ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल आज मनाया जा रहा है, जिसे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है, लेकिन ज्येष्ठ माह के मंगलवार का महत्व विशेष रूप से अधिक होता है। इसी कारण इसे ‘बड़ा मंगल’ कहा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उत्तर प्रदेश के शहरों—खासकर लखनऊ, कानपुर और वाराणसी—में इस दिन मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिलती है और जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया जाता है।

बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार का संबंध कई महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि इसी माह में भगवान राम और हनुमान जी का पहला मिलन हुआ था। यही नहीं, इसी माह के एक मंगलवार को हनुमान जी ने लंका दहन कर अपनी शक्ति और भक्ति का परिचय दिया था।
इन मान्यताओं के चलते ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार का महत्व बढ़ जाता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
बड़ा मंगल 2026 की तिथियां
साल 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक चलेगा। इस दौरान कुल आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो इस प्रकार हैं:
प्रमुख तिथियां
- पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026
- दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026
- तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026
- चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026
- पांचवां बड़ा मंगल – 2 जून 2026
- छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026
- सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026
- आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026
इन सभी तिथियों पर श्रद्धालु विशेष पूजा और दान-पुण्य करते हैं।
बड़ा मंगल पर पूजा विधि
बड़ा मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर या मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं और पूजा शुरू करें।
हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, फूल और प्रसाद अर्पित करें। इसके साथ ही हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान श्रद्धा और एकाग्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे सभी बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
बड़ा मंगल पर दान का महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ज्येष्ठ माह में गर्मी अपने चरम पर होती है, इसलिए इस समय पानी का दान सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगवाना या राहगीरों को पानी पिलाना अत्यंत फलदायी होता है।
इस दिन पूड़ी-सब्जी, हलवा और अन्य व्यंजनों का भंडारा करना शुभ माना जाता है। उत्तर प्रदेश में बड़े मंगल पर भंडारा एक प्रमुख परंपरा है, जिसमें हजारों लोग भाग लेते हैं।
इसके अलावा लड्डू, गुड़-चना, वस्त्र और जरूरतमंदों को भोजन कराना भी पुण्यदायी माना गया है। यह दान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है।
हनुमान जी को क्या भोग लगाएं?
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को कुछ विशेष भोग अत्यंत प्रिय हैं। इनमें मोतीचूर या बेसन के लड्डू, इमरती, गुड़-चना और पान शामिल हैं।
इन भोगों को अर्पित करने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूजा के बाद इन प्रसादों को श्रद्धालुओं में बांटना भी शुभ माना जाता है।
उत्तर प्रदेश में बड़ा मंगल का विशेष महत्व
उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ में बड़ा मंगल का अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। जगह-जगह भंडारे, सेवा शिविर और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भाव का भी संदेश देता है।
बड़ा मंगल केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और समाजिक एकजुटता का प्रतीक है। इस दिन की गई पूजा, दान और सेवा से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।
यदि श्रद्धालु सच्चे मन से पूजा करें और जरूरतमंदों की सहायता करें, तो यह पर्व उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि ला सकता है।
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