हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र दोपहर 2 बजे से शुरू हो गया। इस सत्र को राज्य की आर्थिक और विकास योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्र के दौरान सरकार राज्य का बजट पेश करेगी, जिसमें विभिन्न विभागों के लिए धन आवंटन और नई योजनाओं की घोषणा की उम्मीद है।
- इस बार के बजट सत्र में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार पर्यटन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है।
- विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में
- सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी
- राज्य की दिशा तय करेगा बजट
विधानसभा परिसर में सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। सत्ता पक्ष जहां अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को प्रस्तुत करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष राज्य के विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।
इस बार के बजट सत्र में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार पर्यटन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है।
इसके अलावा, कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, युवाओं के लिए रोजगार और किसानों के हितों से जुड़े फैसलों की भी उम्मीद की जा रही है।
राजस्व बढ़ाने की चुनौती
हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था सीमित संसाधनों पर आधारित है। ऐसे में सरकार के सामने राजस्व बढ़ाने और वित्तीय संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। बजट में आय के नए स्रोत और खर्चों में संतुलन बनाने पर जोर दिया जा सकता है।
विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में
महंगाई और बेरोजगारी बन सकते हैं प्रमुख मुद्दे
विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह बजट सत्र के दौरान बेरोजगारी, महंगाई, बिजली दरों, कर्मचारियों की मांगों और विकास कार्यों की धीमी गति जैसे मुद्दों को उठाएगा।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार कई मोर्चों पर अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। ऐसे में सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
जनहित के मुद्दों पर चर्चा की मांग
विपक्षी दलों का कहना है कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें आम जनता को राहत देने वाले ठोस कदम शामिल होने चाहिए।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी
बजट सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि सत्र के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
विधानसभा के भीतर भी कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
राज्य की दिशा तय करेगा बजट
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट हिमाचल प्रदेश की आगामी आर्थिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें यह स्पष्ट होगा कि सरकार विकास, सामाजिक कल्याण और वित्तीय अनुशासन के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।
पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर राज्य के लिए सतत विकास और पर्यावरण संतुलन से जुड़े प्रावधान भी अहम रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों, किसानों, व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं की नजर इस बजट पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि सरकार महंगाई से राहत, रोजगार के अवसर और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगी।
उत्तर भारत के अन्य राज्यों, खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों की भी इस बजट पर नजर रहती है, क्योंकि कई नीतियां और मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी संदर्भ बनते हैं।
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