फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश, धान की फसल डूबी: किसानों की बढ़ी चिंता

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद जिले में पिछले करीब 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। कई इलाकों में धान की खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से किसानों को फसल खराब होने और सड़ने का डर सताने लगा है। सबसे अधिक चिंता उन किसानों की है, जिनके खेतों में धान की फसल तैयार होने की स्थिति में है।ग्राम पंचायत कक्योली क्षेत्र में बारिश का असर खेतों पर साफ दिखाई दे रहा है। किसानों के अनुसार, इस समय धान की फसल खेतों में खड़ी है और कई जगह फसल पकने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में लगातार बारिश ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। खेतों में पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण कई स्थानों पर धान के पौधे पानी में डूब गए हैं। कुछ खेतों में पानी भरने के साथ फसल के पौधे गिर भी गए हैं।

खेतों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी

किसानों का कहना है कि बारिश का पानी खेतों से जल्द नहीं निकला तो धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाएगी। लगातार पानी में डूबे रहने से पौधों और धान की बालियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खेतों से पानी की निकासी की है।बारिश के कारण खेतों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। जिन खेतों में पानी अधिक भर गया है, वहां किसान फसल की स्थिति देखने तक ठीक से नहीं पहुंच पा रहे हैं। खेतों में चारों ओर पानी जमा होने के कारण कृषि कार्य प्रभावित हुआ है। किसानों को अब बारिश थमने और खेतों से पानी निकलने का इंतजार है।किसानों के मुताबिक धान की फसल तैयार करने में कई महीनों की मेहनत और काफी लागत लगती है। खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर खर्च करने के बाद जब फसल तैयार होने लगती है, तब इस तरह की लगातार बारिश किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन जाती है।

फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश
फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश

तैयार फसल खराब होने की आशंका

किसान रामकिशन, गंगादयाल, महेंद्र और जमालुद्दीन ने बताया कि उन्होंने धान की फसल के लिए काफी मेहनत और खर्च किया है। अब लगातार बारिश के कारण उनकी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि अगर खेतों में कई दिनों तक पानी जमा रहा तो धान की बालियों और पौधों में सड़न लग सकती है।किसानों के मुताबिक बारिश का सिलसिला जल्द नहीं रुका और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो नुकसान बढ़ सकता है। खासकर उन खेतों में स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है, जहां धान की फसल पानी में पूरी तरह या काफी हद तक डूब गई है।किसानों का कहना है कि बारिश के कारण कई जगह धान की खड़ी फसल गिरने लगी है। फसल गिरने से उसकी देखभाल और कटाई भी मुश्किल हो सकती है। ऐसे में किसान मौसम के रुख पर नजर बनाए हुए हैं।

फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश
फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश

मेहनत और लागत पर पानी फिरने का डर

धान की खेती किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण जरिया है। किसान फसल तैयार करने के लिए मौसम के साथ-साथ सिंचाई, खाद और कीटनाशक समेत कई स्तर पर खर्च करते हैं। लगातार बारिश ने अब उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिरने की आशंका पैदा कर दी है।किसानों का कहना है कि अगर मौसम साफ हो जाता है और खेतों से पानी तेजी से निकल जाता है तो नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन अगर बारिश आगे भी जारी रही तो खेतों में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है।कक्योली क्षेत्र के किसानों के मुताबिक कई खेतों में पानी इतना भर गया है कि धान के पौधों का काफी हिस्सा पानी में दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में फसल की वास्तविक स्थिति का आकलन बारिश रुकने और पानी कम होने के बाद ही बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश
फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश

किसानों ने प्रशासन से सर्वे की मांग की

लगातार बारिश से परेशान किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद राजस्व और कृषि विभाग की टीमों के माध्यम से खेतों का निरीक्षण कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सके।किसानों ने मांग की है कि जिन किसानों की फसल बारिश और जलभराव के कारण प्रभावित हुई है, उनके नुकसान का नियमानुसार आकलन कराया जाए और पात्र किसानों को सरकारी नियमों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।किसानों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन होने से प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। इसके साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है, ताकि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा न रहे।

फर्रुखाबाद में 48 घंटे से बारिश
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मौसम के रुख पर टिकी किसानों की निगाह

फर्रुखाबाद और नवाबगंज क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच अब किसानों की निगाहें मौसम के रुख पर टिकी हैं। किसान चाहते हैं कि जल्द बारिश रुके और धूप निकलने से खेतों का पानी कम हो। इसके बाद ही धान की फसल की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव बना हुआ है और धान की खड़ी फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। किसानों के सामने एक तरफ तैयार होती फसल को बचाने की चुनौती है तो दूसरी तरफ बारिश रुकने और पानी की निकासी का इंतजार है।कक्योली समेत प्रभावित क्षेत्रों के किसान अब प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे और जरूरी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम का रुख और खेतों से पानी की निकासी यह तय करने में महत्वपूर्ण होगी कि धान की फसल को कितना नुकसान पहुंचा है।

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