जापान में ‘जांगमी’ तूफान का तांडव: 300 से ज्यादा उड़ानें रद्द, 47 हजार घरों की बत्ती गुल और भारी तबाही!

Editorial
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जापान में इस समय उष्णकटिबंधीय तूफान ‘जांगमी’ (टाइफून नंबर-6) ने ऐसी तबाही मचाई है कि पूरा देश थर्रा उठा है। आसमान से बरसती आफत और रफ्तार से चलती विनाशकारी हवाओं के चलते वहां जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। इस कुदरती कहर के चलते मंगलवार दोपहर तक विभिन्न हादसों में नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जबकि ओकिनावा और कागोशिमा प्रांतों में हाहाकार मचा हुआ है। यहाँ 47 हजार से अधिक घरों की बत्ती पूरी तरह गुल हो चुकी है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। चक्रवात का असर इस कदर घातक है कि कई जगहों पर जलभराव, पेड़ उखड़ने और तेज हवाओं में बड़ी-बड़ी चीजें उड़ने की खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा के मुताबिक, सुबह तक ही कागोशिमा और ओकिनावा में कई घरों को भारी नुकसान पहुंच चुका था और राहत टीमें युद्धस्तर पर तैनात हैं। परिवहन के मामले में तो इस तूफान ने जापान की रफ्तार पर जैसे पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। खराब मौसम और शून्य दृश्यता के चलते मुख्य रूप से क्यूशू क्षेत्र से आने-जाने वाली 300 से अधिक उड़ानें आनन-फानन में रद्द कर दी गईं, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए हैं। यही नहीं, एहतियात के तौर पर दो बड़े एक्सप्रेसवे मार्गों के 15 अहम हिस्सों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। रेल सेवाएं भी बुरी तरह चरमरा गई हैं, जहाँ एक मुख्य रेल लाइन पर परिचालन पूरी तरह ठप है, वहीं छह अन्य बड़े ऑपरेटरों ने अपनी 19 रेल लाइनों पर सेवाएं रोकने का बड़ा फैसला लिया है। समंदर में उठती गगनचुंबी लहरों को देखते हुए समुद्री परिवहन को भी रोक दिया गया है, जिसके तहत किंकी, शिकोकू, क्यूशू और ओकिनावा जैसे इलाकों में 57 कंपनियों के 64 नौवहन मार्गों पर जहाज और नावें जहां की तहां खड़ी कर दी गई हैं।

 

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) से मिले ताजा इनपुट्स के मुताबिक, जांगमी कागोशिमा प्रांत के याकूशिमा द्वीप से महज 140 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है और 30 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ रहा है। तूफान के केंद्र में हवाओं की रफ्तार 25 मीटर प्रति सेकंड तक दर्ज की जा रही है, जो अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह करने का माद्दा रखती है। इस चक्रवात की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके टकराने से पहले ही कागोशिमा प्रांत के अमागी कस्बे में पिछले 24 घंटों के भीतर 209.5 मिमी रिकॉर्डतोड़ बारिश हो चुकी है, जिसने जून महीने के इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आने वाले चौबीस घंटे जापान के लिए बेहद संवेदनशील और डराने वाले होने वाले हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि यह महातूफान दक्षिणी क्यूशू के बेहद करीब पहुंच चुका है और अगले दिन होंशू के दक्षिणी तट से होते हुए शिकोकू और कांतो क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लेगा। इसके चलते टोकाई और किंकी क्षेत्रों में 350 मिमी तक की मूसलाधार बारिश का अनुमान है, जो भारी तबाही ला सकती है। इसके अलावा इजु द्वीपों में 300 मिमी और शिकोकू में 250 मिमी तक पानी बरसने का भयंकर अलर्ट जारी किया गया है। सरकार ने टोक्यो महानगरीय क्षेत्र में भी भारी अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन के सुरक्षित ठिकानों पर जाने (इवेकुएशन) के निर्देशों का सख्ती से पालन करें, क्योंकि लापरवाही की कीमत जान देकर चुकानी पड़ सकती है।

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