रिपोर्ट :मो अरशद
मुरादाबाद समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह की पहल पर मंगलवार को मुरादाबाद के मूवी टाइम मिगलानी सिनेमा हॉल में आध्यात्मिक संत नीब करौरी बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ का सामूहिक प्रदर्शन कराया गया। दो शो में आयोजित इस कार्यक्रम में कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। फिल्म के माध्यम से मानव सेवा, करुणा, समर्पण और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें अलग-अलग सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने भी एक साथ फिल्म देखी। कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक विचारों के जरिए समाज में आपसी विश्वास, प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना था।

दो शो में विभिन्न वर्गों के लोगों ने देखी फिल्म
मूवी टाइम मिगलानी सिनेमा हॉल में आयोजित सामूहिक प्रदर्शन में कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और सामाजिक समूहों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में आशा बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं, पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों तथा रसोइयों ने फिल्म देखी।इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं यानी समूह सखियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले इन लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक सामाजिक सहभागिता का स्वरूप दिया।दो शो के माध्यम से लोगों को फिल्म देखने का अवसर उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों के लिए यह आध्यात्मिक जीवन और मानवता से जुड़े संदेशों को समझने का अवसर रहा।

नीब करौरी बाबा के जीवन से सेवा की प्रेरणा
फिल्म ‘हनुमान अंश’ में आध्यात्मिक संत नीब करौरी बाबा के जीवन और उनसे जुड़े आध्यात्मिक विचारों को प्रस्तुत किया गया है। फिल्म के माध्यम से प्रेम, करुणा, निःस्वार्थ सेवा और मानव कल्याण जैसे मूल्यों पर जोर दिया गया।नीब करौरी बाबा को उनके अनुयायी प्रेम, भक्ति और सेवा की भावना से जोड़कर देखते हैं। उनके जीवन से जुड़ी शिक्षाओं में जरूरतमंदों की सहायता करना, दूसरों के प्रति संवेदनशील रहना और मानवता को प्राथमिकता देना प्रमुख संदेशों के रूप में सामने आते हैं।कार्यक्रम के जरिए लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि आध्यात्मिकता केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों से भी है। जब व्यक्ति दूसरों की मदद करने, जरूरतमंदों का साथ देने और आपसी मतभेदों को दूर करने की भावना अपनाता है, तो सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं।

हिंदू-मुस्लिम सहभागिता से सामाजिक समरसता का संदेश
इस सामूहिक फिल्म प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू विभिन्न समुदायों के लोगों की साझा भागीदारी रही। कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक साथ फिल्म देखी। इस सहभागिता के माध्यम से सामाजिक समरसता, आपसी सम्मान और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया गया।समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए आपसी संवाद, सहयोग और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इस तरह के आयोजन लोगों को साझा सामाजिक मूल्यों पर विचार करने का अवसर देते हैं।कार्यक्रम का संदेश भी इसी भावना से जुड़ा रहा कि धर्म, समुदाय और सामाजिक पृष्ठभूमि से अलग प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान और करुणा का भाव रखना चाहिए। मानव सेवा और भाईचारे जैसे मूल्य समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक रामवीर सिंह ने सच्ची भक्ति का बताया अर्थ
इस अवसर पर कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। जरूरतमंदों की सहायता करना, मानवता की सेवा करना और प्रत्येक व्यक्ति के प्रति प्रेम एवं करुणा का भाव रखना भी सच्ची भक्ति का स्वरूप है।उन्होंने भगवान श्री हनुमान जी के आदर्शों और नीब करौरी बाबा के प्रेरणादायी जीवन से सीख लेने पर जोर दिया। विधायक ने समाज में सेवा, समर्पण, संस्कार और सद्भाव की भावना को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।उनका संदेश था कि धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षाओं को दैनिक जीवन में अपनाना जरूरी है। यदि व्यक्ति अपने व्यवहार में विनम्रता, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा की भावना को स्थान देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार से लेकर समाज तक दिखाई दे सकता है।
मानव सेवा और भाईचारे पर रहा जोर
फिल्म के सामूहिक प्रदर्शन के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि समाज की मजबूती केवल विकास कार्यों से ही नहीं, बल्कि आपसी सहयोग और मानवीय मूल्यों से भी जुड़ी होती है। एक-दूसरे की जरूरतों को समझना, मुश्किल समय में सहायता करना और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।आशा बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, शिक्षामित्रों, पंचायत सहायकों और अन्य कर्मचारियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जोड़ा। ये लोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में समुदाय के साथ संपर्क रखते हैं। ऐसे में सेवा और संवेदनशीलता से जुड़े संदेशों का प्रसार व्यापक सामाजिक महत्व रखता है।आयोजन के माध्यम से यह संदेश सामने आया कि आध्यात्मिक प्रेरणा तभी सार्थक होती है, जब उसे व्यवहार में उतारकर दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाए।
आध्यात्मिक प्रेरणा के साथ सामाजिक एकता का संदेश
कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह की पहल पर आयोजित ‘हनुमान अंश’ फिल्म का सामूहिक प्रदर्शन सेवा, करुणा और भाईचारे के मूल्यों पर केंद्रित रहा। नीब करौरी बाबा के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों के जरिए लोगों को मानव कल्याण और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों और हिंदू-मुस्लिम समाज की साझा सहभागिता ने आपसी सम्मान और एकता का संदेश दिया। आयोजन का मूल भाव यही रहा कि समाज में प्रेम, सेवा, समर्पण और करुणा की भावना मजबूत हो तथा लोग मिल-जुलकर सामाजिक सद्भाव को आगे बढ़ाएं।
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