ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर पलटवार, बोले-ब्राह्मण वोट के लिए सपा कर रही राजनीति

Editorial
7 Min Read

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में अखिलेश यादव और सपा नेताओं की ओर से भाजपा पर किए गए हमलों के बाद अब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया है। जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित सपा के कार्यक्रम को लेकर पाठक ने समाजवादी पार्टी पर ब्राह्मण समाज के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया।ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा को ब्राह्मण समाज की याद चुनाव के समय आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी चुनावी लाभ के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रही है। पाठक ने यह भी कहा कि सपा अपने मूल समाजवादी विचारों और मूल्यों से भटक चुकी है।

ब्राह्मण समाज को लेकर ब्रजेश पाठक का सपा पर हमला

उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि सपा नेताओं को उनके खिलाफ राजनीतिक टिप्पणी करने का अधिकार है, लेकिन ब्राह्मण समाज का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ब्राह्मण वोट बैंक के लिए राजनीति कर रही है।पाठक ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय सपा ब्राह्मण समाज को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करती है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उसके नेताओं की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। उन्होंने इसी संदर्भ में सपा पर तीखा राजनीतिक तंज भी कसा।उनका कहना था कि ब्राह्मण समाज को केवल चुनावी गणित का हिस्सा मानना उचित नहीं है। उन्होंने ब्राह्मण समाज को ज्ञान और परंपरा से जुड़ा बताते हुए कहा कि उसे राजनीतिक लाभ के लिए याचक की तरह पेश करना सही नहीं है।

जनेश्वर मिश्र जयंती कार्यक्रम पर भी साधा निशाना

ब्रजेश पाठक ने जनेश्वर मिश्र की जयंती पर समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र की जयंती उनके व्यक्तित्व, विचारों और समाजवादी मूल्यों पर चर्चा करने का अवसर था।पाठक के मुताबिक, कार्यक्रम में इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक हमले ज्यादा देखने को मिले। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र समाजवादी विचारधारा और राजनीतिक संवाद की परंपरा से जुड़े रहे थे। ऐसे में उनकी जयंती पर राजनीतिक कटाक्ष के बजाय उनके विचारों और योगदान पर चर्चा होनी चाहिए थी।उन्होंने कहा कि ज्ञान और सामाजिक चेतना से जुड़ी परंपरा वाले ब्राह्मण समाज को याचक के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

सपा पर ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति का आरोप

उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज की सपा ब्राह्मण समाज को मुख्य रूप से चुनाव के समय याद करती है।पाठक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक समूहों के बीच राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं।उन्होंने सपा के पुराने समाजवादी नेताओं और वर्तमान राजनीतिक शैली के बीच अंतर बताते हुए कहा कि आज की सपा राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र के समाजवादी आदर्शों से दूर हो गई है।

संसदीय परंपराओं को लेकर भी सपा पर निशाना

ब्रजेश पाठक ने अपने बयान में सपा पर संसदीय परंपराओं की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र संसद और विधानसभा में बहस तथा संवाद के पक्षधर थे।पाठक का आरोप है कि वर्तमान सपा संसद और विधानसभा में हंगामा कर जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को प्रभावित करती है। उन्होंने विपक्ष पर संसदीय कार्यवाही के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।उन्होंने संविधान को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि संविधान की प्रति हाथ में लेकर केवल राजनीतिक तस्वीरें खिंचवाने से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा नहीं होती।

समाजवाद और सामाजिक न्याय पर भी उठाए सवाल

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी जिस समाजवाद, सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता की बात करती है, वह उसकी मौजूदा राजनीति में दिखाई नहीं देती। उन्होंने सपा के मौजूदा राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अपने संस्थापक नेताओं के विचारों से दूर हो चुकी है।पाठक ने आरोप लगाया कि सपा के लिए ब्राह्मण समाज अब केवल चुनावी वोट बैंक बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज को केवल चुनावी गणित के नजरिए से देखना उचित नहीं है।

2027 चुनाव से पहले तेज हो रही राजनीतिक बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातीय और सामाजिक समीकरणों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। समाजवादी पार्टी जहां अपने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के राजनीतिक समीकरण में ब्राह्मण समाज को भी जोड़ने की कोशिश करती नजर आ रही है, वहीं भाजपा की ओर से सपा की इस रणनीति पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।जनेश्वर मिश्र जयंती पर आयोजित सपा कार्यक्रम में अखिलेश यादव की ओर से PDA में ‘P’ को पंडित से जोड़ने के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आया। इसके बाद भाजपा की ओर से ब्रजेश पाठक का यह बयान सामने आया है।

यूपी की सियासत में ब्राह्मण वोट पर बढ़ी नजर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण मतदाताओं की भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की नजर इस वर्ग पर है। ऐसे में ब्राह्मण समाज को लेकर भाजपा और सपा के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।फिलहाल ब्रजेश पाठक के बयान ने यूपी की सियासत में एक नया राजनीतिक मुद्दा जोड़ दिया है। एक ओर सपा अपने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा उसके प्रयासों को वोट बैंक की राजनीति बताकर निशाना साध रही है।ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज को लेकर चल रही राजनीतिक कवायद यूपी की चुनावी रणनीति में कितनी अहम भूमिका निभाएगी, यह आने वाले समय में साफ होगा।

read on:https://news7hindi.com/suspicious-death-of-crpf-jawan-vineet-singh-in-manipur-protest-in-lucknow-by-keeping-the-dead-body-wife-alleges-torture/

or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment