जालौन उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच टकराव की स्थिति सामने आई है। जिले के मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में न्यायिक SDM एवं IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही की कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ताओं ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में वकीलों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपा और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया।अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक न्यायिक SDM का स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार भी जारी रहेगा। इस घटनाक्रम के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पूरे दिन हलचल का माहौल बना रहा।
कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों का प्रदर्शन
जालौन जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में सुबह से ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र होने लगे। वकीलों ने न्यायिक SDM की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।ज्ञापन में न्यायिक SDM के कार्य करने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित करना संभव नहीं है।
कार्य स्थगित करने का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल सांकेतिक नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि जब तक न्यायिक SDM का तबादला नहीं होगा, तब तक वे न्यायालय संबंधी कार्यों का बहिष्कार जारी रखेंगे।इस निर्णय के कारण कलेक्ट्रेट परिसर में कई न्यायिक और राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हुए। दूर-दराज से आए लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
IAS रिंकू सिंह राही की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि न्यायिक SDM की कार्यशैली से वादकारियों और अधिवक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई मामलों में न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
वकीलों ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में अपनी मांगों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने प्रशासन से न्यायिक SDM के स्थानांतरण पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वादकारियों को हुई परेशानी
कार्य बहिष्कार के कारण न्यायालय में आने वाले कई लोगों को बिना सुनवाई के वापस लौटना पड़ा। विभिन्न राजस्व और न्यायिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच जल्द समाधान निकलना चाहिए ताकि आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर
जालौन प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। कलेक्ट्रेट परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन का परीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शांतिपूर्ण ढंग से हुआ विरोध
अधिवक्ताओं का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और प्रशासन से सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
समाधान की उम्मीद
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच वार्ता के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा सकता है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो न्यायिक कार्य जल्द सामान्य हो सकते हैं।हालांकि फिलहाल अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थानांतरण की मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।जालौन कलेक्ट्रेट में IAS रिंकू सिंह राही की कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है। वकीलों ने न्यायिक SDM के स्थानांतरण की मांग करते हुए कार्य स्थगित कर दिया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम और दोनों पक्षों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर आम वादकारियों और न्यायिक कार्यों पर भी पड़ सकता है।
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