृद्ध राज्यों को समर्थन देगी, ताकि वहां Critical Mineral Facilities स्थापित की जा सकें।

क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और रक्षा क्षेत्र में होता है। सरकार का उद्देश्य भारत को इन खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है इंडस्ट्री और निवेश के नए अवसर

हालांकि उत्तर प्रदेश मिनरल-समृद्ध राज्य नहीं है, लेकिन इन फैसिलिटीज़ का अप्रत्यक्ष लाभ यूपी को भी मिलेगा। मिनरल प्रोसेसिंग और उससे जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए यूपी एक बड़ा बाजार और लॉजिस्टिक हब बन सकता है।

नोएडा, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों में इंडस्ट्री एक्सपेंशन की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

 आर्थिक स्थिरता और विकास का संतुलन

Union Budget 2026 में सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वह विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। Fiscal Deficit को 4.3% पर लाने का लक्ष्य इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इससे महंगाई पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी और ब्याज दरों में स्थिरता आ सकती है। इसका सीधा फायदा आम जनता, खासकर मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के लिए बजट के मायने

उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा MSMEs और सर्विस सेक्टर पर निर्भर करता है। बजट में MSMEs को दिया गया प्रोत्साहन यूपी के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, बेहतर फिस्कल मैनेजमेंट से केंद्र सरकार के पास राज्यों को अधिक संसाधन देने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को गति मिल सकती है।

Union Budget 2026 को एक संतुलित और भविष्य-उन्मुख बजट माना जा रहा है। Fiscal Deficit को कम करने का लक्ष्य, MSMEs के लिए फंडिंग और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस — ये सभी कदम भारत को दीर्घकालिक विकास की राह पर ले जाने की रणनीति का हिस्सा हैं।

उत्तर प्रदेश के व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं के लिए यह बजट नए अवसरों का संकेत देता है। अब यह देखना अहम होगा कि इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता

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