बदायूं उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए परिवहन विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जिले के संवेदनशील मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से क्षमता से अधिक माल लादकर दौड़ने वाले वाहनों के खिलाफ शनिवार को एक बड़ा विशेष चेकिंग और प्रवर्तन अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी (DM) के सख्त और सीधे आदेशों के अनुपालन में की गई इस छापेमारी में परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 10 बड़े मालवाहक वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया। इसके साथ ही शासकीय नियमों के तहत परिवहन विभाग के खाते में 4 लाख रुपये का भारी-भरकम प्रशमन शुल्क (जुर्माना) जमा कराया गया।यह बड़ी कार्रवाई सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) हरिओम गौतम तथा यात्री व माल कर अधिकारी अभिनव चौधरी के नेतृत्व में गठित विशेष प्रवर्तन टीम द्वारा की गई। जैसे ही एआरटीओ की सरकारी गाड़ियों का काफिला जिले के विभिन्न राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मुस्तैद हुआ, वैसे ही अवैध रूप से ओवरलोड गिट्टी, बालू, मिट्टी और अन्य व्यावसायिक सामग्री ले जा रहे डंपर और ट्रक चालकों में अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन चालक चेकिंग टीम को देखकर गाड़ी छोड़कर भाग खड़े हुए, तो कई ने वाहनों को रास्तों के किनारे ही छिपाने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद अधिकारियों ने घेराबंदी कर दोषी वाहनों को दबोच लिया।


जिलाधिकारी के निर्देश पर अचानक बदला रुख
जिले के प्रशासनिक गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से बदायूं और उसके आस-पास के क्षेत्रों से लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ परिवहन ऑपरेटर और खनन माफिया तय मानकों से दोगुना भार लादकर भारी वाहनों को मुख्य सड़कों से गुजार रहे हैं। इन ओवरलोड वाहनों के चलते न केवल आए दिन भीषण सड़क हादसे हो रहे हैं, बल्कि नव-निर्मित सड़कें और पुल भी समय से पहले पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
सड़कों की बर्बादी और जनता की जानमाल की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए बदायूं जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाने के कड़े निर्देश दिए। डीएम के इसी आदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए एआरटीओ (प्रवर्तन) हरिओम गौतम ने अपनी पूरी टीम के साथ जाल बिछाया और शनिवार तड़के से ही सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।


कार्रवाई का पूरा ब्यौरा (10 वाहन सीज, लाखों की वसूली)
परिवहन विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान हाईवे और शहर के प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग लगाकर संदिग्ध भारी मालवाहकों को रोका गया। जब इन वाहनों के प्रपत्रों की जांच की गई और धर्मकांटे पर इनके भार का मिलान किया गया, तो पाया गया कि सभी 10 वाहन अपनी निर्धारित सकल वाहन क्षमता (Gross Vehicle Weight) से कहीं अधिक माल ले जा रहे थे।
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- कुल चालान व सीज वाहन: 10 भारी मालवाहक (डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली)।
- कुल जुर्माना राशि: ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) मौके पर प्रशमन शुल्क के रूप में आरोपित।
- कार्रवाई का स्थान: दातागंज रोड, म्याऊं पुलिस चौकी, बिसौली मार्ग और बदायूं शहर के नो-एंट्री प्वाइंट्स।
पकड़े गए वाहनों को तत्काल विधिक प्रक्रियाओं के तहत नजदीकी थानों और एआरटीओ कार्यालय परिसर में खड़ा करवाकर सीज करने की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक वाहन मालिक पूरा जुर्माना और ओवरलोडिंग का वैधानिक शुल्क शासकीय खाते में जमा नहीं करेंगे, तब तक वाहनों को किसी भी कीमत पर अवमुक्त (Release) नहीं किया जाएगा।
“सड़क सुरक्षा — जीवन रक्षा” केवल नारा नहीं, हमारा संकल्प: एआरटीओ हरिओम
कार्रवाई के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए एआरटीओ प्रवर्तन हरिओम गौतम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी रसूखदार या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा:
“ओवरलोडिंग केवल एक वित्तीय अपराध नहीं है, बल्कि यह सड़क पर चल रहे निर्दोष नागरिकों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। अत्यधिक भार के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और ब्रेक फेल होने या वाहन पलटने से गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ के इस राष्ट्रीय संकल्प को बदायूं में पूरी कड़ाई से लागू किया जाएगा।”
यात्री और माल कर अधिकारी अभिनव चौधरी ने भी वाहन स्वामियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वे अपने ड्राइवरों को केवल तय सीमा के अंदर ही माल लोड करने की अनुमति दें। यदि भविष्य में भी कोई वाहन ओवरलोड पाया जाता है, तो मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की नवीनतम धाराओं के तहत और भी ज्यादा कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें परमिट निरस्तीकरण भी शामिल हो सकता है।
ओवरलोडिंग से होने वाले नुकसान पर अधिकारियों की चिंता
प्रवर्तन अधिकारियों ने वाहन एसोसिएशनों और व्यापार मंडलों से संवाद करते हुए दो प्रमुख चिंताओं को रेखांकित किया:
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- सड़कों और बुनियादी ढांचे का विनाश: सरकार द्वारा आम जनता के टैक्स के पैसे से बनाई जाने वाली चमचमाती सड़कें और फ्लाईओवर इन ओवरलोड ट्रकों के अत्यधिक दबाव के कारण धंस जाते हैं।
- दुर्घटनाओं का बढ़ता ग्राफ: बदायूं और उसके लिंक मार्गों पर रात और सुबह के समय होने वाले 40% से अधिक हादसों के पीछे अनियंत्रित और ओवरलोड डंपर ही मुख्य वजह पाए गए हैं।
भविष्य में भी जारी रहेगा महा-अभियान
परिवहन विभाग के इस औचक और कड़े एक्शन से पूरे बदायूं जिले के परिवहन ऑपरेटरों में खलबली मची हुई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि यह महज एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों और लिंक रोड्स पर भी सचल दस्तों को तैनात कर गोपनीय चेकिंग कराई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यावसायिक वाहन को सड़क पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

