रायबरेली उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली ने मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधाओं को नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। गुरुवार को एम्स रायबरेली और सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत एम्स परिसर में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए अत्याधुनिक विश्राम गृह (नाइट शेल्टर) का निर्माण कराया जाएगा। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मानवीय बनाएगी, बल्कि दूर-दराज़ से आने वाले हजारों परिवारों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगी।यह कार्यक्रम एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अमिता जैन की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और मरीजों के हित में मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
मरीजों के तीमारदारों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
देशभर से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए एम्स रायबरेली पहुंचते हैं। उनके साथ आने वाले परिजनों को अक्सर रुकने की उचित व्यवस्था नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सेवादान आरोग्य संस्था एम्स परिसर में एक आधुनिक नाइट शेल्टर का निर्माण कराएगी। यहां मरीजों के तीमारदारों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में ठहरने की सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें इलाज के दौरान अस्पताल परिसर के आसपास भटकने या खुले स्थानों पर रात बिताने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

एमओयू का हुआ औपचारिक आदान-प्रदान
समझौता कार्यक्रम के दौरान एम्स रायबरेली की ओर से उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह तथा सेवादान आरोग्य संस्था की ओर से अमित दास ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने औपचारिक रूप से समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू. एन. राय, अधीक्षण अभियंता हरीश यादव, अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी तथा सेवादान आरोग्य संस्था की ओर से अमित दास और डी. डी. पाण्डे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।सभी ने इस पहल को मरीजों और उनके परिवारों के हित में एक महत्वपूर्ण सामाजिक कदम बताया।
डॉ. अमिता जैन ने बताई पहल की अहमियत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अमिता जैन ने कहा कि किसी भी मरीज के उपचार में उसके साथ रहने वाले परिजनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उनके लिए सम्मानजनक और सुरक्षित आवास की व्यवस्था करना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा दायित्व है।उन्होंने कहा कि यह नाइट शेल्टर मरीजों के तीमारदारों की परेशानियों को काफी हद तक कम करेगा और उन्हें उपचार के दौरान मानसिक सुकून मिलेगा।

जनसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण
सेवादान आरोग्य संस्था की इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility) और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। संस्था लंबे समय से स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और अब एम्स रायबरेली के साथ मिलकर मरीजों के परिजनों के लिए एक स्थायी सुविधा विकसित करेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सहयोग से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बन सकती हैं।
हजारों परिवारों को होगा सीधा लाभ
एम्स रायबरेली में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई मरीज ऐसे होते हैं जो सैकड़ों किलोमीटर दूर से आते हैं। उनके साथ आने वाले परिजनों को अक्सर होटल या धर्मशालाओं में रुकने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।नाइट शेल्टर बनने के बाद ऐसे हजारों परिवारों को कम लागत या आवश्यकता के अनुरूप बेहतर ठहरने की सुविधा मिलेगी। इससे उनका आर्थिक बोझ भी कम होगा और इलाज के दौरान मरीज की देखभाल करना भी आसान होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा मानवीय आयाम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक चिकित्सा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज और उसके परिवार की सुविधा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एम्स रायबरेली और सेवादान आरोग्य संस्था ने यह पहल की है।यह परियोजना अस्पताल की सेवाओं को अधिक संवेदनशील, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भविष्य के लिए मिसाल बनेगी पहल
एम्स रायबरेली में बनने वाला यह विश्राम गृह भविष्य में देश के अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है। यदि इस प्रकार की सुविधाएं अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी विकसित होती हैं, तो लाखों मरीजों और उनके परिजनों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवा में नई शुरुआत
एम्स रायबरेली और सेवादान आरोग्य संस्था के बीच हुआ यह समझौता केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मानवीय, संवेदनशील और जनकल्याणकारी बनाने का मजबूत संदेश देती है।आने वाले समय में नाइट शेल्टर के निर्माण के बाद हजारों मरीजों और उनके तीमारदारों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक ठहरने की सुविधा मिलेगी। यही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता और सामाजिक उपयोगिता होगी।
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