नमो घाट से रामनगर तक वाटर मेट्रो योजना, प्रयागराज तक विस्तार संभव

Digital Desk
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, यह सेवा नमो घाट से रामनगर के बीच संचालित होगी और भविष्य में इसे प्रयागराज तक विस्तार देने पर भी विचार किया जा रहा है।

यह परियोजना गंगा नदी के जरिए यातायात को आसान बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह सेवा शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

प्रमुख घाटों को जोड़ेगी सेवा

प्रस्तावित योजना के तहत वाटर मेट्रो नमो घाट से रामनगर तक संचालित होगी और बीच में 5 प्रमुख घाटों पर ठहराव होगा। इन घाटों का चयन यात्रियों की सुविधा और पर्यटक आवाजाही को ध्यान में रखकर किया गया है।

इससे घाटों के बीच यात्रा का समय कम होगा और लोगों को सड़क मार्ग के ट्रैफिक से राहत मिलेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बोट

वाटर मेट्रो के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों में सुरक्षा उपकरण, लाइफ जैकेट, जीपीएस सिस्टम और आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, घाटों पर भी यात्रियों के लिए टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी।

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प्रयागराज तक विस्तार की योजना

 लंबी दूरी के जल परिवहन पर फोकस

अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में इस सेवा को प्रयागराज तक बढ़ाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। अगर यह योजना सफल होती है, तो गंगा के जरिए लंबी दूरी की यात्रा का एक नया विकल्प उपलब्ध हो जाएगा।

यह पहल धार्मिक पर्यटन, काशी-प्रयागराज यात्रा और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है।

 पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

वाटर मेट्रो परियोजना से पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गंगा में क्रूज और नियमित जल परिवहन सेवा शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

 ट्रैफिक और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि जल परिवहन से शहर के सड़क ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ईंधन की खपत भी घटेगी। इससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी और यह पर्यावरण के लिहाज से भी एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह सेवा सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा विकल्प बन सकती है।

वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर वाटर मेट्रो शुरू होती है, तो घाटों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा।

व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे शहर में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

और पढ़े :https://news7hindi.com/amritsar-rural-polices-strict-special-blockade-on-gangsters/

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