सिद्धार्थनगर में त्योहारों से पहले हाई अलर्ट: श्रावण मास, चेहल्लूम और बारावफात को लेकर पुलिस की बड़ी तैयारी, पीस कमेटी बैठक में शांति-सौहार्द का संदेश

Editorial
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सिद्धार्थनगर आगामी श्रावण मास, चेहल्लूम और बारावफात जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सिद्धार्थनगर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जनपद के थाना खेसरहा में बुधवार को पुलिस प्रशासन ने हिंदू और मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं, ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों के साथ एक महत्वपूर्ण पीस कमेटी बैठक आयोजित की। बैठक में आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्योहार आस्था और भाईचारे का प्रतीक हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ गतिविधि या शांति भंग करने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई बैठक

यह बैठक रिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र ने किया। बैठक अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेंदु सिंह के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।बैठक में थाना क्षेत्र के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु, मौलवी तथा क्षेत्र के प्रतिष्ठित नागरिक मौजूद रहे।

शांति और सौहार्द बनाए रखने पर दिया गया जोर

बैठक में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि श्रावण मास, चेहल्लूम और बारावफात धार्मिक आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पर्व हैं। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। ऐसे समय में सभी समुदायों की जिम्मेदारी है कि वे आपसी भाईचारे की परंपरा को मजबूत करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों का वास्तविक उद्देश्य प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है। इसलिए सभी लोग प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं।

अफवाहों से सतर्क रहने की अपील

बैठक के दौरान सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर भी विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट या भड़काऊ संदेश पर विश्वास न करें और उसे आगे साझा करने से बचें।उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध गतिविधि या भड़काऊ पोस्ट दिखाई देती है, तो उसकी तत्काल सूचना पुलिस को दें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सभी धर्मगुरुओं ने दिया सहयोग का भरोसा

पीस कमेटी की बैठक में उपस्थित हिंदू और मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दोनों समुदाय वर्षों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाते आए हैं और आगे भी यही परंपरा कायम रहेगी।धर्मगुरुओं ने लोगों से अपील की कि किसी भी विवादित विषय या अफवाह से दूर रहें और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

ग्राम प्रधानों और संभ्रांत नागरिकों ने जताई सहमति

बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों और क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों ने भी पुलिस प्रशासन की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इस प्रकार की बैठकें आयोजित होने से लोगों में विश्वास बढ़ता है और छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान पहले ही निकल आता है।उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी क्षेत्र में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो उसे तत्काल पुलिस के संज्ञान में लाया जाएगा।

पुलिस ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।इसके अलावा पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी, प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद

थाना खेसरहा पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। पुलिस लगातार क्षेत्र में निगरानी रखेगी और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रहेगी।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

भाईचारे का संदेश बना बैठक का केंद्र

पूरी बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं था, बल्कि समाज में आपसी विश्वास और भाईचारे को और मजबूत करना भी था। अधिकारियों ने कहा कि सिद्धार्थनगर की पहचान हमेशा सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता रही है। इसे बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

जनता से सहयोग की अपील

पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि त्योहारों के दौरान संयम और जिम्मेदारी का परिचय दें। किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी।थाना खेसरहा में आयोजित पीस कमेटी की यह बैठक केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। पुलिस प्रशासन, धर्मगुरुओं, ग्राम प्रधानों और स्थानीय नागरिकों की साझा भागीदारी ने यह संदेश दिया कि श्रावण मास, चेहल्लूम और बारावफात जैसे पावन पर्व आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे के साथ ही मनाए जाएंगे।पुलिस का संदेश भी साफ है—त्योहार खुशियों का अवसर हैं, इन्हें शांति, सद्भाव और कानून के दायरे में रहकर मनाएं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जनता के सहयोग से हर पर्व को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा।

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