वॉशिंगटन अमेरिका पर हुए 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों से जुड़े मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सैन्य अदालत ने खालिद शेख मोहम्मद और तीन अन्य आरोपियों के मुकदमे की शुरुआत के लिए 5 जून 2028 की तारीख तय की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब 9/11 हमले की 25वीं बरसी नजदीक है और इस मामले में दो दशक से अधिक समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही है।खालिद शेख मोहम्मद पर 9/11 हमलों की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है। वह फिलहाल क्यूबा स्थित ग्वांतानामो बे अमेरिकी सैन्य अड्डे में हिरासत में है। उसके साथ तीन अन्य आरोपियों पर भी मुकदमा चलाया जाना है।
- 5 जून 2028 से शुरू होगा ट्रायल
- कौन है खालिद शेख मोहम्मद?
- 2003 में पकड़ा गया था खालिद शेख मोहम्मद
- तीन अन्य आरोपियों पर भी चलेगा मुकदमा
- आखिर इतनी देर क्यों हुई?
- मौत की सजा का मुद्दा भी रहा अहम
- ग्वांतानामो बे जेल क्यों चर्चा में रहती है?
- पीड़ित परिवारों के लिए 2028 की तारीख क्यों अहम?
- क्या 2028 में सच में शुरू होगा मुकदमा?
- 9/11 मामले में एक और बड़ा पड़ाव
5 जून 2028 से शुरू होगा ट्रायल
अमेरिकी वायुसेना के लेफ्टिनेंट कर्नल माइकल ए. श्रामा ने मुकदमे के लिए 5 जून 2028 की तारीख निर्धारित की है। अभियोजन पक्ष इससे पहले जनवरी 2027 में ट्रायल शुरू करने की मांग कर रहा था, लेकिन सैन्य न्यायाधीश ने इसे पर्याप्त समय न होने के कारण स्वीकार नहीं किया।अदालत के मुताबिक, मुकदमे से पहले कई महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दों को सुलझाना बाकी है। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि सुनवाई के दौरान कौन-कौन से साक्ष्य स्वीकार किए जा सकते हैं। बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच सबूतों को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे हैं।इसका मतलब यह है कि 2028 की तारीख तय होने के बावजूद मामले की प्रक्रिया अभी पूरी तरह अंतिम चरण में नहीं पहुंची है। निर्धारित समयसीमा और कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर ही मुकदमा आगे बढ़ सकेगा और इसमें फिर देरी की संभावना भी बनी हुई है।

कौन है खालिद शेख मोहम्मद?
खालिद शेख मोहम्मद को अमेरिकी अधिकारियों ने 9/11 हमलों की साजिश का कथित मुख्य योजनाकार बताया है। अमेरिकी अभियोजन के अनुसार, उस पर अपहृत विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और वॉशिंगटन स्थित पेंटागन से टकराने की साजिश में भूमिका निभाने का आरोप है।11 सितंबर 2001 को अमेरिका में चार यात्री विमान हाईजैक किए गए थे। इनमें दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावरों से टकराए, जबकि एक विमान पेंटागन से टकराया। चौथा विमान पेंसिल्वेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुआ।इन हमलों में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी और इसके बाद अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया।
2003 में पकड़ा गया था खालिद शेख मोहम्मद
खालिद शेख मोहम्मद को मार्च 2003 में पाकिस्तान में पकड़ा गया था। इसके बाद उसे अमेरिकी हिरासत में रखा गया और 2006 में ग्वांतानामो बे भेजा गया। वह लंबे समय से अमेरिकी सैन्य हिरासत में है।मामले की कानूनी प्रक्रिया बेहद लंबी और जटिल रही है। कई बार सुनवाई की तारीखें तय हुईं, लेकिन प्री-ट्रायल विवादों, सबूतों और हिरासत के दौरान पूछताछ से जुड़े कानूनी सवालों के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।अब 2028 की तारीख तय होने के बाद मामले में एक निश्चित समयसीमा जरूर सामने आई है, लेकिन कानूनी अड़चनें अभी समाप्त नहीं हुई हैं।
तीन अन्य आरोपियों पर भी चलेगा मुकदमा
खालिद शेख मोहम्मद अकेला आरोपी नहीं है। उसके साथ वलीद बिन अताश, अली अब्दुल अजीज अली और मुस्तफा अल-हवसावी पर भी मुकदमा चलाया जाना है। चारों पर 9/11 हमलों की साजिश में अलग-अलग भूमिका निभाने के आरोप हैं।ये सभी आरोपी ग्वांतानामो बे में हिरासत में हैं और अमेरिकी सैन्य आयोग के सामने मामले की सुनवाई होनी है।यह मामला सामान्य अमेरिकी संघीय अदालत में चलने वाले मुकदमे से अलग है। इसकी सुनवाई अमेरिकी सैन्य आयोग के तहत हो रही है, जिसके कारण कानूनी प्रक्रिया और नियम भी अलग हैं।
आखिर इतनी देर क्यों हुई?
