उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र 2026 के दौरान महंगाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की, वहीं ‘बोतल महंगी’ को लेकर हुई टिप्पणी ने सदन का माहौल और भी गरमा दिया।
सत्र की कार्यवाही के दौरान कई बार शोर-शराबा और हंगामे की स्थिति बनी, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही भी प्रभावित हुई। महंगाई का मुद्दा प्रदेश की जनता से जुड़ा होने के कारण सदन में इस पर लंबी बहस देखने को मिली।
विपक्ष का सरकार पर हमला
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों, गैस, बिजली और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना था कि आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिख रही।
विपक्ष के नेताओं ने कहा कि महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ गया है। उन्होंने सरकार से राहत उपायों की मांग करते हुए सब्सिडी और कीमत नियंत्रण जैसे कदम उठाने की बात कही।
बहस के दौरान सत्ता पक्ष के एक सदस्य ने ‘बोतल महंगी’ को लेकर टिप्पणी की, जिस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। विपक्ष का कहना था कि जनता जरूरी वस्तुओं की महंगाई से परेशान है और सरकार मुद्दे को हल्के में ले रही है।
इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी कहा गया कि कुछ मुद्दों को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की जा रही है।
सदन में तंज और नारेबाजी
‘बोतल’ को लेकर हुई टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के बीच तंज और नारेबाजी शुरू हो गई। विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
स्थिति को संभालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा और सदस्यों से शांत रहने की अपील की गई। कुछ समय के लिए कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी।
सरकार का महंगाई पर पक्ष
सरकार की ओर से कहा गया कि वैश्विक परिस्थितियों और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, राज्य सरकार आम जनता को राहत देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है।
सरकारी पक्ष ने बताया कि राशन वितरण, मुफ्त अनाज योजना और अन्य सामाजिक योजनाओं के जरिए गरीबों को राहत दी जा रही है। साथ ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति तेज
महंगाई जैसे मुद्दे हमेशा राजनीतिक बहस के केंद्र में रहते हैं। विधानसभा सत्र में भी यह साफ दिखा कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई का असर सीधे आम लोगों पर पड़ता है, इसलिए सरकार और विपक्ष दोनों ही इसे लेकर आक्रामक रुख अपनाते हैं। विधानसभा में हुई बहस भी इसी का संकेत मानी जा रही है।
कार्यवाही पर पड़ा असर
लगातार हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। अध्यक्ष ने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने और रचनात्मक चर्चा करने की अपील की।
हालांकि, बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। लेकिन महंगाई और ‘बोतल’ विवाद पूरे दिन चर्चा का मुख्य विषय बना रहा।
यह पूरा घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि प्रदेश में महंगाई एक बड़ा जन मुद्दा बना हुआ है। आने वाले दिनों में सरकार को इस विषय पर ठोस कदम उठाने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति में नजर आ रहा है। विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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