लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक एक बार फिर अपने सख्त प्रशासनिक तेवर को लेकर चर्चा में हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए एक औचक निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों की गुणवत्ता की जांच की तो कई ईंटें मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। खराब गुणवत्ता की ईंटें देखकर डिप्टी सीएम नाराज हो गए और मौके पर मौजूद अधिकारियों व संबंधित ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनता के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान खुद जांचीं ईंटें
औचक निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर स्वयं ईंटों की गुणवत्ता परखी। उन्होंने कई ईंटों को हाथ में लेकर उनकी मजबूती और गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ ईंटें मानक से कमजोर पाई गईं, जिस पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब किया।उन्होंने पूछा कि निर्माण सामग्री की नियमित जांच क्यों नहीं की जा रही है और गुणवत्ता नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वहन क्यों नहीं कर रहे हैं।
अधिकारियों और ठेकेदार को लगाई फटकार
गुणवत्ता में कमी मिलने के बाद डिप्टी सीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सरकारी परियोजनाओं में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि भविष्य में किसी भी परियोजना में गुणवत्ता से समझौता पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनता के पैसे का सही उपयोग हो
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना भी है। जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और समय-समय पर सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत सामने न आए।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगी सरकार
बृजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर और सुरक्षित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी परियोजना में मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट समय-समय पर तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक समस्या उत्पन्न न हो।

सरकार की प्राथमिकता—पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण विकास
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार विकास परियोजनाओं की निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समय-समय पर विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे हैं। इसी क्रम में बृजेश पाठक का यह निरीक्षण भी सरकार की गुणवत्ता आधारित कार्यशैली का हिस्सा माना जा रहा है।राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ती है और सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के अंत में डिप्टी सीएम ने दोहराया कि जनता की सुविधाओं से जुड़े किसी भी निर्माण कार्य में लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करें और जहां भी गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिले, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना है, जो लंबे समय तक टिकाऊ रहें और आम जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करें।
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