9/11 मामले में सबसे बड़ा सवाल यही रहा है कि हमलों के करीब 25 साल बाद भी मुख्य आरोपियों का मुकदमा शुरू क्यों नहीं हो सका।इसकी बड़ी वजह प्री-ट्रायल कानूनी विवाद हैं। अदालत को यह तय करना है कि अभियोजन पक्ष किन सबूतों को मुकदमे में पेश कर सकता है। बचाव पक्ष ने हिरासत और पूछताछ के दौरान हासिल किए गए कुछ साक्ष्यों की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए हैं।अमेरिकी अधिकारियों और आरोपियों के वकीलों के बीच इन मुद्दों पर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चलती रही है। इसी वजह से पहले तय की गई सुनवाई की समयसीमाएं आगे खिसकती रहीं।
मौत की सजा का मुद्दा भी रहा अहम
इस मामले में सजा को लेकर भी लंबे समय से विवाद रहा है। एक समय खालिद शेख मोहम्मद और कुछ अन्य आरोपियों के साथ एक समझौते पर बातचीत हुई थी, जिसके तहत वे अपना अपराध स्वीकार कर सकते थे और बदले में उन्हें मौत की सजा से बचाते हुए बिना पैरोल उम्रकैद जैसी सजा का विकल्प मिल सकता था।हालांकि इस समझौते को लेकर अमेरिकी सरकार और पीड़ित परिवारों के बीच मतभेद सामने आए। बाद में अमेरिकी अपीलीय अदालत के हस्तक्षेप और प्रशासनिक फैसलों के कारण यह समझौता आगे नहीं बढ़ सका।यही कारण है कि मामला दोबारा सैन्य अदालत में पूर्ण ट्रायल की दिशा में बढ़ा।
ग्वांतानामो बे जेल क्यों चर्चा में रहती है?
ग्वांतानामो बे क्यूबा में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डा है। यहां अमेरिकी सरकार ने आतंकवाद से जुड़े कई बंदियों को रखा है। खालिद शेख मोहम्मद और 9/11 मामले के अन्य आरोपी भी लंबे समय से यहीं हिरासत में हैं।ग्वांतानामो में हिरासत और वहां की पूछताछ व्यवस्था को लेकर वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस होती रही है। 9/11 मामले में भी हिरासत के दौरान आरोपियों से की गई पूछताछ और उससे जुड़े साक्ष्यों की स्वीकार्यता कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
पीड़ित परिवारों के लिए 2028 की तारीख क्यों अहम?
11 सितंबर 2001 के हमलों में मारे गए लोगों के परिवार लगभग ढाई दशक से न्यायिक प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में 2028 में ट्रायल की तारीख तय होना इस मामले में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।हालांकि पीड़ित परिवारों के लिए यह इंतजार अभी समाप्त नहीं हुआ है। ट्रायल शुरू होने के बाद भी आरोपों, सबूतों, गवाहों और बचाव पक्ष की दलीलों पर लंबी सुनवाई हो सकती है।इसलिए 5 जून 2028 की तारीख को मुकदमे की शुरुआत की निर्धारित तारीख के रूप में समझना चाहिए, न कि मामले के अंतिम फैसले की तारीख के रूप में।
क्या 2028 में सच में शुरू होगा मुकदमा?
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मुकदमा निश्चित रूप से उसी तारीख को शुरू हो जाएगा। न्यायाधीश ने समयसीमा तय की है, लेकिन उससे पहले कई कानूनी चरण पूरे होने बाकी हैं।अदालत को प्री-ट्रायल विवादों और साक्ष्यों से जुड़े मुद्दों पर फैसले लेने होंगे। यदि तय कार्यक्रम के मुताबिक ये प्रक्रियाएं पूरी नहीं होती हैं तो मुकदमे में एक बार फिर देरी हो सकती है।
9/11 मामले में एक और बड़ा पड़ाव
9/11 हमले अमेरिकी इतिहास की सबसे गंभीर आतंकी घटनाओं में से एक रहे हैं। हमलों के बाद अमेरिका ने अपनी सुरक्षा और विदेश नीति में व्यापक बदलाव किए। इस घटना ने पूरी दुनिया की आतंकवाद के प्रति रणनीति को प्रभावित किया।ऐसे में खालिद शेख मोहम्मद और अन्य आरोपियों का मुकदमा केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि अमेरिकी न्यायिक और सुरक्षा इतिहास का भी महत्वपूर्ण अध्याय है।लगभग 25 वर्षों बाद भी इस मामले में कानूनी विवाद जारी रहना यह दिखाता है कि बड़े आतंकवादी मामलों में न्यायिक प्रक्रिया कितनी जटिल हो सकती है।9/11 आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद का ट्रायल अब 5 जून 2028 से शुरू होने के लिए निर्धारित किया गया है। अमेरिकी सैन्य न्यायाधीश ने जनवरी 2027 में मुकदमा शुरू करने की अभियोजन पक्ष की मांग को पर्याप्त समय न होने के कारण स्वीकार नहीं किया।खालिद शेख मोहम्मद और तीन अन्य आरोपी ग्वांतानामो बे में हिरासत में हैं। उनके खिलाफ मुकदमे से पहले सबूतों की स्वीकार्यता और अन्य कानूनी मुद्दों पर सुनवाई जारी है।2028 की तारीख इस लंबे समय से चल रहे मामले में महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी बाकी है। इसलिए यह भी संभव है कि निर्धारित तारीख से पहले सामने आने वाले कानूनी फैसलों के आधार पर मामले की समयसीमा में फिर बदलाव हो।फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि करीब ढाई दशक पुराने 9/11 मामले में अमेरिकी सैन्य अदालत की यह तय की गई तारीख वास्तव में मुकदमे की शुरुआत तक पहुंचती है या नहीं।
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