हिंदू धर्म में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। इसी क्रम में लंबे समय से चल रहा खरमास अब 14 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है। इसके खत्म होते ही एक बार फिर से विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।
खरमास को ज्योतिष शास्त्र में ऐसा समय माना जाता है जब सूर्य देव की स्थिति के कारण कोई भी मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि इस अवधि में शादियों और बड़े आयोजनों पर रोक लगी रहती है।
उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में लोग इस समय के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसके बाद ही विवाह समारोहों की धूम शुरू होती है।
अप्रैल से शुरू होंगे विवाह के शुभ मुहूर्त
खरमास समाप्त होने के कुछ दिनों बाद, 19 अप्रैल से विवाह के लिए पहला शुभ मुहूर्त शुरू होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह दिन शादी के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है और इस दिन बड़ी संख्या में शादियां होने की संभावना है।
इसके बाद अप्रैल और मई में कई अन्य शुभ तिथियां भी उपलब्ध हैं, जिनमें लोग अपने विवाह कार्यक्रम तय कर सकते हैं।

शादी सीजन में बढ़ेगी रौनक
विवाह मुहूर्त शुरू होते ही बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगेगी। ज्वेलरी, कपड़ा, बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग और डेकोरेशन जैसे कारोबारों में तेजी आएगी।
उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शादी सीजन का खास असर देखने को मिलता है, जहां होटल और मैरिज हॉल पहले से ही बुक हो जाते हैं।
खरमास क्या होता है और क्यों नहीं होते शुभ कार्य?
खरमास वह अवधि होती है जब सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करता है। इस दौरान सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है, जिसके कारण कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है, इसलिए विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्य इस अवधि में नहीं किए जाते।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास के दौरान भगवान विष्णु की उपासना और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। यह समय आध्यात्मिक साधना के लिए उपयुक्त होता है, न कि सांसारिक आयोजनों के लिए।
इसी वजह से लोग इस अवधि में विवाह जैसे कार्यक्रमों को टाल देते हैं और शुभ मुहूर्त का इंतजार करते हैं।
उत्तर प्रदेश में शादी सीजन की तैयारियां तेज
खरमास समाप्त होने के साथ ही उत्तर प्रदेश में शादी की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। बाजारों में खरीदारी का दौर शुरू हो चुका है और लोग अपने-अपने कार्यक्रमों की योजना बना रहे हैं।
लखनऊ और आसपास के इलाकों में मैरिज हॉल, बैंड-बाजा और कैटरिंग सेवाओं की बुकिंग तेजी से हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार शादी सीजन काफी व्यस्त रहने वाला है।
इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी वेडिंग शॉपिंग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो बदलते समय का संकेत है।
शादी से जुड़े कारोबार में आएगी तेजी
शादी का सीजन शुरू होते ही कई उद्योगों को सीधा फायदा होता है। इसमें कपड़ा उद्योग, ज्वेलरी, ट्रैवल, होटल और इवेंट मैनेजमेंट शामिल हैं।
व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार अच्छा कारोबार होगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
शादी सीजन के दौरान अस्थायी रोजगार के अवसर भी बढ़ जाते हैं। डेकोरेशन, फोटोग्राफी, मेकअप आर्टिस्ट और कैटरिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को अधिक अवसर मिलते हैं।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के साथ ही एक बार फिर से मांगलिक कार्यों का शुभ समय शुरू होगा। 19 अप्रैल से विवाह मुहूर्त की शुरुआत लोगों के लिए खुशियों का संदेश लेकर आएगी।
उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में शादी समारोहों की धूम देखने को मिलेगी, जिससे न केवल सामाजिक बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
यह समय न केवल परिवारों के लिए बल्कि व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सभी की नजरें अब आने वाले विवाह सीजन पर टिकी हुई हैं।
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