दिशा सालियान केस में CBI की FIR, उद्धव-आदित्य ठाकरे समेत 17 नाम

Editorial
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मुंबई बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एफआईआर दर्ज कर ली है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जांच में कई चर्चित नाम सामने आने से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे समेत कुल 17 लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।सीबीआई अब इस मामले में आपराधिक साजिश, हत्या, गैंगरेप और सबूतों से छेड़छाड़ समेत विभिन्न आरोपों के एंगल से जांच करेगी। हालांकि, एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होना अपने आप में आरोप साबित होना नहीं है। आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

दिशा सालियान केस में CBI की FIR
दिशा सालियान केस में CBI की FIR

हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच शुरू

दिशा सालियान मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को उनके पिता सतीश सालियान की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। अदालत ने जांच के दौरान एफआईआर दर्ज करने और मामले की पड़ताल एक अनुभवी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में करने को कहा था।इसके बाद सीबीआई ने सोमवार को मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की औपचारिक शुरुआत कर दी। इस कदम के साथ ही लंबे समय से चर्चा में रहे दिशा सालियान मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी के हाथों में आ गई है।

एफआईआर में कई बड़े नाम

मामले की एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के अलावा अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली के नाम भी सामने आए हैं।इसके साथ ही अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और दिशा के मंगेतर रहे रोहन रॉय समेत कई अन्य लोगों के नाम भी एफआईआर में शामिल बताए गए हैं।कुल 17 लोगों के नाम सामने आने के बाद मामले का दायरा काफी बड़ा हो गया है। अब सीबीआई इन सभी नामों से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर सकती है।

दिशा सालियान केस में CBI की FIR
दिशा सालियान केस में CBI की FIR

किन आरोपों की होगी जांच?

सीबीआई की जांच में कई गंभीर पहलुओं को शामिल किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एजेंसी आपराधिक साजिश, हत्या, गैंगरेप और सबूतों से छेड़छाड़ जैसे एंगल पर जांच करेगी।जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियां वास्तव में क्या थीं और घटना से जुड़े विभिन्न दावों में कितनी सच्चाई है। इसके साथ ही मामले से जुड़े लोगों की भूमिका, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी।हालांकि इन आरोपों को फिलहाल जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए। किसी भी आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

दिशा सालियान के पिता का बयान भी दर्ज

सीबीआई ने जांच शुरू करने के साथ ही दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का बयान भी दर्ज किया है। उनका बयान इस जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अपनी बेटी की मौत को लेकर अदालत में याचिका दायर की थी।बताया गया है कि सतीश सालियान ने सीबीआई अधिकारियों के सामने मामले से जुड़े अपने दावे और उनके पास उपलब्ध जानकारी साझा की है। अब एजेंसी उनके बयान में सामने आए बिंदुओं और अन्य उपलब्ध सामग्री का सत्यापन कर सकती है।जांच में आगे और लोगों के बयान दर्ज किए जाने तथा मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल किए जाने की संभावना है।

सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ने के कारण भी चर्चा में रहा मामला

दिशा सालियान बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। दिशा की मौत और इसके कुछ समय बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत के कारण दोनों मामले लंबे समय तक सार्वजनिक चर्चा में रहे।हालांकि दोनों घटनाओं को लेकर अलग-अलग जांच और कानूनी प्रक्रियाएं चली हैं। दिशा सालियान मामले में अब बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई को जांच की जिम्मेदारी मिली है।इस नई जांच के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि दिशा की मौत की परिस्थितियों से जुड़े वे कौन से पहलू हैं, जिन पर अब केंद्रीय एजेंसी की जांच केंद्रित होगी।

वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में जांच

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच एक अनुभवी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में करने का निर्देश दिया था। इसका उद्देश्य जांच को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना और मामले के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल सुनिश्चित करना है।सीबीआई अब एफआईआर में दर्ज आरोपों के आधार पर घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है। साथ ही उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा।

आगे क्या होगा?

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच का अगला चरण शुरू होगा। सीबीआई मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी। एजेंसी यह भी देखेगी कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों के समर्थन में किस तरह के साक्ष्य उपलब्ध हैं।मामले में आगे पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और अन्य कानूनी कार्रवाई जांच की दिशा के आधार पर हो सकती है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि सीबीआई ने हाईकोर्ट के निर्देश के बाद औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है।दिशा सालियान मामले में सामने आए 17 नामों और गंभीर आरोपों ने राजनीतिक और मनोरंजन जगत में भी चर्चा तेज कर दी है। हालांकि जांच पूरी होने तक सभी आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अब इस मामले में सीबीआई की जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी नजर रहेगी।

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