रिपोर्ट: विजय गुप्ता
लखनऊ में स्कूली बच्चों को खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से हाजमोला ‘मस्ती की पाठशाला’ अभियान का आयोजन किया गया। डाबर इंडिया लिमिटेड की ओर से शुरू किए गए इस अभियान के तहत जानकीपुरम स्थित सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में बच्चों के लिए मनोरंजक और खेल आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।डाबर इंडिया के मुताबिक, ‘मस्ती की पाठशाला’ अभियान उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर चलाया जाएगा। इसके तहत 20 प्रमुख शहरों के करीब 550 स्कूलों तक पहुंचने और 2.5 लाख से अधिक छात्रों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ रोजाना शारीरिक गतिविधियों और खेल-कूद के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
जानकीपुरम के स्कूल में आयोजित हुआ कार्यक्रम
लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों के लिए फन गेम्स और अन्य मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उमंग से भरा रहा। बच्चों ने खेल आधारित गतिविधियों में भाग लेकर शारीरिक सक्रियता का अनुभव किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राजन वर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा डाबर इंडिया लिमिटेड के मैनेजर कॉरपोरेट कम्युनिकेशन दिनेश कुमार, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुधा तिवारी, समाजसेवी पंकज तिवारी और परी पुस्तक के प्रमुख अजय यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।आयोजकों के मुताबिक, अभियान में मनोरंजन के साथ स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है, ताकि बच्चे खेल-कूद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकें।

550 स्कूलों और 2.5 लाख से ज्यादा छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य
डाबर इंडिया के अनुसार, ‘मस्ती की पाठशाला’ अभियान को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर संचालित किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि अभियान की पहुंच 20 प्रमुख शहरों के 550 स्कूलों तक बनाने की योजना है। इसके माध्यम से 2.5 लाख से अधिक छात्रों को जोड़े जाने का लक्ष्य रखा गया है।अभियान के तहत स्कूलों में बच्चों के लिए मनोरंजक खेलों के सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ स्वास्थ्य और फिटनेस विशेषज्ञों के सत्र भी होंगे। इन सत्रों में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की रोजाना शारीरिक गतिविधियों के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।

स्क्रीन टाइम के बीच खेल-कूद पर जोर
आज के समय में बच्चों की दिनचर्या में मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा है। ऐसे में खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय निकालना एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।‘मस्ती की पाठशाला’ अभियान के जरिए बच्चों को मनोरंजन के साथ शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि खेल बच्चों को सक्रिय रखने के साथ उनके सामाजिक और भावनात्मक विकास में भी भूमिका निभा सकते हैं।अभियान में बच्चों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि शारीरिक सक्रियता केवल फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनकी रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा भी हो सकती है।

श्रीराम पद्मनाभन ने बताया अभियान का उद्देश्य
डाबर इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर मार्केटिंग श्रीराम पद्मनाभन ने कहा कि ‘मस्ती की पाठशाला’ के जरिए मनोरंजन और फिटनेस को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक, आज कई बच्चे घर के अंदर अधिक समय बिता रहे हैं और इस अभियान के माध्यम से उन्हें खेल-कूद की ओर प्रेरित करने की कोशिश है।उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से बच्चों तक पहुंचकर ऐसी पीढ़ी तैयार करने का प्रयास है, जो दैनिक जीवन में मनोरंजन के साथ शारीरिक गतिविधियों के महत्व को भी समझे।
डॉ. राजन वर्मा ने गिनाए खेल-कूद के फायदे
कार्यक्रम में मौजूद डॉ. राजन वर्मा ने बच्चों के शारीरिक विकास के साथ मानसिक और भावनात्मक विकास में भी खेल-कूद की भूमिका पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि नियमित शारीरिक गतिविधियां बच्चों की एकाग्रता और याददाश्त के लिए उपयोगी हो सकती हैं। उनके मुताबिक, आज जब बच्चे स्क्रीन और गैजेट्स पर काफी समय बिताते हैं, ऐसे में खेल-कूद उन्हें सक्रिय रखने और तनाव कम करने में मदद कर सकता है।उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से खेलने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही अभिभावकों और शिक्षकों से भी बच्चों की दिनचर्या में खेल के लिए पर्याप्त समय रखने की जरूरत बताई।
‘होलिस्टिक वेलनेस’ पर अभियान का फोकस
डाबर इंडिया लिमिटेड के कैटेगरी हेड-हेल्थकेयर ओटीसी प्रबल वालिया ने कहा कि ‘मस्ती की पाठशाला’ को बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक पहल के तौर पर तैयार किया गया है।उन्होंने कहा कि अभियान में खेल-कूद को शामिल करने के पीछे बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने का उद्देश्य है। उनके अनुसार, शारीरिक गतिविधियां पाचन तंत्र सहित स्वास्थ्य के कई पहलुओं के लिए उपयोगी हो सकती हैं।कंपनी की ओर से कहा गया कि अभियान के माध्यम से ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, जिसमें खेल और फिटनेस बच्चों की रोजाना की दिनचर्या और शिक्षा का हिस्सा बनें।
बच्चों के लिए खेल और जागरूकता का मंच
लखनऊ में आयोजित ‘मस्ती की पाठशाला’ कार्यक्रम में खेल आधारित गतिविधियों के साथ बच्चों को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।अभियान के तहत आगे भी विभिन्न स्कूलों में फन गेम्स, स्वास्थ्य जागरूकता और फिटनेस से जुड़े सत्र आयोजित किए जाने की योजना है। डाबर के अनुसार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 20 प्रमुख शहरों में अभियान के विस्तार के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।लखनऊ के जानकीपुरम से शुरू हुई यह पहल बच्चों को खेल-कूद से जोड़ने, स्क्रीन टाइम के बीच शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने और स्वस्थ दिनचर्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित रही। कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी और उत्साह ने आयोजन को खास बना दिया।
Read on:http://मुरादाबाद में 17वां तेंदुआ पिंजरे में कैद, रेस्क्यू अभियान जारी
Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

