रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
- बाढ़ प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
- जरूरतमंदों को बांटी राहत सामग्री
- भोजन और पेयजल की समस्या पर भी हुई चर्चा
- पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर
- आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग
- चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग
- प्रशासन से राहत कार्य तेज करने की अपील
- ‘संकट में लोगों के साथ खड़ी है समाजवादी पार्टी’
- आगे भी जारी रहेगा राहत कार्य
अमृतपुर/फर्रुखाबाद गंगा और रामगंगा नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लगातार बढ़ते पानी से ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। ऐसे में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सपा नेता एवं समाजसेवी अजीत यादव ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और बाढ़ के कारण सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली।दौरे के दौरान अजीत यादव ने जरूरतमंद बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। राहत सामग्री मिलने पर प्रभावित परिवारों ने राहत महसूस की और मदद के लिए उनका आभार जताया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पानी बढ़ने से ग्रामीणों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और पशुओं के चारे जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।अजीत यादव ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने परिवारों से पूछा कि उन्हें किस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और राहत कार्यों में किन चीजों की सबसे अधिक आवश्यकता है।ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं पशुपालकों के सामने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना भी चुनौती बना हुआ है।

जरूरतमंदों को बांटी राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान सपा नेता अजीत यादव ने जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। उनका कहना है कि आपदा के समय जरूरतमंद परिवारों की मदद करना समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जिन परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, उन तक राहत पहुंचाना जरूरी है। ऐसे समय में केवल सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय सामाजिक स्तर पर भी लोगों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए।राहत सामग्री मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों ने अजीत यादव का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि संकट के समय उनके बीच पहुंचकर समस्याओं को सुनना और मदद करना उनके लिए महत्वपूर्ण है।

भोजन और पेयजल की समस्या पर भी हुई चर्चा
अजीत यादव ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान भोजन और पेयजल की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। बाढ़ के दौरान कई परिवारों को दैनिक जरूरत की चीजों के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में समय पर राहत सामग्री उपलब्ध कराना बेहद जरूरी हो जाता है।उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि किसी परिवार को तत्काल सहायता की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी संबंधित लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि जरूरत के अनुसार मदद की जा सके।उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ की स्थिति में वह जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए अपने स्तर से हरसंभव प्रयास करते रहेंगे।

पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सिर्फ लोगों के सामने ही मुश्किलें नहीं हैं, बल्कि पशुपालकों को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पानी बढ़ने से कई जगहों पर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था प्रभावित हुई है।अजीत यादव ने ग्रामीणों से पशुओं के चारे की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के साथ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बाढ़ प्रभावित गांवों में जरूरत के अनुसार पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को इस संकट के समय अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग
बाढ़ के कारण अमृतपुर क्षेत्र के कई गांवों में आवागमन प्रभावित होने की समस्या भी सामने आई है। पानी बढ़ने के कारण ग्रामीणों को अपने दैनिक कामकाज और जरूरी सामान के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है।अजीत यादव ने प्रशासन से मांग की कि बाढ़ प्रभावित गांवों में सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां जरूरत हो, वहां नाव या अन्य वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था की जाए, ताकि ग्रामीण जरूरी काम के लिए सुरक्षित तरीके से आवाजाही कर सकें।उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और बीमार लोगों को हो सकती है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखनी चाहिए।
चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग
बाढ़ के दौरान जलभराव और गंदगी के कारण विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए अजीत यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।उन्होंने प्रशासन से अपील की कि प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजा जाए और जरूरत पड़ने पर मेडिकल कैंप लगाए जाएं। लोगों को जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं समय पर उपलब्ध होनी चाहिए।उनका कहना है कि बाढ़ के दौरान राहत कार्य केवल खाद्य सामग्री तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और पशुओं की देखभाल को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।
प्रशासन से राहत कार्य तेज करने की अपील
सपा नेता अजीत यादव ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत कार्य और तेज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों तक पर्याप्त राहत सामग्री समय से पहुंचनी चाहिए।उन्होंने भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पशुओं के चारे और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित लोगों की लगातार निगरानी और सहायता जरूरी है।उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
‘संकट में लोगों के साथ खड़ी है समाजवादी पार्टी’
अजीत यादव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में समाजवादी पार्टी बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत स्तर पर भी जरूरतमंद लोगों की सहायता का प्रयास कर रहे हैं और आगे भी राहत कार्य जारी रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लोगों की मदद करना प्राथमिकता होनी चाहिए। समाज के सक्षम लोगों और सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर जरूरतमंद परिवारों का सहयोग करना चाहिए।
आगे भी जारी रहेगा राहत कार्य
अमृतपुर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अजीत यादव ने कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत कार्य आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।गंगा और रामगंगा के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्यों की जरूरत बनी हुई है। ऐसे में प्रशासनिक प्रयासों के साथ सामाजिक सहयोग भी प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।अजीत यादव के बाढ़ प्रभावित गांवों के दौरे और राहत सामग्री वितरण से स्थानीय स्तर पर बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर से राहत, चिकित्सा, पशु चारा और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्थाओं पर है।
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