फर्रुखाबाद में सपा का शक्ति प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

Editorial
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रिपोर्ट : दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को फर्रुखाबाद में जोरदार राजनीतिक प्रदर्शन किया। सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने भोलेपुर क्रॉसिंग से जेएनवी रोड स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पैदल मार्च निकाला।इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। पैदल मार्च में जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से अहम बना दिया।

चंद्रपाल यादव की अगुवाई में सड़क पर उतरे सपाई

सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अगुवाई में निकाले गए पैदल मार्च में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर युवा कार्यकर्ताओं तक ने हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के बैनर और विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां नजर आईं।सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि चुनाव व्यवस्था को लेकर जनता के मन में किसी भी तरह का सवाल या आशंका पैदा होती है तो उस पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसी मुद्दे को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए।

फर्रुखाबाद में सपा का शक्ति प्रदर्शन
फर्रुखाबाद में सपा का शक्ति प्रदर्शन

भोलेपुर क्रॉसिंग से आंबेडकर प्रतिमा तक पैदल मार्च

पैदल मार्च की शुरुआत भोलेपुर क्रॉसिंग से हुई। यहां से सपा नेता और कार्यकर्ता जेएनवी रोड की ओर रवाना हुए। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।सपा का यह कार्यक्रम केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पार्टी ने इसके जरिए जिले में अपने संगठन की सक्रियता और एकजुटता का संदेश भी देने का प्रयास किया। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से कार्यक्रम में पार्टी संगठन के कई स्तरों की भागीदारी दिखाई दी।मार्च के दौरान चुनावी पारदर्शिता, लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए।

चुनावी पारदर्शिता को लेकर सपा ने उठाए सवाल

सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा बना रहना जरूरी है। मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं और ऐसे में चुनाव से जुड़े प्रत्येक सवाल को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।पार्टी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की निष्पक्षता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी मुद्दे को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को अपना विरोध दर्ज कराया।मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी इसी विरोध प्रदर्शन का प्रमुख हिस्सा रही।  सपा की ओर से उठाए गए ये राजनीतिक आरोप और मांगें पार्टी के कार्यक्रम और उसके राजनीतिक रुख के संदर्भ में हैं।

वरिष्ठ नेताओं से लेकर युवाओं तक की रही भागीदारी

कार्यक्रम में सपा के कई वरिष्ठ नेताओं, पूर्व विधायकों, पूर्व प्रत्याशियों और संगठन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इससे कार्यक्रम को व्यापक राजनीतिक भागीदारी मिली।पैदल मार्च में कायमगंज के पूर्व विधायक अजीत कठेरिया, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, कायमगंज के पूर्व प्रत्याशी सर्वेश आंबेडकर, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम फारूकी, वरिष्ठ नेता सरल दुबे, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राशिद जमाल सिद्दीकी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मदाबाद हरीश कुमार, जेपी वर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे।इसके अलावा युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह यादव, युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र सिंह यादव सिरौली, मनोज मिश्रा, राजन यादव, नरेंद्र यादव, भोला यादव, पुष्पेंद्र यादव, सौरभ कटियार, शशांक सक्सेना, इलियास मंसूरी, रोमित सक्सेना, विमल यादव, रजत क्रांतिकारी और ओम प्रकाश शर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।

आंबेडकर प्रतिमा पर पहुंचकर अर्पित की श्रद्धांजलि

पैदल मार्च के बाद सपा नेता और कार्यकर्ता जेएनवी रोड स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचे। यहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में भी पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी।

विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे कार्यकर्ता

सपा के इस कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता भी नजर आई। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में आयोजित मार्च में वरिष्ठ नेताओं के साथ युवाओं की भागीदारी भी रही।राजनीतिक रूप से देखा जाए तो चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में भी विपक्षी दलों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में फर्रुखाबाद में सपा का यह प्रदर्शन स्थानीय राजनीति में पार्टी की सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।

संगठन को मजबूत करने का संदेश

सपा के इस पैदल मार्च को केवल चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के तौर पर ही नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे संगठन की एकजुटता दिखाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों से नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने पार्टी के स्थानीय संगठन को एक मंच पर लाने का काम किया।कार्यक्रम के दौरान सपा ने चुनावी व्यवस्था से जुड़े अपने सवालों को जनता के बीच रखने की कोशिश की। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।फिलहाल फर्रुखाबाद में सपा के इस शक्ति प्रदर्शन ने जिले की राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में चुनावी पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर पार्टी की ओर से आगे भी राजनीतिक कार्यक्रम देखने को मिल सकते हैं। मंगलवार का पैदल मार्च सपा के स्थानीय संगठन की सक्रियता और एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन रहा।

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