AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी बोले- एआई बढ़ा रहा मानव क्षमता

Digital Desk
6 Min Read

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की सबसे परिवर्तनकारी तकनीक बताते हुए कहा कि यह मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ाने वाला माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई का उद्देश्य मानव को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि उसकी क्षमताओं को बेहतर बनाना है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एआई को “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के सिद्धांत पर विकसित करना चाहता है, ताकि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का लक्ष्य केवल एआई का उपभोक्ता बनना नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसका जिम्मेदार और भरोसेमंद निर्माता बनना है।

इस समिट में देश-विदेश के टेक विशेषज्ञ, नीति निर्माता, स्टार्टअप फाउंडर और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। आयोजन को ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा एआई मंच माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि एआई को लेकर दुनिया में कई तरह की आशंकाएं हैं, लेकिन भारत का दृष्टिकोण सकारात्मक और संतुलित है। उन्होंने कहा कि एआई डॉक्टरों, शिक्षकों, किसानों और छोटे उद्यमियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के जरिए बीमारी की जल्दी पहचान संभव हो रही है, जबकि शिक्षा में यह व्यक्तिगत सीखने (Personalized Learning) को बढ़ावा दे रहा है। कृषि क्षेत्र में एआई आधारित डेटा किसानों को मौसम, फसल और बाजार की बेहतर जानकारी उपलब्ध करा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का फोकस ह्यूमन-सेंट्रिक एआई पर है, जहां तकनीक का उपयोग मानव जीवन को आसान और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

 जिम्मेदार और सुरक्षित एआई की जरूरत

समिट के दौरान प्रधानमंत्री ने एआई के नैतिक उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई के विकास के साथ-साथ डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

उन्होंने वैश्विक सहयोग की आवश्यकता बताते हुए कहा कि एआई जैसी शक्तिशाली तकनीक के लिए साझा मानक और नीतियां विकसित करना समय की मांग है। भारत इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

भारत का एआई विजन और बड़ी पहलें

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत तेजी से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, जो एआई विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है। आधार, यूपीआई और डिजिटल इंडिया जैसी पहलें एआई आधारित सेवाओं के विस्तार में मदद कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार India AI मिशन के तहत कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा सेट और स्किल डेवलपमेंट पर काम कर रही है। देश में एआई स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और युवा इस क्षेत्र में नए अवसर तलाश रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत का उद्देश्य लो-कॉस्ट, हाई-इम्पैक्ट एआई समाधान विकसित करना है, जिससे विकासशील देशों को भी लाभ मिल सके।

AI Impact Summit 2026, पीएम मोदी AI भाषण, Artificial Intelligence India, IndiaAI Mission, AI Impact Summit Live, AI India News, Uttar Pradesh AI Opportunities

उत्तर प्रदेश के लिए क्या मायने?

 स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर

AI Impact Summit का प्रभाव उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों पर भी देखने को मिल सकता है। लखनऊ, नोएडा और कानपुर जैसे शहर तेजी से आईटी और स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहे हैं।

एआई के बढ़ते उपयोग से डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार भी आईटी पार्क और डिजिटल स्किलिंग कार्यक्रमों पर जोर दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यूपी के युवाओं के लिए एआई एक बड़ा करियर विकल्प बन सकता है।

 शिक्षा और प्रशासन में एआई का उपयोग

उत्तर प्रदेश में एआई का उपयोग शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में भी बढ़ रहा है। स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाएं छात्रों और नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही हैं।

इसके अलावा, पुलिसिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और हेल्थ सेवाओं में एआई आधारित सिस्टम लागू किए जा रहे हैं, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार हो रहा है।

 वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति

AI Impact Summit में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं, जो एआई के क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी पर चर्चा कर रहे हैं। भारत ने इस मंच के जरिए खुद को जिम्मेदार और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में प्रस्तुत किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी और तेजी से बढ़ता डिजिटल इकोसिस्टम है, जो एआई नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। उन्होंने स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योग जगत को मिलकर काम करने की अपील की।

 एआई का भविष्य और आम लोगों पर प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में एआई का प्रभाव स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, कृषि और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में और बढ़ेगा। इससे सेवाएं तेज, सटीक और किफायती होंगी।

हालांकि, इसके साथ स्किल अपग्रेडेशन की जरूरत भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने युवाओं से नई तकनीकों को सीखने और डिजिटल कौशल विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यदि एआई का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो यह आर्थिक विकास, सामाजिक सुधार और जीवन स्तर में सुधार का बड़ा माध्यम बन सकता है।

read more:https://news7hindi.com/rajya-sabha-elections-in-himachal-on-march-16-indu-balas-tenure-ends/

for advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment