नई दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने उन्हें गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। इस मामले में ACB ने सत्येंद्र जैन समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।सत्येंद्र जैन ने कोर्ट में पेशी के दौरान अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह कदम पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया है। वहीं जांच एजेंसी का दावा है कि दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी टेंडर की प्रक्रिया में कथित तौर पर नियमों और शर्तों में हेरफेर कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।
दिल्ली जल बोर्ड टेंडर केस में 6 गिरफ्तार
ACB के मुताबिक, इस मामले में सत्येंद्र जैन के अलावा तत्कालीन DJB CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के प्रोपराइटर पंकज वर्मा को गिरफ्तार किया गया है।जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और निजी पक्षों के बीच लगातार संपर्क था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में टेंडर की शर्तों, कॉरिजेंडम और अन्य दस्तावेजों के आदान-प्रदान की जानकारी सामने आई है। ACB के अनुसार बाद में इनमें से कुछ शर्तों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया गया।इस मामले में 11 मई 2024 को एफआईआर दर्ज की गई थी। अब जांच एजेंसी पूरे लेनदेन और कथित अपराध से अर्जित रकम की पड़ताल कर रही है।

17.70 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप
जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, पूरे मामले में करीब 17.70 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार की बात सामने आई है। ईडी के दावे के अनुसार यूरोटेक को टेंडर प्रक्रिया में कथित हेरफेर के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ मिला।जांच एजेंसियों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों तक नकदी, हवाला और कथित फर्जी इनवॉयस के माध्यम से करीब 6.73 करोड़ रुपये की रिश्वत पहुंचाई गई। एजेंसी यह भी दावा कर चुकी है कि मामले से जुड़ी करीब 15.36 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। आरोपों का सामना कर रहे लोगों को अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाना अभी बाकी है।

पूर्व DJB CEO के खातों में पहुंची रकम का भी दावा
ACB ने जांच के आधार पर दावा किया है कि तत्कालीन DJB CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में एएन एंटरप्राइजेज के माध्यम से करीब 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे। एजेंसी का कहना है कि जांच में इस रकम को कथित रिश्वत के तौर पर देखा गया है।जांच एजेंसी के अनुसार इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। एजेंसी का दावा है कि एएन एंटरप्राइजेज के खाते में यह पैसा यूरोटेक से जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से पहुंचा था। इन लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
गिरफ्तारी पर AAP ने उठाए सवाल
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले गिरफ्तारी का उद्देश्य राजनीतिक रूप से आम आदमी पार्टी पर दबाव बनाना है।AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी को चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए।मनीष सिसोदिया ने भी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने का संकेत है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
भाजपा का पलटवार
AAP के आरोपों पर भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सत्ता बदल सकती है, लेकिन सरकारी फाइलें और जांच से जुड़े तथ्य अपनी जगह बने रहते हैं। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड की एसटीपी टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय किए जाने की बात कही।इस तरह सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद मामला सिर्फ कानूनी जांच तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
पहले भी जेल जा चुके हैं सत्येंद्र जैन
सत्येंद्र जैन इससे पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। ईडी ने उन्हें 30 मई 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह लंबे समय तक जेल में रहे। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 18 अक्तूबर 2024 को अदालत ने उन्हें जमानत दी थी।जेल में रहने के दौरान उन्हें कथित वीआईपी सुविधाएं मिलने को लेकर भी विवाद हुआ था। ईडी ने इस संबंध में अदालत में हलफनामा और तस्वीरें पेश की थीं। हालांकि आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया था।
अब कोर्ट की कार्रवाई पर नजर
दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी टेंडर मामले में अब सभी की नजर राउज एवेन्यू कोर्ट की कार्यवाही और जांच एजेंसी के अगले कदम पर है। ACB का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया, सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच कथित लेनदेन की कई कड़ियां सामने आई हैं।वहीं सत्येंद्र जैन और आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ दिल्ली और पंजाब की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकता है।Delhi Jal Board Case, Satyendar Jain Arrest, ACB Action और STP Tender Scam से जुड़े इस मामले में आगे होने वाली जांच और अदालत की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित भ्रष्टाचार की पूरी कड़ी कहां तक जाती है।
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