पटना बिहार की राजधानी पटना में आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी टीम ने पटना के एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी, जो दानापुर में सब रजिस्ट्रार के पद पर तैनात हैं, से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पटना और बेगूसराय स्थित आवासों से नकदी, महंगी घड़ियां, आभूषण और निवेश व संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।निगरानी विभाग की कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज केस और न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर की गई। अधिकारियों की टीम बरामद नकदी, जेवर, घड़ियों और दस्तावेजों का मूल्यांकन कर रही है। इसके साथ ही इन संपत्तियों और निवेश का मिलान अधिकारी दंपती की घोषित आय से किया जा रहा है।


पटना और बेगूसराय में एक साथ तलाशी
जानकारी के अनुसार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पटना में दानापुर के नहर रोड स्थित आवास समेत संबंधित ठिकानों पर तलाशी ली। इसके साथ ही बेगूसराय स्थित पैतृक आवास पर भी निगरानी टीम पहुंची। कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद नकदी, आभूषण, घड़ियों और विभिन्न निवेशों से जुड़े दस्तावेजों को जांच के दायरे में लिया गया।बेगूसराय स्थित आवास से 9 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद होने की जानकारी है। इसके अलावा वहां से सोने के आभूषण भी मिले हैं। निगरानी अधिकारियों ने बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।पटना स्थित आवास से भी बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य सामान मिलने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पटना और बेगूसराय के ठिकानों से कुल मिलाकर करीब 39 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात कही गई है।


चार बक्सों में मिलीं महंगी घड़ियां
तलाशी के दौरान निगरानी टीम को बड़ी संख्या में ब्रांडेड और महंगी घड़ियां भी मिली हैं। रिपोर्ट के अनुसार करीब तीन दर्जन से अधिक घड़ियां बरामद की गई हैं, जिन्हें चार बड़े बक्सों में रखा गया था। इनमें कुछ घड़ियों के स्विस ब्रांड की होने की जानकारी भी सामने आई है। इन घड़ियों की वास्तविक कीमत का आकलन अभी किया जाना बाकी है। निगरानी टीम बरामद घड़ियों की ब्रांड और बाजार कीमत का मूल्यांकन कराएगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि इनकी खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था और क्या इसका उल्लेख संबंधित आयकर या संपत्ति विवरण में किया गया है।

नकदी और जेवर के साथ मिले संपत्ति के दस्तावेज
तलाशी अभियान के दौरान केवल नकदी और कीमती सामान ही नहीं, बल्कि निवेश और संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज भी मिलने की जानकारी है। इनमें जमीन, फ्लैट, बैंकिंग लेनदेन और अन्य निवेश से संबंधित कागजात शामिल बताए जा रहे हैं।निगरानी विभाग अब इन दस्तावेजों का सत्यापन कर रहा है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि अधिकारी दंपती के नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर कितनी चल-अचल संपत्ति है और उसका स्रोत क्या है।जांच एजेंसी बरामद दस्तावेजों में दर्ज संपत्तियों का मूल्यांकन कराने के बाद उनकी तुलना अधिकारी दंपती की घोषित आय और उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड से करेगी। इसके बाद ही आय और संपत्ति के बीच वास्तविक अंतर की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आय से अधिक संपत्ति का दर्ज है मामला
निगरानी विभाग के अनुसार रविंद्र कुमार दिवाकर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट में इस मामले में 1.06 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का आरोप बताया गया है। इसी मामले में न्यायालय से तलाशी की अनुमति और वारंट प्राप्त करने के बाद कार्रवाई की गई।यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोप और जांच के निष्कर्ष अलग-अलग चरण होते हैं। फिलहाल निगरानी टीम बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच कर रही है। अंतिम स्थिति विस्तृत जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पत्नी भी प्रशासनिक पद पर तैनात
रविंद्र कुमार दिवाकर पटना में एडीएम (आपूर्ति) के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी दानापुर की सब रजिस्ट्रार हैं। दोनों अधिकारियों से जुड़े ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई किए जाने के बाद प्रशासनिक और सरकारी महकमे में भी इसकी चर्चा है।सब रजिस्ट्रार का काम जमीन और अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा होता है। ऐसे में तलाशी के दौरान जमीन, फ्लैट और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद निगरानी टीम उनका भी सत्यापन कर रही है।
बरामद सामान का होगा मूल्यांकन
निगरानी टीम के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण काम बरामद नकदी, आभूषण, घड़ियों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का मूल्यांकन करना है। अधिकारियों की ओर से बरामद सामान की कीमत और उसके स्रोत का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि बरामद संपत्तियों और निवेशों का उल्लेख संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने आय-व्यय एवं संपत्ति विवरण में किया गया था या नहीं। बैंक खातों, जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
तलाशी के बाद आगे क्या होगा?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई अभी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद सामान की विस्तृत सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद नकदी, आभूषण, घड़ियों और संपत्तियों का मूल्यांकन कराया जाएगा।जांच में यदि किसी संपत्ति या निवेश का स्रोत घोषित आय से मेल नहीं खाता है तो उसके संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ और दस्तावेजी स्पष्टीकरण लिया जा सकता है। फिलहाल निगरानी टीम सभी बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जानकारी जुटाकर उनका मिलान कर रही है।पटना के एडीएम आपूर्ति रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी सब रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी से जुड़े ठिकानों पर हुई निगरानी की कार्रवाई में नकदी, महंगी घड़ियां, आभूषण और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब इन सभी चीजों के स्रोत और मूल्य का आकलन कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने और तथ्यों के सत्यापन के बाद स्पष्ट होगी।
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