हांगकांग कोर्ट ने मीडिया टाइकून Jimmy Lai को 20 साल की जेल सजा

Digital Desk
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हांगकांग की एक उच्च न्यायालय ने सोमवार को मीडिया टाइकून और ब्रिटिश नागरिक जिमी लाई (Jimmy Lai) को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 20 साल की कठोर जेल सजा सुनाई है। लाई, जो कि लोकतंत्र समर्थक और चीन के आलोचक रहे हैं, को विदेशी शक्तियों के साथ साज़िश रचने और देशद्रोह संबंधी आरोपों में दोषी ठहराया गया था।20 साल की यह सजा हांगकांग के ‘नेशनल सिक्योरिटी लॉ’ के अंतर्गत अब तक दी गई सबसे कड़ी सजा मानी जा रही है। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और ली को “विदेशी साज़िश का मास्टरमाइंड” मानते हुए यह फैसला सुनाया। लाई ने कोर्ट में आरोपों से इनकार किया है और खुद को राजनीतिक कैदी बताया है।

जिमी लाई हांगकांग के सबसे प्रसिद्ध मीडिया टाइकून और लोकतंत्र समर्थक थे, जिन्होंने 1995 में एप्पल डेली (Apple Daily) नामक समाचार पत्र की स्थापना की थी। यह अखबार स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतंत्र समर्थक विचारों के लिए जाना जाता था।

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत आरोप

2019 के बड़े लोकतंत्र विरोध प्रदर्शनों के बाद चीन ने हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया। इस कानून के तहत लाई पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने विदेशी ताकतों के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला और हांगकांग में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की।

कोर्ट ने लाई को दो आरोपों — विदेशी शक्तियों के साथ साज़िश रचना और देशद्रोही सामग्री प्रकाशित करना — में दोषी पाया। यह मामला दिसंबर 2025 में उनके खिलाफ दोषसिद्धि के साथ समाप्त हुआ था, जिसके बाद सोमवार को सजा सुनाई गई।

अदालत के फैसले का विवरण

सज़ा और कानूनी प्रक्रिया

हांगकांग की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कुल 20 साल की सजा में से 18 साल लाई की पहले से चल रही धोखाधड़ी (fraud) मामले की सजा के साथ जुड़ेंगे। इससे उनकी जेल की अवधि और बढ़ सकती है। तीन न्यायाधीशों ने यह फैसला सुनाया, जिन्होंने लाई को साज़िश का प्रधान प्रेरक माना।

लाई के साथ उनके कई सह-आरोपी भी दोषी पाए गए। इनमें एप्पल डेली के पूर्व संपादक और कार्यकर्ता शामिल हैं, जिन्हें 6 साल 3 महीने से 10 साल तक की अलग-अलग सज़ाएँ सुनाई गईं।

कोर्ट रूम और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

जैसे ही सजा सुनाई गई, कोर्ट रूम में कुछ लोग भावुक हो गए और मोर्चे पर मौजूद समर्थकों ने गहराई से प्रतिक्रिया दी। कोर्ट में मौजूद लाई के परिवार और समर्थकों ने चिंता जताई कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए यह सज़ा लगभग जीवनभर की जेल के समान हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आलोचना

यह निर्णय वैश्विक स्तर पर गहरी आलोचना का विषय बन चुका है। मानवाधिकार समूहों और विदेशी नेताओं ने इसे प्रेस स्वतंत्रता पर बड़ा झटका बताया है। Human Rights Watch का कहना है कि 78 वर्षीय लाई पर 20 साल की सजा “एक तरह से मृत्यु सज़ा” जैसा है और यह न्यायपूर्ण नहीं है।

अमेरिका और ब्रिटेन के नेताओं ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री की ओर से बयान आया है कि यह मामला उन्होंने Xi Jinping के साथ बातचीत में भी उठाया है और प्रेस आज़ादी व मानवाधिकारों के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी पर ज़ोर दिया है।

चीन और हांगकांग प्रशासन ने इस फैसले को उचित और कानून के अनुसार आवश्यक बताया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना और बाहरी हस्तक्षेप को रोकना उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालांकि, यह तर्क मानवाधिकार समर्थकों द्वारा व्यापक रूप से आलोचित रहा है।

प्रेस स्वतंत्रता और हांगकांग का भविष्य

लोकतंत्र समर्थकों के लिए प्रभाव

जिमी लाई का मामला हांगकांग में प्रेस स्वतंत्रता और लोकतंत्र समर्थक आवाज़ों पर बढ़ते नियंत्रण का प्रतीक बन गया है। 2020 के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद से कई लोकतंत्र समर्थक नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। एप्पल डेली अखबार को 2021 में बंद कर दिया गया था।

भविष्य में संभावित बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले हांगकांग के स्वायत्तता और न्यायिक स्वतंत्रता पर लंबे समय तक असर डाल सकते हैं। विदेशियों और निवेशकों में विश्वास घट रहा है, और स्थानीय पत्रकारों के लिए स्वतंत्र रिपोर्टिंग करना कठिन होता जा रहा है।

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